Dausa में अवैध वसूली के खिलाफ Tractor Rally निकाली, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान के दौसा जिले में कथित अवैध वसूली, ट्रैक्टर जब्त किए जाने और चालकों को परेशान करने के विरोध में सोमवार को स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने ट्रैक्टर रैली निकाली। यह समूह ट्रैक्टर लेकर गुप्तेश्वर रोड पर एकत्र हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शहर की ओर जाने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने चालकों को रैली स्थगित करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी रैली निकालने की मांग पर अड़े रहे।
ट्रैक्टर रैली को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल मीणा, जिला परिवहन अधिकारी संजीव भारद्वाज और सहायक खनन अभियंता एलसी मीणा सहित अन्य अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए मौके पर पहुंचे। रैली का नेतृत्व कर रहे निखिल जोरवाल ने आरोप लगाया कि अधिकारी मिट्टी को बजरी बताकर अवैध वसूली कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रैक्टर जब्त किए जा रहे हैं, चालकों को परेशान किया जा रहा है और कथित तौर पर रिश्वत नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने के लिए एकजुट हुए हैं और मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रखेंगे। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जिसमें प्रमुख तौर पर कथित अवैध वसूली रोकने तथा ट्रैक्टर चालकों और मालिकों को परेशान करने से रोकने की मांग की गई।
Rahul Gandhi मानहानि केस: Satyaki Savarkar ने कहा, गोली लगने पर महात्मा गांधी को अस्पताल नहीं ले जाया गया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में अदालत में पेश होते हुए विनायक दामोदर (वी डी) सावरकार के पोते ने दावा किया कि नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारे जाने के बाद महात्मा गांधी 20 मिनट तक उसी जगह पर पड़े रहे और उन्हें कोई अस्पताल नहीं ले गया, जिससे उनके प्रति तत्कालीन सरकार की उदासीनता का पता चलता है। राहुल गांधी की ओर से पेश वकील मिलिंद पवार ने सोमवार को पुणे की सांसद/विधायक अदालत के विशेष न्यायाधीश अमोल शिंदे के सामने विनायक दामोदर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर से जिरह की। इस बीच, सत्यकी के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत में एक अर्ज़ी दाखिल कर राहुल गांधी के पुणे दौरे (जो 22 अगस्त को तय है) के दौरान उनके आवाज़ के नमूने लेने का अनुरोध किया।
इसके जवाब में, गांधी के वकील ने अदालत को बताया कि वह एक सितंबर को अपना पक्ष रखेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ‘छात्रों की गूंज’ पहल के तहत छात्रों से बातचीत करने के लिए 22 अगस्त को पुणे का दौरा करेंगे। जिरह के दौरान, सत्यकी ने कहा कि यह सच है कि जब महात्मा गांधी 30 जनवरी, 1948 को बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे, तब ‘मेरे चचेरे भाई के दादा नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।’ इसके बाद उन्होंने अपनी तरफ से एक और बात कही कि गोली लगने के बाद गांधीजी लगभग 20 मिनट तक उसी जगह पर रहे और उन्हें किसी ने पास के अस्पताल नहीं पहुंचाया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह गांधीजी के प्रति उस समय की सरकार की उदासीनता थी।’’ राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला सत्यकी ने दायर किया था। सत्यकी का आरोप था कि कांग्रेस नेता ने झूठा दावा किया था कि वी.डी. सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा है कि कैसे उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम युवक पर हमला किया था और इस काम से उन्हें मज़ा आया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि सावरकर की रचनाओं में ऐसी किसी घटना का जिक्र नहीं है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








