Rahul Gandhi मानहानि केस: Satyaki Savarkar ने कहा, गोली लगने पर महात्मा गांधी को अस्पताल नहीं ले जाया गया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में अदालत में पेश होते हुए विनायक दामोदर (वी डी) सावरकार के पोते ने दावा किया कि नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारे जाने के बाद महात्मा गांधी 20 मिनट तक उसी जगह पर पड़े रहे और उन्हें कोई अस्पताल नहीं ले गया, जिससे उनके प्रति तत्कालीन सरकार की उदासीनता का पता चलता है। राहुल गांधी की ओर से पेश वकील मिलिंद पवार ने सोमवार को पुणे की सांसद/विधायक अदालत के विशेष न्यायाधीश अमोल शिंदे के सामने विनायक दामोदर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर से जिरह की। इस बीच, सत्यकी के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत में एक अर्ज़ी दाखिल कर राहुल गांधी के पुणे दौरे (जो 22 अगस्त को तय है) के दौरान उनके आवाज़ के नमूने लेने का अनुरोध किया।
इसके जवाब में, गांधी के वकील ने अदालत को बताया कि वह एक सितंबर को अपना पक्ष रखेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ‘छात्रों की गूंज’ पहल के तहत छात्रों से बातचीत करने के लिए 22 अगस्त को पुणे का दौरा करेंगे। जिरह के दौरान, सत्यकी ने कहा कि यह सच है कि जब महात्मा गांधी 30 जनवरी, 1948 को बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे, तब ‘मेरे चचेरे भाई के दादा नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।’ इसके बाद उन्होंने अपनी तरफ से एक और बात कही कि गोली लगने के बाद गांधीजी लगभग 20 मिनट तक उसी जगह पर रहे और उन्हें किसी ने पास के अस्पताल नहीं पहुंचाया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह गांधीजी के प्रति उस समय की सरकार की उदासीनता थी।’’ राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला सत्यकी ने दायर किया था। सत्यकी का आरोप था कि कांग्रेस नेता ने झूठा दावा किया था कि वी.डी. सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा है कि कैसे उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम युवक पर हमला किया था और इस काम से उन्हें मज़ा आया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि सावरकर की रचनाओं में ऐसी किसी घटना का जिक्र नहीं है।
Navnath Waghmare पर मराठा महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी पर Jalna में एफआईआर दर्ज
महाराष्ट्र के जालना जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कार्यकर्ता नवनाथ वाघमारे के खिलाफ मराठा समुदाय की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। तनाव बढ़ता देख वाघमारे ने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए मराठा समुदाय से माफी मांग ली है। पुलिस के अनुसार, यह शिकायत मराठा समुदाय के लोगों द्वारा दर्ज कराई गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुणे में एक यूट्यूब साक्षात्कार के दौरान वाघमारे द्वारा की गई टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और समुदाय की महिलाओं का अपमान हुआ है। इस घटना के विरोध में कई लोगों ने कदीम जालना पुलिस थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और वाघमारे के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की। जालना के घायल नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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