केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कांग्रेस पर माओवादी पार्टी में बदलने का आरोप लगाया। यह आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में दिमागी नक्सलियों के जिक्र को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच लगाया गया। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हालांकि जंगलों में सक्रिय हथियारबंद नक्सलियों को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में दिमागी नक्सली अभी भी मौजूद हैं और उन्हें पहचानकर अलग-थलग करने की ज़रूरत है।
इन बयानों की विपक्ष के नेताओं ने आलोचना की; कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने 'X' पर कहा कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है। ANI से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि मोदी की टिप्पणी किसी खास विपक्षी पार्टी के लिए नहीं थी, लेकिन उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने मान लिया कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान नेशनल एडवाइजरी काउंसिल पर ऐसी विचारधारा वाले लोगों का कब्ज़ा था और दावा किया कि अब कांग्रेस माओवाद की ओर बढ़ती दिख रही है।
उन्होंने वैचारिक नक्सलवाद को अलगाववादी सोच और अनुच्छेद 370 को बहाल करने या पूर्वोत्तर को भारत के बाकी हिस्सों से अलग करने जैसी मांगों का समर्थन करने वाला बताया। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी माओवादी और नक्सलवादी संगठन में बदल गई है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी पहले ही मुस्लिम लीग जैसी हो चुकी है और अब माओवादी पार्टी बनने की दिशा में बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी की बातें, भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद को एक बड़ा खतरा बताने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आकलन जैसी ही थीं।
रिजिजू ने सिंह के 2006 के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया था। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस को मोदी की बातों की आलोचना करने के लिए सिंह के परिवार से माफ़ी मांगनी चाहिए। रिजिजू ने आगे आरोप लगाया कि जिन्हें उन्होंने दिमागी नक्सली कहा, उन्होंने नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई, बल्कि उनकी मौत का जश्न मनाया।
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मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। आमिर खान और सनी देओल आज हिंदी सिनेमा के उन बड़े नामों में शामिल हैं, जिनकी अपनी अलग पहचान है। दोनों ने अपने लंबे करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं और अब सालों बाद एक बार फिर पर्दे से जुड़े एक प्रोजेक्ट को लेकर साथ आए हैं। लेकिन इन दोनों कलाकारों का रिश्ता सिर्फ हाल के वर्षों का नहीं है।
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