Multibagger Stocks कैसे चुनें? जानिए लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाने का तरीका
स्टॉक मार्केट में "Multibagger Stocks" शब्द अक्सर सुनने को मिलता है. कई निवेशक ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जो समय के साथ उनके निवेश को कई गुना बढ़ा सकें. हालांकि, तेजी से बढ़ने वाला हर स्टॉक मल्टीबैगर नहीं होता है. ऐसे स्टॉक्स की पहचान करने के लिए कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन्स, फाइनेंशियल हेल्थ और भविष्य की संभावनाओं का गहराई से विश्लेषण करना जरूरी है. इसलिए अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो मल्टीबैगर स्टॉक्स को समझना बहुत जरूरी है.
Multibagger Stocks क्या होते हैं?
मल्टीबैगर स्टॉक वे शेयर होते हैं जो समय के साथ शुरुआती निवेश की रकम से कई गुना ज्यादा रिटर्न देते हैं. उदाहरण के लिए अगर कोई निवेशक किसी स्टॉक में ₹1 लाख लगाता है और कुछ सालों बाद उसकी कीमत बढ़कर ₹5 लाख हो जाती है, तो इसे '5-बैगर' (5x मल्टीबैगर) कहा जा सकता है. ऐसे स्टॉक तब बनते हैं जब किसी कंपनी के बिजनेस में लगातार बढ़ोतरी होती है, मुनाफा बढ़ता है, बिक्री बेहतर होती है और भविष्य की संभावनाएं मजबूत होती हैं जैसे-जैसे समय के साथ शेयर की कीमत काफी बढ़ती है. ऐसे स्टॉक मल्टीबैगर बन सकते हैं.
Multibagger Stocks की विशेषताएं
मल्टीबैगर स्टॉक्स की विशेषताओं की बात करें तो ये कई खूबियों के कारण मुनाफा देते हैं, जैसे कि मजबूत बिजनेस मॉडल, लगातार बढ़ती बिक्री और मुनाफा, कम या कंट्रोल में कर्ज, अनुभवी और भरोसेमंद मैनेजमेंट, भविष्य में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं, मजबूत कैश फ्लो और बेहतरीन फाइनेंशियल परफॉर्में आदि.
Multibagger Stocks के फायदे
मल्टीबैगर स्टॉक के कई फायदे हैं खासकर इसलिए क्योंकि इन्हें लंबे समय के निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इनमें लंबे समय तक निवेश करने से ऐसा रिटर्न मिल सकता है जो आपकी शुरुआती पूंजी को कई गुना बढ़ा दे. लंबे समय तक निवेशित रहने से आपको कंपाउंडिंग की ताकत का फायदा मिलता है. हालांकि हर कम कीमत वाला स्टॉक मल्टीबैगर नहीं होता है. सिर्फ शेयर की कम कीमत के आधार पर निवेश का फैसला लेना सही नहीं है. निवेश करने से पहले आपको कंपनी के फंडामेंटल का विश्लेषण करना चाहिए, जिसमें प्रॉफिट ग्रोथ, ROE, ROCE, डेट-टू-इक्विटी रेश्यो, कैश फ्लो और मैनेजमेंट की क्वालिटी शामिल हैं.
Multibagger Stocks चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
मल्टीबैगर स्टॉक चुनते समय आपको कई जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए, कंपनी की बिक्री और मुनाफे में बढ़ोतरी को देखें, कम कर्ज और मजबूत कैश फ्लो सुनिश्चित करें, प्रमोटर होल्डिंग और मैनेजमेंट की क्वालिटी का विश्लेषण करें, और बिजनेस की भविष्य की संभावनाओं और उस सेक्टर की क्षमता को समझें. हालांकि, मल्टीबैगर स्टॉक में निवेश करने में जोखिम भी होता है. जरूरी नहीं कि क्षमता वाली हर कंपनी मल्टीबैगर बन ही जाए, इसलिए निवेश करने से पहले अच्छी तरह से रिसर्च करना बहुत जरूरी है.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
टीम इंडिया में पड़ी फूट! विराट कोहली और गौतम गंभीर नहीं करते आपस में बात? भारत-इंग्लैंड सीरीज से पहले खुला राज
Gautam Gambhir and Virat Kohli : भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड के दौरे पर हैं, जहां भारतीय क्रिकेट टीम व्हाइट बॉल सीरीज खेलने उतरी है. टीम इंडिया को इंग्लैंड में पांच टी20 मैच खेलेने थे, जिसमें टीम इंडिया को 4-0 से क्लीन स्वीप होना पड़ा था. उसके बाद अब टीम इंडिया तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज से करने वाली है. इस सीरीज से पहले टीम इंडिया ने प्रैक्टिस सेशन किया. इस प्रैक्टिस सेशन के बाद कुछ रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. इन रिपोर्ट्स ने सभी भारतीय क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया है.
