पहला टेस्ट मैच अगर हुआ ड्रॉ, तो क्या WTC फाइनल में पहुंच पाएगी टीम इंडिया? समझिए कैसा होगा फिर समीकरण
WTC FINAL Scenario: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मुकाबले के शुरुआती 3 दिन का खेल खत्म हो चुका है और दोनों टीमों की एक-एक पारी हो चुकी है. चौथे दिन का खेल जारी है. अब सवाल उठता है कि क्या ये मैच रिजल्ट की ओर बढ़ेगा या फिर ड्रॉ पर ही खत्म हो जाएगा. यदि ये मैच ड्रॉ होगा, तो भारत को भारी नुकसान होगा और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगेगा. तो आइए इस आर्टिकल में आपको समीकरण के बारे में बताते हैं...
ड्रॉ हुआ तो क्या WTC फाइनल में पहुंचेगा भारत?
आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल पांचवें स्थान पर है. टीम इंडिया ने अब तक 9 मैच खेले हैं, जिसमें 4 मैच जीते हैं, 4 मैच में हार का सामना किया है और 1 मैच ड्रा हुआ है. भारत के पास 52 प्वॉइंट्स हैं और 48.15 PCT है. इस तरह टीम इंडिया पांचवें नंबर पर है, वहीं श्रीलंका टीम 20 प्वॉइंट्स और 41.67 PCT के साथ पांचवें स्थान पर है.
FIFTY Partnership! ????
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ड्रॉ हुआ तो क्या WTC फाइनल में पहुंचेगा भारत?
अब सवाल उठता है कि अगर मैच ड्रॉ हुआ तो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की उम्मीदों पर टीम इंडिया को बड़ा झटका लगेगा. ICC नियमों के अनुसार, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंडर एक टेस्ट मैच जीतने पर 12 और ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को चार-चार अंक मिलते हैं.
मैच से पहले भारत के 9 मैचों में 52 प्वाइंट्स हैं, जबकि उसका प्वाइंट्स प्रतिशत 48.15% है और टीम गिल फिलहाल पांचवें नंबर पर है. गॉल टेस्ट अगर किसी भी पहलू से ड्रा होता है तो भारत के WTC में 10 मैचों के साथ (52+4) 56 प्वाइंट्स हो जाएंगे. लेकिन उसका प्वाइंट्स प्रतिशत 48.15% से गिरकर 46.67 प्रतिशत हो जाएगा. टीम इंडिया की रैंकिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उसकी पांचवीं पायदान बरकरार रहेगी.
टीम इंडिया के बल्लेबाजों को दिखाना होगा पहले दम
श्रीलंका के साथ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल खेला जा रहा है और भारत ने (खबर लिखे जाने तक) 2 विकेट पर 65 रन बनाए हैं. अब टीम इंडिया पूरी कोशिश करेगी कि वह तेजी से रन बनाए और श्रीलंका को बड़ा स्कोर देकर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर बुला ले, ताकि मैच रिजल्ट की ओर बढ़ सके. बता दें, इस मैच में टीम इंडिया ने पहली पारी के आधार पर ही 178 रनों की बढ़त बना ली थी. ऐसे में भारत मेजबान टीम को कम से कम 400 रन का लक्ष्य तो देना ही चाहेगा.
When the two left-arm all-rounders unite after a moving day in Galle ????️????
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क्या बारिश होने की है संभावना?
भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे गॉल टेस्ट मैच चौथे दिन और पांचवें दिन गॉल का मौसम भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा रहा है. जहां, मंगलवार को 56% बारिश की संभावना है, तो वहीं बुधवार को 57% बारिश के चांसेस हैं. यहां देखिए दोनों दिन कैसा मौसम रहेगा.
चौथा दिन: बारिश की संभावना 56%, तापमान 30 डिग्री से 28 डिग्री तक, हवा 13 किलोमीटर प्रतिघंटे, ह्यूमिडिटी 75%
पांचवां दिन: बारिश की संभावना 57%, तापमान 30 डिग्री से 26 डिग्री तक, हवा 26 किलोमीटर प्रतिघंटे, ह्यूमिडिटी 75%
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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की फांसी के तरीके को बदलने की मांग वाली याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि फिलहाल फांसी के जरिए मौत की सजा देने की व्यवस्था को असंवैधानिक नहीं माना जा सकता. हालांकि, केंद्र सरकार चाहे तो मौत की सजा लागू करने के दूसरे तरीकों पर विचार कर सकती है.
यह मामला अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा की ओर से दाखिल जनहित याचिका से जुड़ा था. याचिका में सवाल उठाया गया था कि जब किसी व्यक्ति को मौत की सजा दी जाती है, तो उसे फांसी के जरिए ही क्यों मारा जाए. याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि ऐसा तरीका अपनाया जाए जिसमें कम से कम दर्द हो और दोषी की गरिमा भी बनी रहे.
मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की. याचिका में मौत की सजा लागू करने से जुड़े कानूनी प्रावधान को भी चुनौती दी गई थी. इसमें खास तौर पर उस प्रावधान पर सवाल उठाया गया, जिसके तहत मौत की सजा पाए व्यक्ति को फांसी पर लटकाकर उसकी मौत होने तक रखा जाता है.
याचिकाकर्ता की तरफ से फांसी के बजाय दूसरे विकल्पों पर विचार करने की बात कही गई. इनमें लेथल इंजेक्शन जैसे तरीके भी शामिल थे. दलील यह थी कि अगर कानून किसी व्यक्ति को मौत की सजा देता है, तो उसे लागू करने का तरीका अनावश्यक दर्द या तकलीफ वाला नहीं होना चाहिए.
Supreme Court has dismissed a plea seeking an alternative way for the execution of death row convicts on the grounds that hanging till death is a painful way to execute the death penalty.
— ANI (@ANI) August 18, 2026
A bench of Justices Vikram Nath and Sandeep Mehta however, noted that this judgement should…
सुनवाई के दौरान प्रोजेक्ट 39ए की ओर से भी वैकल्पिक तरीकों को लेकर अदालत के सामने दलीलें रखी गईं. दूसरे देशों में इस्तेमाल होने वाले तरीकों और उनके अनुभवों का भी जिक्र हुआ. हालांकि, अदालत के सामने यह पहलू भी आया कि दूसरे विकल्पों में भी अपनी समस्याएं और जोखिम हो सकते हैं.
केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी पेश हुए. सरकार ने अदालत के सामने बताया कि मौत की सजा लागू करने के दूसरे तरीकों को लेकर विशेषज्ञ स्तर पर विचार किया जा सकता है. यानी सरकार के पास भविष्य में फांसी के विकल्प तलाशने का रास्ता खुला हुआ है.
सुनवाई के दौरान अदालत ने फांसी देने वाले जल्लाद पर पड़ने वाले मानसिक असर का मुद्दा भी उठाया. इससे साफ हुआ कि अदालत केवल दोषी पर पड़ने वाले असर को ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया से जुड़े दूसरे लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी देख रही थी.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सीधा मतलब है कि भारत में मौत की सजा खत्म नहीं हुई है और फांसी देने की मौजूदा व्यवस्था भी फिलहाल जारी रहेगी. हां, केंद्र सरकार भविष्य में वैज्ञानिक और मेडिकल आधार पर मौत की सजा देने के दूसरे तरीकों पर विचार कर सकती है.
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