सऊदी अरब उस एयरपोर्ट को आज तक चालू नहीं कर पाया है। वहीं अब बंद रखने की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है। यही नहीं होती ने तो पहले ही भयंकर वार्निंग तक पूरी दुनिया को दे रखी है कि अपनी एयरलाइंस को रिस्क लेकर ही सऊदी के किसी एयरपोर्ट पर उतारना। यमन के होती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऊपर ऐसा तगड़ा मिसाइल और ड्रोन अटैक किया था जिसने पूरे खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया। सऊदी अरब को आनन-फानन में ना सिर्फ आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा बल्कि जी जान और नजरान के हवाई अड्डों पर भी ताला लटकाना पड़ गया। अमेरिका की फेडरल एिएशन एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफए की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा खतरों को देखते हुए सऊदी अरब ने इन तीनों एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का सस्पेंशन आगे बढ़ा दिया है। इस एक फैसले ने पूरी दुनिया के कई हवाई ट्रैफिक हिला कर रख दिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ानों की रण मानी जाने वाली फ्लाई दुबई, एयर अरबिया और एयर कायरा ने आभा एयरपोर्ट के लिए अपनी सारी उड़ानों को रद्द कर रखा है। वहीं खुद सऊदी अरब की सरकारी एयरलाइन सऊदिया और बजट एयरलाइंस जैसे फ्लाई नास और फ्लाई अडील इनके विमान भी रियाद और जिद्दाह के रनवे पर खड़े-खड़े धूल फांक रहे हैं। सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हैं और सऊदी अरब का पूरा एिएशन सेक्टर इस वक्त बैकफुट पर आ चुका है। अब बड़ा सवाल यह उठने लगा कि अचानक यह जंग इतनी भयानक कैसे हो गई? दरअसल साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों से दोनों देशों के बीच एक शांति समझौता कराया गया था। लेकिन सोमवार को यह शांति कांच की तरह टूट गया। पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने दावा किया कि ईरान की महान एयरलाइन का एक विमान बिना किसी परमिशन के सना के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा है। जो हूतियों के कब्जे में है। इस कथित गैर कानूनी उड़ान को रोकने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना एयरपोर्ट के रनवे पर स्ट्राइक कर दी। बस इसी एयर स्ट्राइक की आग ने हूती विद्रोहियों को भड़का कर रख दिया।
सना एयरपोर्ट पर हुए इस हमले के कुछ ही घंटों के भीतर हूती सेना के प्रवक्ता या एसआर टीवी पर लाइव आ गए। उन्होंने साफ कहा कि आभा एयरपोर्ट पर हुआ हमला सऊदी की तानाशाही का सीधा करारा जवाब है। लेकिन हूतियों ने सिर्फ हमला नहीं किया बल्कि दुनिया को भी धमकी देकर उसने ग्लोबल हड़कंप मचा दिया। हुती ग्रुप ने सीधे शब्दों में कहा जब तक सना हवाई अड्डे पर लगी सऊदी की पाबंदियां पूरी तरह हटती नहीं तब तक दुनिया की कोई भी कमर्शियल एयरलाइन सऊदी के आसमान में दाखिल ना हो। अगर कोई विमान आता है तो वह अपने रिस्क पर आएगा। इस खुली धमकी के बाद से ही दुनिया भर की विमानन कंपनियों में डर का माहौल बैठ गया क्योंकि मिसाइलों और ड्रोन के इस दौर में कोई भी पैसेंजर फ्लाइट को खतरे में नहीं डालना चाहता। पूतियों के इस आक्रामक रोग को देखते हुए अब दुनिया की महाशक्तियां भी अलर्ट मोड पर हैं।
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पश्चिम एशिया में फिर से छिड़ी जंग के बीच, ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह पर बना एक निगरानी टावर हालिया अमेरिकी हमलों में गिर गया है। चाबहार बंदरगाह अफ़गानिस्तान के लिए व्यापार का एक अहम रास्ता है, जिसे ईरान भारत की मदद से चला रहा था। सोशल मीडिया पर चाबहार टावर को हुए नुकसान की तस्वीरें शेयर की गईं और बाद में, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी वह तस्वीर शेयर की जिसमें धूल और धुएं के गुबार के बीच एक टावर जैसी संरचना ढहती हुई दिखाई दे रही है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ़ हमलों में बार-बार चाबहार बंदरगाह को निशाना बनाया है। हालांकि ईरानी मीडिया ने इस जगह पर हमलों के तीसरे दौर की पुष्टि की, लेकिन उसने तुरंत टावर के गिरने की बात नहीं मानी। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रात भर चले अमेरिकी हमलों में ईरान में आठ लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए।
अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेनाओं ने लगातार छठी रात ईरान के खिलाफ़ हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ये हमले शाम 6 बजे GMT पर शुरू हुए और इनका मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमज़ोर करना था। IRNA समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के कई प्रांतों में कुछ बुनियादी ढांचों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। खबरों के अनुसार, दक्षिणी प्रांत होर्मोज़गन में छह पुलों को भी निशाना बनाया गया। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 22 जून को शुरू हुई नई झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है, जबकि 400 लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने ओमान में अमेरिका के दो रडार ठिकानों को "निशाना बनाकर नष्ट" कर दिया है; इनमें से एक का इस्तेमाल समुद्री निगरानी के लिए और दूसरे का हवाई निगरानी के लिए किया जाता था। इलाके में हमले जारी रहने के बीच, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की तीन मिसाइलों को मार गिराया है। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ईरान ने यह भी कहा कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जबकि बहरीन और कतर में भी शुक्रवार तड़के हमलों की सूचना मिली।
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