दरअसल, इस प्रेक्टिस सेशन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें विराट कोहली बल्लेबाजी कर रहे हैं. उन पर टीम के हेड कोच गौतम गंभीर नजरें बनाए हुए हैं. इस दौरान विराट कोहली खेलते-खेलते बोल्ड हो जाते हैं. विराट कोहली का नेट सेशन पूरा होने के बाद उनसे भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक लंबी बात की है.
क्या टीम इंडिया में पड़ चुकी है फूट
इस सबके बाद सोशल मीडिया पर खबरें तेजी से फैल रही हैं कि, टीम इंडिया में फूट पड़ चुकी है. भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली आपस में बात नहीं कर रहे हैं. इन दोनों के बीच में बातचीत नहीं होती है, इसलिए सिंताशु कोटक को गौतम गंभीर ने विराट कोहली से बात करने के लिए भेजा है. अब इन खबरों में सच्चाई है या नहीं है. इस बारे में हम आपको कुछ भी नहीं बता सकते हैं.
“Is Gautam Gambhir putting Virat Kohli under pressure? During yesterday’s practice session, Gambhir was standing right beside Virat Kohli’s net, closely watching him. Virat and Gambhir haven’t spoken for a long time. Virat played a couple of awkward shots and then got clean… pic.twitter.com/An7tZBFTMK
— ????????????????????????????⁴⁵ (@rushiii_12) July 14, 2026
क्या गंभीर और विराट नहीं कर रहे हैं बात?
तमाम सोशल मीडिया एक्स अकाउंट से पोस्ट कर दावा किया जा रहा है कि, विराट कोहली और गौतम गंभीर ने एक दूसरे को इग्नोर किया. इन दोनों के बीच बातचीत नहीं हुई. प्रैक्टिस सेशन में हेड कोच और विराट कोहली के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. सोशल मीडिया पर सामने आ रही रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है, कि BGT 2025 के बाद से दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है. ये भी दावा किया जा रहा है कि, विराट गंभीर के जबरदस्ती टेस्ट रिटायरमेंट और नेगेटिव बयान से नाखुश हैं.
???? Virat Kohli ignore Gautam Gambhir ????
— VIKAS (@Vikas662005) July 14, 2026
- No conversation between Head Coach & Virat Kohli in Practice session. No conservation between both since BGT 25.
- Virat unhappy with Gambhir for his forced test retirement & his negative statement. pic.twitter.com/bIZcMhZftB
आपको बता दें कि, विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच उनके टीम इंडिया का कोच बनने से पहले भी सब कुछ ठीक नहीं था. गंभीर जब टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ी थे, तब एक युवा के तौर पर साल 2008 में विराट कोहली आए. दिल्ली से आने वाले इन दोनों क्रिकेटर्स के बीच टीम इंडिया में रहने की जंग तब भी थी. विराट कोहली टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक खेलते रहे. वहीं गौतम गंभीर को बाहर होने पड़ गया.
इसके बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच मनमुटाव की खबरें हमेशा सामने आती रही थीं. आईपीएल के दौरान गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच मैदान पर ही जमकर लड़ाई हुई थी, जिसको कोई भी भूल नहीं सकता है. नवीन उल हक के साथ विराट कोहली की कहासुनी हुई थी, जिसमें मैच के बाद गौतम गंभीर भी कूद गए थे. गंभीर उस समय लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर थे.
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