Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त... अगस्त में पुत्रदा एकादशी का व्रत किस दिन रखा जाएगा? जानें तिथि-शुभ मुहूर्त और उपाय
Putrada Ekadashi 2026: सावन में पुत्रदा एकादशी श्रावण मास की अंतिम एकादशी माना जाता है. यह एकादशी बेहद खास मानी जाती है. इस वर्ष 23 और 24 अगस्त 2026 को दोनों दिनों पर पुत्रदा एकादशी तिथि लग रही है. इसमें भी हरिवासर का समापन हो रहा है. ऐसे में लोगों को इस बात का कन्फ्यूजन है कि सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत किस दिन रखा जाएगा. जब भी एकादशी तिथि दो दिन पर पड़ती है तो व्रत के दिन को लेकर असमंजस बना रहता है. चलिए जानते हैं इस साल किस दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा, नोट करें इसकी तिथि और शुभ मुहूर्त.
कब है पुत्रदा एकादशी व्रत?
द्रिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि का प्रारंभ 23 अगस्त 2026 को मध्य रात्रि 2 बजे होगा. इस तिथि का समापन 24 अगस्त 2026 को सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर होगा. ऐसे में सावन मास की पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026, रविवार को रखा जाएगा. इस दिन व्रत रखने वाले लोगों को 24 अगस्त 2026 को पारण करना होगा. इस दिन हरिवासर समाप्त होने का समय सुबह 10 बजकर 29 मिनट है. हरिवासर खत्म होने के बाद ही पारण किया जा सकता है.
वैष्णव पुत्रदा एकादशी का व्रत 24 अगस्त 2026, सोमवार को रखा जाएगा. ये लोग 25 अगस्त 2026 को एकादशी व्रत का पारण करने वाले हैं. पारण तिथि पर द्वादशी तिथि का समापन सुबह 06:20 पर होगा.
क्यों 2 दिन पड़ रहा है एकादशी व्रत?
ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा के अनुसार, इस बार हरिवासर के कारण दो दिन व्रत रखा जाएगा. 23 अगस्त को गृहस्थ लोग पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंदे जबकि 24 अगस्त 2026 को वैष्णव लोग यानी इस्कॉन के लोग व्रत पालन करेंगे. दरअसल, वैष्णव लोग द्वादशी तिथि के समापन होने से पहले और सूर्योदय के बाद पारण कर सकते हैं. अगर वे 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो 24 अगस्त को पारण सूर्योदय के बाद नहीं कर सकते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि हरिवासर सूर्योदय के बाद खत्म होगा. ऐसे में उनका व्रत 48 घंटों को हो जाएगा. इस वजह से पुत्रदा एकादशी का व्रत दो दिन का है.
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सावन पुत्रदा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
23 अगस्त का पंचांग
- सूर्योदय- सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर होगा.
- सूर्यास्त- शाम 6 बजकर 38 मिनट पर होगा.
- चंद्रोदय- दोपहर 3:27 पर होगा
- चंद्रास्त- रात 02:08, (अगस्त 24)
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:25 से सुबह 05:10
- प्रातः सन्ध्या- सुबह 04:47 से 05:55 तक
- अभिजित मुहूर्त- दोपहर 11:51 से दोपहर 12:42 तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:38 से शाम 07:00 तक
- अमृत काल- रात 10:33 से रात 12:21 तक
वहीं, 23 अगस्त को राहुकाल शाम 5 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा.
24 अगस्त का पंचांग
- सूर्योदय- सुबह 05:55 मिनट पर होगा
- सूर्यास्त- शाम 6 बजकर 37 मिनट तक
- चंद्रोदय- शाम 4 बजकर 13 मिनट पर होगा
- चंद्रास्त- रात 03:03, 25 अगस्त 2026
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:25 मिनट से लेकर 05:10 मिनट तक
- अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:50 से दोपहर 12:41 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:37 से लेकर 06:59 तक
- अमृत काल- दोपहर 03:07 से शाम 04:54 तक
24 अगस्त 2026 को राहुकाल का समय सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा और सुबह 9:05 तक रहेगा.
पुत्रदा एकादशी 2026 पारण का समय
सावन महीने में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी के लिए 24 अगस्त 2026 को पारण का समय दोपहर 1 बजकर 41 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 16 मिनट पर होगा और 25 अगस्त 2026 को पारण का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 55 मिनट से लेकर 6 बजकर 20 मिनट तक होगा.
क्यों रखा जाता है सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत?
सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत मुख्य रूप से संपान प्राप्ति के लिए, संतान की लंबी आयु के लिए, अच्छे स्वास्थ्य के लिए, संतान से जुड़ी किसी प्रकार की समस्याओं के निवारण के लिए रखते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुत्रदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन विधिवत पूजा और व्रत करने से श्रीहरि प्रसन्न होते हैं.
सावन पुत्रदा एकादशी का महत्व
श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. इस व्रत को रखने से वंश वृद्धि होती है और पाप नष्ट हो जाते हैं. साथ ही साधक को अंत में मोक्ष मिलता है.
