सरकार ने ईवी, हाइड्रोजन और सीएनजी से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों की आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का रखा प्रस्ताव
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परमिट प्रणाली के अंतर्गत आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों और प्राकृतिक गैस (सीएनजी) से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों की निर्धारित आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा हाल ही में जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह प्रस्ताव राष्ट्रीय परमिट प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल प्रक्रियाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए एक मसौदा
संशोधन का हिस्सा है, जिन पर सरकार ने आम जनता, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित किए हैं। इसके लिए 30 दिनों का समय दिया गया है। इन सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम नियमों को राजपत्र (गजट) में प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद ही वे लागू होंगे।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर), 1989 में संशोधन के मसौदे में प्रस्तावित प्रावधान में राष्ट्रीय परमिट प्रक्रियाओं को सरल बनाने और प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का भी प्रयास किया गया है।
मुख्य प्रस्ताव नियम 88 में है, जो राष्ट्रीय परमिट प्रणाली के अंतर्गत वाहनों की आयु सीमा निर्धारित करता है। मंत्रालय ने बैटरी से चलने वाले हाइड्रोजन ईंधन आधारित और सीएनजी से चलने वाले वाहनों के लिए इन सीमाओं को 5 साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
यदि इसे अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो मौजूदा 12 वर्ष और 15 वर्ष की सीमाएं प्रभावी रूप से क्रमशः 17 और 20 वर्ष हो जाएंगी। यह संशोधन सभी वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक समान विस्तार नहीं है। यह विशेष रूप से नियम 88 के अंतर्गत आने वाले वाहनों पर लागू होता है। हालांकि अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संशोधन के बाद इन वाहनों की अधिकतम अनुमत आयु कितनी होगी। साथ ही प्रस्तावित विस्तार सभी वाणिज्यिक वाहनों पर लागू नहीं होगा और यह केवल कुछ वाहनों तक ही सीमित रहेगा।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब सरकार वाणिज्यिक परिवहन में स्वच्छ वाहनों का उपयोग बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
सरकार ने राष्ट्रीय परमिट प्रणाली को भी अधिक डिजिटल और सरल बनाने का प्रस्ताव रखा है। मसौदा नियमों के अनुसार, आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार एक बार में अधिकतम पांच वर्ष की अवधि के लिए राष्ट्रीय परमिट प्राधिकरण प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए प्रति वर्ष 16,500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसे राष्ट्रीय परमिट खाते में जमा करना होगा।
इसके अलावा, राष्ट्रीय परमिट के लिए फॉर्म-46 के माध्यम से आवेदन और फॉर्म-47 के तहत अनुमति प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। इससे परिवहन क्षेत्र में कागजी कार्यवाही कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
मंत्रालय ने अस्थायी पंजीकरण से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए हैं। यदि किसी वाहन का केवल चेसिस है और उस पर अभी बॉडी नहीं लगी है, तो उसका अस्थायी पंजीकरण जारी होने की तारीख से 6 महीने तक वैध रहेगा।
यदि 6 महीने के बाद भी बॉडी फिटमेंट का कार्य पूरा नहीं हो पाता है या किसी अन्य अनियंत्रित परिस्थितियों के कारण वाहन कार्यशाला में ही रहता है, तो संबंधित पंजीकरण प्राधिकरण इसकी वैधता को हर बार 30 दिनों के लिए बढ़ा सकेगा।
वहीं, ऐसे पूर्ण निर्मित वाहनों के लिए जिन्हें विशेष रूप से अनुकूलित बनाया जा रहा है या किसी अन्य राज्य में पंजीकरण कराया जाना है, उनके लिए अस्थायी पंजीकरण 45 दिनों तक वैध रहेगा।
सरकार ऑटोमोबाइल उद्योग में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को बढ़ावा देने के लिए पात्र ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं को भी ट्रेड सर्टिफिकेट से जुड़े प्रावधानों के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है।
इसके तहत वही निर्माता पात्र होंगे जिन्हें वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) से मान्यता प्राप्त होगी और जो ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए उत्पादों के विकास में अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रहे होंगे।
मसौदा नियमों में वाहन संबंधी दस्तावेजों को और अधिक डिजिटल बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत डीलरशिप प्राधिकरण प्रमाणपत्र या वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज करते ही आवश्यक जानकारी वाहन पोर्टल से स्वतः प्राप्त हो जाएगी।
संशोधित फॉर्म में डीलरों के लिए जीएसटी पंजीकरण संख्या, पैन, उद्यम आधार और कॉर्पोरेट आइडेंटिफिकेशन नंबर (सीआईएन) जैसी जानकारियां भी शामिल की जाएंगी।
वाहन मालिकों के लिए प्रस्तावित संशोधनों के तहत फॉर्म-20 में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर का उल्लेख अनिवार्य किया जा सकता है। इसके अलावा, हायर-परचेज, लीज या हाइपोथेकेशन व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों में संबंधित एग्रीमेंट या लोन अकाउंट नंबर दर्ज करने का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार ने फॉर्म-48 में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत वाहन के वैध पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस सर्टिफिकेट, लंबित चालान और पहले प्राप्त किसी राष्ट्रीय परमिट से जुड़ी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Toxic की रिलीज से पहले नयनतारा ने मुंडवाया सिर? एक्ट्रेस की बाल्ड फोटो हो रही वायरल, जानें क्या है सच्चाई
Nayanthara Bald Image: साउथ एक्ट्रेस नयनतारा पिछले काफी समय से अपनी अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक (Toxic) को लेकर चर्चा में हैं. वहीं, एक्ट्रेस अपनी खूबसूरती के लिए भी सुर्खियों में रहती हैं. इस बीच अब कुछ फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिनमें वो मंदिर के बाहर नजर आई. लेकिन इस तस्वीर में जिस चीज ने लोगों का ध्यान खिंचा वो था एक्ट्रेस कै लुक. दरअसल, इन फोटोज में नयनतारा गंजे लुक में दिखीं, ऐसे में अब फैंस के बीच सवालों की बाढ़ आ गई है और हर कोई जानना चाह रहा है कि सच में एक्ट्रेस ने सिर मुंडवा लिया है.
