Responsive Scrollable Menu

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "category_list" on null

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

  Recommended

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 290

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 290
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डेटा चोरी, डोनाल्ड ट्रंप का देश के नाम संबोधन, अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में पिछले चुनावों के नतीजों पर शक जताया है। गुरुवार शाम (भारतीय समय में शुक्रवार सुबह) अपने भाषण में ट्रंप ने एक बार फिर वो बातें कही हैं, जिनका इस्तेमाल वे 2020 के चुनाव में अपनी हार को नकारने के लिए करते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि 18 राज्यों के मतदाताओं का डेटा चीन द्वारा हैक या चोरी किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज मैं ऑफिस ऑफ़ द डायरेक्टर ऑफ़ नेशनल इंटेलिजेंस, डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस, FBI और CIA से कह रहा हूँ कि वे इस बात की जाँच करें कि इतनी अहम जानकारी कैसे और क्यों छिपाई गई, इस मामले को छिपाने में शामिल लोगों को नौकरी से निकालें और अगर सही लगे तो उन पर आपराधिक आरोप लगाएँ। लेकिन चीन की दखलअंदाज़ी को छिपाना तो बस शुरुआत थी। हम जो दस्तावेज़ों का तीसरा सेट जारी कर रहे हैं, उससे साबित होता है कि कई सालों तक हमारे चुनाव की सुरक्षा को लेकर अमेरिकियों से साफ़-साफ़ झूठ बोला गया। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल हैं, और उनसे आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका ने अगर पावर नेटवर्क पर किया अटैक तो...ईरान ने Houthis को दे दिया ऐसा निर्देश, इस तुरुप के इक्के से घबरा जाएंगे सारे देश

हमारा मानना ​​है कि अमेरिका के विरोधी - जिनमें कम से कम रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया के साथ-साथ गैर-सरकारी समूह भी शामिल हैं - अमेरिका के चुनावी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचाने की क्षमता रखते हैं। दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि चुनाव से जुड़े सेंट्रलाइज़्ड डेटा स्टोर - जैसे वोटर रजिस्ट्रेशन डेटाबेस, पोलबुक और चुनाव की आधिकारिक वेबसाइटें सबसे ज़्यादा खतरे में हैं और विरोधी इन सिस्टम्स तक पहुँच बनाकर चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं। आज रात, हम जनवरी 2020 से जून 2026 तक की ये सभी जानकारियाँ जारी कर रहे हैं। यह हमारे लोकतंत्र की नींव पर किया गया एक साइबर हमला है।

इसे भी पढ़ें: China की दोस्ती से चिढ़े ट्रंप ने फोड़ा पुल, ईरानियों ने फिर गजब कर दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि चीनी सरकार ने चुनाव से पहले अमेरिकी जनता की राय को प्रभावित करने की कोशिश की। उनके बारे में नेगेटिव खबरें छापने के लिए अमेरिकी पत्रकारों को पैसे दिए गए। ट्रंप ने दावा किया कि चीनी सरकार चाहती थी कि वे चुनाव हार जाएं। इसके लिए उन्होंने पत्रकारों को रकम की पेशकश की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सांसदों से 'सेव एक्ट' पास करने की मांग की है। इस कानून के तहत वोटिंग पर कई तरह की पाबंदियां और शर्तें लगाई जाएंगी और वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं सभी अमेरिकियों से कहता हूं कि हाउस और सीनेट में अपने प्रतिनिधियों से मांग करें कि वे बिना किसी देरी के सेव अमेरिका एक्ट पास करें।

Continue reading on the app

नरसिंहपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही: मृत शिक्षक को भेजा ई-अटेंडेंस नोटिस, मचा हड़कंप

नरसिंहपुर जिले के करेली जनपद अंतर्गत पिपरिया स्थित रितुआ टोला प्राथमिक शाला से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने करीब सात महीने पहले दिवंगत हो चुके एक शिक्षक के नाम ई-अटेंडेंस नहीं लगाने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। यह नोटिस 11 जुलाई 2026 को जारी हुआ, जबकि संबंधित शिक्षक का निधन 28 दिसंबर 2025 को हो चुका था।

परिजनों का कहना है कि शिक्षक के निधन के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज समय पर विभाग में जमा करा दिए गए थे। इसके बावजूद उनके नाम से नोटिस जारी होना न सिर्फ विभागीय लापरवाही को दिखाता है, बल्कि रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।

रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब शिक्षक की मृत्यु की जानकारी विभाग के पास पहले से मौजूद थी, तब उनका नाम ई-अटेंडेंस पोर्टल पर सक्रिय कैसे बना रहा। यदि समय पर रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाता, तो इस तरह की स्थिति सामने नहीं आती। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम तभी प्रभावी माना जाता है, जब उसमें दर्ज जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाए और विभागीय स्तर पर उसकी निगरानी भी हो।

 

सरकारी विभागों में अब अधिकांश काम ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड, स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति या मृत्यु जैसी महत्वपूर्ण जानकारी समय पर दर्ज नहीं होती, तो इससे न केवल प्रशासनिक भ्रम पैदा होता है, बल्कि संबंधित परिवारों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह मामला इसी तरह की लापरवाही का उदाहरण माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सभी जिलों में डिजिटल रिकॉर्ड का समय-समय पर ऑडिट होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के दिए निर्देश

मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रारंभिक प्रतिक्रिया में कहा कि यह संभवतः तकनीकी त्रुटि या रिकॉर्ड अपडेट न होने की वजह से हुआ है। साथ ही उन्होंने संबंधित पोर्टल में रिकॉर्ड दुरुस्त कराने और पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि रिकॉर्ड अपडेट करने में किस स्तर पर चूक हुई और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

शिक्षा विभाग के लिए यह मामला केवल एक तकनीकी गलती तक सीमित नहीं माना जा रहा, क्योंकि इससे विभाग की कार्यप्रणाली और डेटा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। यदि किसी कर्मचारी के निधन के कई महीने बाद भी उसका रिकॉर्ड सक्रिय रहता है, तो इससे अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ सकता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ होगा कि यह केवल सिस्टम की तकनीकी समस्या थी या विभागीय स्तर पर लापरवाही हुई। वहीं परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी।

Continue reading on the app

  Sports

भारत-न्यूजीलैंड सीरीज के बाद टीम का साथ छोड़ेगा ये दिग्गज, ऑस्ट्रेलिया की BBL लीग में बना नया हेड कोच

Luke Ronchi: टीम इंडिया के न्यूजीलैंड दौरे के बाद कीवी टीम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. टीम के एक दिग्गज कोच ने ऑस्ट्रेलिया की टी20 लीग बिग बैश लीग के चलते अपना पद छोड़ने का फैसला ले लिया है. Fri, 17 Jul 2026 11:47:15 +0530

  Videos
See all

Sonam Wangchuk। Pawan Khera। सोनम वांगचुक से मिलकर क्या बोले पवन खेड़ा?। #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-17T08:14:30+00:00

Firozabad News: फिरोजाबाद में 2 बदमाश एनकाउंटर में ढेर, गोली लगने से 2 सिपाही भी घायल | Police #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-17T08:15:33+00:00

NEET UG Result 2026 : कैसे बना Uplakshya Goyal NEET Topper? #neetugresult #neetresult #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-17T08:15:35+00:00

Hydrogen Train News: देश को मिली पहली हाइड्रोजन ट्रेन, PM Modi ने क्या कहा? | Top News | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-17T08:07:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers