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झटका! 4000 रुपये तक महंगे हुए Realme के ये 5 फोन; देखें नई कीमतें

Realme ने भारत में Realme 16 Pro+, 16 Pro, 16T 5G समेत कई स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ा दी हैं, कुछ मॉडल अब 4,000 रुपये तक महंगे हो गए हैं। कंपनी के C-series के कुछ फोन भी महंगे हुए हैं।

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MPESB Patwari Recruitment 2026: पटवारी समेत 2106 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका, ऐसे करें Apply

MPESB की ग्रुप-2 और सब ग्रुप-4 भर्ती में शामिल पटवारी समेत विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख आज है। ऐसे उम्मीदवार जो पात्र होने के बावजूद अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके पास 18 अगस्त 2026 तक फॉर्म जमा करने का मौका है। उम्मीदवारों को सलाह है कि आखिरी समय में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक या तकनीकी समस्या से बचने के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द पूरी कर लें।

2106 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2106 पदों को भरा जाना है। पदों का कैटेगरी वाइज विवरण इस प्रकार है—
सामान्य वर्ग: 608 पद
OBC: 613 पद
EWS: 207 पद
SC: 274 पद
ST: 404 पद
इन पदों में पटवारी समेत ग्रुप-2 और सब ग्रुप-4 के विभिन्न पद शामिल हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?
MPESB भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है।

आयुसीमा 
उम्र की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है।

कितनी है आवेदन फीस?
आवेदन शुल्क उम्मीदवार की कैटेगरी के अनुसार निर्धारित किया गया है। उपलब्ध भर्ती विवरण के मुताबिक
अनारक्षित वर्ग: ₹500
आरक्षित वर्ग: ₹250
उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के दौरान निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।

22 सितंबर को होगी परीक्षा
MPESB की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार भर्ती परीक्षा 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी।
पहली शिफ्ट: सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
दूसरी शिफ्ट: दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक
उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और अन्य जरूरी निर्देशों की जानकारी एडमिट कार्ड के जरिए मिलेगी।

आज ही पूरा कर लें आवेदन
पटवारी समेत इन पदों पर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आवेदन का आज आखिरी मौका है। इसलिए पात्र अभ्यर्थी समय सीमा समाप्त होने से पहले आवेदन फॉर्म भरकर शुल्क जमा कर दें। आवेदन सबमिट करने के बाद उसकी कॉपी सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

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  Sports

David Warner के बाद Australia की सलामी जोड़ी पर संकट, Matt Renshaw लौटे और Labuschagne के लिए बढ़ी मुश्किलें

ऑस्ट्रेलिया की टीम को बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली शर्मनाक हार के बाद चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लिया है। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट के बाद जैक वेदराल्ड को टीम से बाहर कर दिया गया है। अब उनकी जगह मैट रेनशॉ को अगले टेस्ट के लिए शुरुआती बल्लेबाज के तौर पर मौका मिलने की उम्मीद है।

जैक वेदराल्ड के लिए डार्विन टेस्ट की शुरुआत बेहद खराब रही थी। पहली गेंद पर उन्होंने ऑफ स्टंप से काफी बाहर जाती गेंद पर गलत शॉट खेलने की कोशिश की। इसके बाद अगली गेंद भी ज्यादा प्रभावी नहीं रही। तीसरी गेंद पर उन्होंने ऑफ स्टंप के करीब आई गेंद को काटने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर विकेटों पर जा लगी। इस तरह छह मिनट से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई।

वेदराल्ड के लिए यह मुकाबला खास था क्योंकि डार्विन को उनकी घरेलू वापसी के लिए सही मंच माना जा रहा था। लेकिन वह मौके का फायदा नहीं उठा सके। छह टेस्ट में उनके नाम केवल एक अर्धशतक है और उनका बल्लेबाजी औसत 20.36 रहा है। ऐसे प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की हार ने उनकी स्थिति और कमजोर कर दी।

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में अपने तेज गेंदबाजों के दम पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन बांग्लादेश के शीर्ष क्रम ने उन्हें काफी आसानी से खेला। इसी वजह से चयनकर्ताओं के सामने ऊपरी क्रम में बदलाव का दबाव बढ़ गया। माना जा रहा है कि अगर ऑस्ट्रेलिया डार्विन में हार से बच जाता तो वेदराल्ड को एक और मौका मिल सकता था।

अब मैट रेनशॉ के लिए वापसी का रास्ता खुल गया है। रेनशॉ ने पिछले घरेलू सत्र में क्वींसलैंड के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने शेफील्ड शील्ड में 46.09 की औसत से रन बनाए और दो शतक भी लगाए। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया की एशेज टीम में वेदराल्ड से पीछे रह गए थे।

गौरतलब है कि रेनशॉ ने अब तक 14 टेस्ट खेले हैं और उनकी पिछली तीन टेस्ट पारियां मध्यक्रम में आई थीं। उनका आखिरी टेस्ट मैच 2023 की शुरुआत में दिल्ली में हुआ था। अब मैके में उन्हें फिर से पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी मिल सकती है। इससे पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में भी सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई थी।

वॉर्नर के संन्यास के बाद से ऑस्ट्रेलिया अब तक नौ अलग-अलग सलामी बल्लेबाज आजमा चुका है। ऐसे में रेनशॉ के लिए यह मौका बेहद अहम है। उनके मार्गदर्शक उस्मान ख्वाजा भी लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में लौटकर सफल रहे थे और रेनशॉ उनसे प्रेरणा ले सकते हैं।

दूसरी ओर, मार्नस लाबुशेन पर भी दबाव बढ़ गया है। कोच और चयनकर्ता एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने उन्हें साफ संकेत दिया है कि टीम में जगह बनाए रखने के लिए उन्हें बड़ी पारियां खेलनी होंगी। डार्विन की दूसरी पारी में लाबुशेन ने 31 रन बनाए और तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका खेल बेहतर नजर आया, लेकिन मैकडोनाल्ड के मुताबिक यह पारी सिर्फ 31 रन तक ही सीमित रही।

लाबुशेन का टेस्ट औसत अब 44.16 तक गिर चुका है, जबकि एक समय उनका औसत 60 के आसपास था। तीन साल से टेस्ट शतक नहीं लगा पाने के कारण मैके में उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। अगले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य श्रृंखला बराबर करना होगा, क्योंकि घरेलू मैदान पर बांग्लादेश से श्रृंखला हारना टीम के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
Tue, 18 Aug 2026 22:18:05 +0530

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