वायरल फोटो में क्या है?
वायरल तस्वीरों में नयनतारा को मंदिर परिसर के बाहर देखा जा सकता है. तस्वीरों में उनका सिर पूरी तरह गंजा हुआ नजर आ रहा है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मान लिया कि एक्ट्रेस ने हाल ही में अपने बाल दान किए हैं. तस्वीरों के साथ पोस्ट में ये भी दावा किया गया कि उन्होंने मंदिर में जाकर अपने बाल चढ़ाए हैं. ऐसे में ये तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगीं और नयनतारा के इस कथित फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
क्या है फोटो की असली सच्चाई?
एक्ट्रेस की फोटो वायरल होने के बाद जब ये मामला बढ़ा तो जैसा लगा रहा था, वैसा असल में है ही नहीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्ट्रेस ने कोई सिर नहीं मुंडवाया है और न ही मंदिर में बाल चढ़ाएं हैं, बल्कि ये AI से बनी फेक तस्वीर है. दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स को तस्वीर पर AI वाटरमार्क मिला, ऐसे में ये साबित हो गया कि ये फेक फोटो है. वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि किसी के साथ भी ऐसी हरकत करना गलता है. वहीं, कुछ ने तो ये भी कहा कि कोई भी एक्ट्रेस अपना सिर नहीं मुंडवाएगी. वहीं, अब तक इस मामले में एक्ट्रेस का कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है.
Nayanthara???????? pic.twitter.com/AuJUurZLrt
— sabas csk (@saba9361) August 16, 2026
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पहले भी वायरल हुई थी फेक फोटो
बता दें, ये पहली बार नहीं है जब नयनतारा की तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी दावा वायरल हुआ हो. इससे पहले भी उनकी कई तस्वीरों को लेकर AI और फेक कंटेंट की चर्चा हो चुकी है. साल 2023 में भी नयनतारा की एक तस्वीर को उनकी फिल्म ‘जवान’ का लीक्ड लुक बताया गया था, जबकि बाद में वो तस्वीर AI-generated निकली थी. वहीं, अब फिल्म टॉक्सिक की रिलीज से पहले भी एक्ट्रेस की एआई फोटो वायरल हो रही है.
‘टॉक्सिक’ को लेकर चर्चा में हैं एक्ट्रेस
नयनतारा की ये फेक तस्वीर ऐसे समय वायरल हुई है जब वह अपनी आने वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर लगातार चर्चा में हैं. फिल्म में वो यश, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकारों के साथ नजर आएंगी. फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और ये 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी.
नयनतारा का फिल्मी वर्कफ्रंट
नयनतारा के वर्कफ्रंट की बात करे तो ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के बाद एक्ट्रेस के पास तमिल फिल्म ‘हाय’ है, जिसमें वो कविन के साथ लीड रोल में नजर आएंगी. इसके अलावा नयनतारा पहली बार बॉलीवुड के भाईजान यानि सलमान खान के साथ भी स्क्रीन शेयर करेंगी. दोनों को निर्देशन वंशी पैडीपल्ली की फिल्म ‘SVC63’ में देखा गया. फिलहला फिल्म की शूटिंग चल रही हैं. वहीं, एक्ट्रेस के पास उनकी फिल्मोग्राफी में ‘रक्कायी’, ‘नयनतारा 81’ और ‘डियर स्टूडेंट्स’ जैसे प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं.
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