आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में बड़ा बदलाव: यूपी, पंजाब और गुजरात को मिले नए प्रभारी, देखें लिस्ट
BJP state in-charge: आगामी वर्ष में उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को नए राज्य चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संगठन में बड़े फेरबदल की प्रक्रिया के तहत इन तीनों महत्वपूर्ण राज्यों के लिए नए प्रभारियों के नामों का ऐलान किया है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माने जाने वाले इन राज्यों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने और गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह नियुक्तियां की गई हैं।
विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी
पार्टी ने सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लिए वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को बीजेपी का नया राज्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ ही जगदिश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी चुनावी समर को देखते हुए उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन को धार देने के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
पंजाब और गुजरात की कमान इन्हें सौंपी गई
इसके अलावा, पंजाब में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की जिम्मेदारी सतीश पूनिया को सौंपी गई है, जिन्हें राज्य का नया चुनाव प्रभारी बनाया गया है। वहीं, राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले गुजरात राज्य के लिए तरुण चुघ को बीजेपी का नया राज्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है।
2027 में विधानसभा चुनाव
2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे यह राज्य-स्तरीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष बन गया है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने की उम्मीद है।
403 विधानसभा सीटों वाला उत्तर प्रदेश सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाले मुकाबलों में से एक होगा। पंजाब में 117 विधानसभा सीटें हैं, जबकि गुजरात में 182 सीटें हैं। उत्तराखंड (70 सीटें), गोवा (40 सीटें), मणिपुर (60 सीटें) और हिमाचल प्रदेश (68 सीटें) में भी चुनाव होने हैं।
चुनाव पूरे वर्ष के दौरान होंगे; उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे राज्यों में चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की उम्मीद है, जबकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में साल के बाद के हिस्से में मतदान होने की संभावना है, जो चुनाव आयोग के कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।
बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में फेरबदल
बड़े पैमाने पर किए गए फेरबदल के तहत, बीजेपी ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपने राष्ट्रीय संगठन में व्यापक बदलाव की घोषणा की, जिसमें कई नए चेहरे और प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व आरएसएस पदाधिकारी राम माधव को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी ने कहा कि नई टीम युवाओं और अनुभव के बीच संतुलन बनाती है। जिन वरिष्ठ नेताओं को बरकरार रखा गया है, उनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया शामिल हैं, जिन्हें पार्टी के 13 उपाध्यक्षों में से एक नियुक्त किया गया है।
विस्तारित टीम में घोषित 65 पदाधिकारियों में से 51 नए चेहरे हैं, जिनमें 12 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेता शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है; यह पद उन्होंने मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले भी संभाला था। बीजेपी ने बी एल संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर भी बरकरार रखा है, जो पार्टी के प्रमुख संगठनात्मक पदों में से एक है।
इस फेरबदल में पार्टी के युवा और आईटी विंग में भी बदलाव किए गए। बीजेपी के आईटी विभाग के प्रमुख के तौर पर अमित मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को लाया गया है। गुजरात के हेमांग जोशी को लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह BJP युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
संगठन में यह बड़ा बदलाव, 2015 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समय हुए बड़े फेरबदल के एक दशक से भी ज़्यादा समय बाद हुआ है। इन बदलावों के कारण केंद्र में कैबिनेट में भी फेरबदल की अटकलें शुरू हो गई हैं।
पार्टी के इन संगठनात्मक बदलावों का मुख्य उद्देश्य इन तीनों राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की तैयारियों को पुख्ता करना और चुनावी गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करना है।
Paytm शेयर बिक्री की रकम Antfin को मिलेगी, Vijay Shekhar Sharma की हिस्सेदारी रहेगी बरकरार
पेटीएम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा को वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम) में निवेश इकाई रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी की 4.98 प्रतिशत हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री से उन्हें कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। इस बिक्री से प्राप्त राशि एंटफिन को जाएगी। इसके अलावा, पेटीएम में शर्मा की करीब नौ प्रतिशत प्रत्यक्ष हिस्सेदारी में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
यह कंपनी के प्रति संस्थापक की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पेटीएम ने सोमवार देर शाम शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि वह प्रस्तावित बिक्री में पक्षकार नहीं है और ‘‘संस्थापक (शर्मा) की प्रत्यक्ष हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं होगा।’’ प्रस्तावित सौदा रेजिलिएंट और एंटफिन के बीच मौजूदा वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋणपत्र समझौते के तहत किया जाएगा। शर्मा की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई रेजिलिएंट इस हिस्सेदारी को बेचेगी, लेकिन समझौते की शर्तों के तहत इस लेनदेन से मिलने वाली राशि पूरी तरह एंटफिन के पास जाएगी।
यह व्यवस्था अगस्त 2023 से जारी है। उस समय रेजिलिएंट ने एंटफिन से पेटीएम की करीब 10.2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी और इसके बदले एंटफिन को वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋणपत्र जारी किए थे। तब से इन शेयर पर आर्थिक हित एंटफिन का रहा है, जबकि रेजिलिएंट के पास उनके कानूनी एवं मतदान संबंधी अधिकार हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पेटीएम की लाभप्रदता में लगातार सुधार हो रहा है। वन97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में 552 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इस दौरान उसका राजस्व 22 प्रतिशत बढ़कर 8,437 करोड़ रुपये हो गया।
2021 में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी पहली बार किसी वित्त वर्ष में मुनाफे में रही थी।
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