सावन पुत्रदा एकादशी पर कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा?
श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी व्रत के दिन प्रात:काल जल्दी उठकर स्नान करना होता है. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और फिर घर के मंदिर में चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. इसके बाद विधि-विधान से उनका पंचामृत से स्नान करवाएं. उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फलों और सफेद मिठाइयों का भोग लगाएं. इसके बाद ऊं नमों भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें. साधक पुत्रदा एकादशी पर संतान गोपाल मंत्र का भी 108 बार जाप कर सकते हैं. इसके बाद व्रत पढ़ें या सुने और अंत में आरती करके पूजा समाप्त करें.
सावन पुत्रदा एकादशी उपाय
- इस दिन तुलसी पौधे के सामने घी का दीया जलाएं.
- इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करें और उन्हें गंगाजल के साथ हल्दी चढ़ाएं.
- सावन पुत्रदा एकादशी पर पीपल के पेड़ के पास चौमुखी दीया जलाना चाहिए. आटे से बनाया दीया जलाने से घर की परेशानियां दूर होती हैं.
पुत्रदा एकादशी पर क्या खाना चाहिए?
पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाले लोगों को व्रत अपनी क्षमता और संकल्प के अनुसार निर्जल या फलाहार रखना चाहिए. व्रत के दौरान अनाज, चावल, दाल और सामान्य नमक का सेवन नहीं किया जाता है. फलाहार करने वाले लोग दिनभर फल, दूध, दही, मखाने, नारियल, सूखे मेवे और साबूदाने का सेवन कर सकते हैं. इस व्रत में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी या पकौड़ी भी खाई जा सकती है. आलू, शकरकंद और लौकी जैसी सात्विक सब्जियों का सेवन भी कई व्रतों में किया जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके
सोल, 18 अगस्त (आईएएनएस)। सेंट्रल बैंक की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग का असर रोजगार बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जनरेटिव एआई तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद एआई से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
बैंक ऑफ कोरिया (बीओके) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 से जून 2026 के बीच 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे कुल रोजगारों की संख्या में 2.85 लाख की कमी आई, जिसमें सबसे बड़ी गिरावट उन क्षेत्रों में देखी गई जो एआई के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल घटे रोजगारों में से 2.68 लाख नौकरियां, यानी लगभग 94 प्रतिशत, एआई-प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित थीं, जिनमें आईटी सेवाएं, प्रकाशन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
इसके विपरीत, 50 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में इस आयु वर्ग के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिसमें से 1.73 लाख नौकरियां एआई प्रभावित क्षेत्रों में ही बढ़ीं। इससे संकेत मिलता है कि एआई के दौर में अनुभव और विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट ने वर्ष 2022 को अध्ययन का आधार वर्ष माना है, क्योंकि इसी वर्ष के अंत में चैटजीपीटी लॉन्च हुआ था और उसके बाद जनरेटिव एआई तकनीकों का उपयोग दुनिया भर में तेजी से बढ़ा।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक गिरावट आईटी सेवाओं में देखी गई, जहां युवाओं का रोजगार 31.4 प्रतिशत घट गया। प्रकाशन क्षेत्र, जिसमें सॉफ्टवेयर और वेब डिजाइन से जुड़े पेशे भी शामिल हैं, वहां रोजगार में 27.4 प्रतिशत की कमी आई।
इसी प्रकार, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं का रोजगार 16.6 प्रतिशत और प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में 11.6 प्रतिशत घटा। ये वे क्षेत्र हैं जहां एआई-आधारित ऑटोमेशन और कंटेंट जनरेशन टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
शिक्षा के आधार पर बेरोजगारी के आंकड़े भी युवाओं की चुनौतियों को उजागर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों की औसत बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी, जबकि माध्यमिक शिक्षा या जूनियर कॉलेज स्तर तक पढ़े युवाओं की बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत थी।
लेकिन 2022 के बाद यह अंतर बढ़ गया। उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत रही, जबकि कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं में यह 5.4 प्रतिशत रही। इस प्रकार दोनों के बीच अंतर बढ़कर 1.6 प्रतिशत अंक हो गया।
बैंक ऑफ कोरिया ने कहा कि देश की लगातार घटती जनसंख्या भी युवाओं के रोजगार में बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि एआई के आगमन ने इस प्रवृत्ति को और तेज कर दिया है।
बीओके के शोध विभाग के शोधकर्ता ओह सैम-इल ने कहा, एआई युवा कर्मचारियों की उत्पादकता को काफी बढ़ा सकता है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इन्हें एआई द्वारा प्रतिस्थापित भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरियों में कमी के लिए पूरी तरह एआई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह निश्चित रूप से उस प्रवृत्ति को तेज कर रहा है जिसमें युवाओं के लिए पारंपरिक करियर सीढ़ी धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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