Responsive Scrollable Menu

Video: बल्लेबाज के शॉट से अंपायर हुआ चोटिल, DPL में दिखा ये दर्दनाक नजारा

दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के एक रोमांचक मुकाबले के दौरान दर्दनाक घटना हुई, जब एक बल्लेबाज के तेज स्ट्रेट ड्राइव सीधे ऑन-फील्ड अंपायर के चेहरे पर जा लगी. अंपायर को गंभीर चोट आई और उन्हें ICU में भर्ती कराना पड़ा.

The post Video: बल्लेबाज के शॉट से अंपायर हुआ चोटिल, DPL में दिखा ये दर्दनाक नजारा appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

सुप्रीम कोर्ट में फांसी सिस्टम खत्म करने की याचिका खारिज:मौत के लिए जहरीले इंजेक्शन या गोली मारने जैसे तरीकों की मांग की गई थी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने की मौजूदा व्यवस्था खत्म करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका में फांसी की जगह जहरीले इंजेक्शन, गोली मारने, बिजली की कुर्सी या गैस चैंबर जैसे वैकल्पिक तरीकों की मांग की गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि उसका फैसला केंद्र को फांसी की मौजूदा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने से नहीं रोकता। केंद्र किसी विशेषज्ञ संस्था से यह जांच करा सकता है कि कोई वैकल्पिक तरीका दोषी को अनावश्यक पीड़ा से बचाने और उसकी गरिमा बनाए रखने के लिहाज से बेहतर है या नहीं। याचिका में कहा था- कम दर्द देने वाले तरीके अपनाए जाएं वरिष्ठ वकील ऋषि मल्होत्रा ने 2017 में यह याचिका दायर की थी। इसमें मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने की व्यवस्था को कानून से हटाने की मांग की गई थी। याचिका में कानून आयोग की 187वीं रिपोर्ट का हवाला दिया गया था। याचिका में कहा गया था कि फांसी की जगह कम पीड़ादायक तरीके अपनाए जाएं। बहस के दौरान मल्होत्रा ने यह भी कहा था कि मौत की सजा पाए कैदी को फांसी और जहरीले इंजेक्शन में से कोई एक तरीका चुनने का ऑप्शन मिलना चाहिए। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा था डेटा सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2023 में कहा था कि वह मौत की सजा देने के लिए फांसी के तरीके की पीड़ादायकता और प्रभाव को लेकर विशेषज्ञ समिति बनाने पर विचार कर सकता है। कोर्ट ने केंद्र से इस मुद्दे पर बेहतर डेटा भी मांगा था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह विधायिका को मौत की सजा के लिए कोई खास तरीका अपनाने का निर्देश नहीं दे सकता। केंद्र ने फांसी को तेज और आसान तरीका बताया था केंद्र ने 2018 में फांसी की मौजूदा व्यवस्था का बचाव किया था। गृह मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा था कि फांसी से मौत तेज और आसान होती है और इससे कैदी का दर्द नहीं बढ़ता। केंद्र ने कहा था कि जहरीले इंजेक्शन और गोली मारने जैसे वैकल्पिक ऑप्शन भी कम पीड़ादायक नहीं हैं। चर्चित मामले, जिनमें मौत की सजा और फांसी पर बहस हुई यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

Continue reading on the app

  Sports

पहली गेंद पर आउट… इस मामले में टॉप पर टीम इंडिया, जानिए कितनी बार हुआ ये हादसा?

इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट मैच की पहली ही गेंद पर पाकिस्तान ने अपने ओपनर का विकेट गंवा दिया. मगर पाकिस्तान के पूरे क्रिकेट इतिहास में ये सिर्फ दूसरी बार हुआ था. इस मामले में टॉप पर टीम इंडिया है Thu, 20 Aug 2026 00:15:10 +0530

  Videos
See all

घर में घुसे परिजन, युवती को जबरन ले गए! | #shorts #shortvideo #viralvideo #viralshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-19T21:00:19+00:00

Uttarakhand News:उत्तराखंड में बिना रजिस्ट्रेशन वाले मदरसों पर ताला? Minority Education | Dehradun #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-19T21:00:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers