Omar Abdullah ने Vande Mataram विवाद पर कहा, सरकारी कार्यक्रमों में नया बदलाव समझने में लगेगा समय
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में इस वर्ष से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को शामिल किया गया है, इसलिए लोगों को इसके साथ तालमेल बैठाने में थोड़ा समय लगेगा। कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के कथित अपमान को लेकर उठे विवाद पर अब्दुल्ला ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए क्योंकि राष्ट्रगीत के सभी पद गाए गए थे। संवाददाताओं से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण दिया है और वीडियो देखने को कहा है, जिसमें वंदे मातरम् के सभी पद गाए गए हैं।
जब सभी पद गाए गए, तो फिर विवाद किस बात का है? उन्होंने संवाददाताओं से कहा, यह मेरा आठवां स्वतंत्रता दिवस परेड थी, लेकिन पहली बार इसमें वंदे मातरम् को शामिल किया गया। मुझे भी यह समझने में थोड़ा समय लगा कि पहले मुझे खड़े होना है, वंदे मातरम् बजेगा, फिर ध्वजारोहण होगा और उसके बाद राष्ट्रगान बजेगा।
कांग्रेस को भी थोड़ा समय लग सकता है, ऐसा होता है।
SIT ने Ram Mandir चढ़ावा चोरी की अंतिम जांच रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई। उच्चतम न्यायालय द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने से पहले, ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।
इसी एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार की है। एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने किया। पुलिस महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार इसके अन्य सदस्य थे।
एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसमें कई कड़ी सिफारिशें की गई थीं। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामले में 25 जून को आठ नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। श्री राम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टीनू को नामजद किया गया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट ही बाद में दर्ज की गई प्राथमिकी और आरोपियों की गिरफ्तारी संबंधी कार्रवाई का आधार बनी थी।
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