BJP की नई राष्ट्रीय टीम में Uttar Pradesh से 8 नेताओं को मिली जगह, Smriti Irani बनीं महासचिव
उत्तर प्रदेश में अगले साल के लिए प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी नयी राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम में राज्य को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व देते हुए प्रदेश के आठ नेताओं को जगह दी है, जो युवा और राजनीतिक अनुभव का संतुलन प्रस्तुत करते हैं। केंद्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से शामिल किए गए आठ नेताओं में दो महिलाएं और दो मुस्लिम प्रतिनिधि शामिल हैं। इन नियुक्तियों में दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, दो राष्ट्रीय महासचिव, दो राष्ट्रीय सचिव और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और लोकसभा के पूर्व सदस्य हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व सांसद रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राज्यसभा सदस्य भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य ओबीसी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे, जबकि कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान सौंपी गई है।
उत्तर प्रदेश से शामिल चेहरों में स्मृति ईरानी सबसे प्रमुख राजनीतिक नाम हैं। उन्होंने लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व किया था और 2019 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हराया था, हालांकि 2024 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। केंद्रीय संगठन में उनकी वापसी से पार्टी को उत्तर प्रदेश की राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाली एक प्रखर नेता का साथ मिलेगा।
धौरहरा से दो बार सांसद रह चुकीं रेखा वर्मा के पास 2014 और 2019 में सीधे चुनावी जीत का अनुभव है, हालांकि वह 2024 में मामूली अंतर से चुनाव हार गई थीं। संगठन में उनके शामिल होने से भाजपा को मध्य उत्तर प्रदेश की चुनावी गतिशीलता से परिचित एक और महिला नेता मिली हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं प्रोफेसर तारिक मंसूर का राजनीतिक सफर अलग है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रमुख मुस्लिम चेहरे के रूप में मंसूर को मुस्लिम समुदाय, विशेषकर पसमांदा वर्ग तक भाजपा की पहुंच के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जाता है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने से इस अभियान को संगठनात्मक बल मिलेगा। बस्ती से दो बार सांसद रहे हरीश द्विवेदी पूर्वी उत्तर प्रदेश से संसदीय और संगठनात्मक अनुभव लेकर आते हैं।
उन्होंने 2014 और 2019 में जीत दर्ज की थी, जबकि 2024 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बुलंदशहर से तीन बार के सांसद भोला सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक और मजबूत चेहरा हैं। गोरखपुर के चौरी-चौरा से पूर्व विधायक व वर्तमान राज्यसभा सदस्य संगीता यादव पूर्वी उत्तर प्रदेश से चुनावी अनुभव रखने वाली महिला नेता के रूप में राष्ट्रीय संगठन से जुड़ी हैं।
अमरपाल मौर्य की ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति भाजपा की सामाजिक लामबंदी रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्यसभा सदस्य और भाजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव मौर्य ने 2022 का विधानसभा चुनाव रायबरेली के ऊंचाहार से लड़ा था और उनके पास व्यापक संगठनात्मक अनुभव है। उत्तर प्रदेश में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे का नेतृत्व कर चुके कुंवर बासित अली विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं तक पार्टी की पहुंच बनाने में सक्रिय रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष बनाए जाने से इस प्रयास को एक राष्ट्रीय मंच मिलेगा। ये आठों नियुक्तियां सामूहिक रूप से उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक रणनीति के कई पहलुओं - महिला, ओबीसी, मुस्लिम, पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्र और चुनावी व संगठनात्मक अनुभव को साधती हैं। यह समय काफी महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था जहां स्मृति ईरानी, रेखा वर्मा और हरीश द्विवेदी सहित कई नवनियुक्त नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जावेद मलिक ने बताया कि बासित अल्पसंख्यक समुदाय के ऐसे तीसरे नेता हैं जिन्हें अल्पसंख्यक मोर्चे की राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले एजाज रिजवी और तनवीर उस्मानी को यह जिम्मेदारी मिली थी।
मलिक ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश से दो अल्पसंख्यक नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। बासित के अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए तारिक मंसूर पसमांदा समुदाय से आते हैं।’’ इस बीच, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। वहीं, भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी यतेंद्र शर्मा ने सोमवार को अपना पदभार संभालने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष से मुलाकात की।
एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने संगठन को मजबूत करने, मीडिया समन्वय में सुधार करने और जनता तक पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को पहुंचाने पर चर्चा की।
CBI ने Tvisha Sharma मौत मामले में Charge Sheet दाखिल कर भोपाल कोर्ट को ब्योरा दिया
त्विषा शर्मा ने मौत से पहले अपनी भाभी को भेजे संदेश में लिखा था, ‘‘उससे कहो कि वह अपनी पत्नी का बचा-खुचा सामान ले जाए। लेकिन कल। अभी मुझे शांति से मरने दो।’’ मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अदालत में दाखिल आरोप पत्र में इसका जिक्र किया गया है।
आरोप है कि कुछ ही मिनटों बाद शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सीबीआई ने भोपाल की एक विशेष अदालत में सोमवार को दाखिल आरोप पत्र में कहा कि 12 मई 2026 की रात 9:36 बजे 34 साल की पूर्व मॉडल द्वारा भेजा गया संदेश जांच का मुख्य केंद्रबिंदु बन गया। इस संदेश से पति और सास द्वारा कथित तौर पर उसका ‘‘मानसिक उत्पीड़न’’ का संकेत मिलता है, जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली।
सीबीआई ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह (जो एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश भी हैं) के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। उन पर पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता करने, आत्महत्या के लिए उकसाने और साझा इरादे से जुड़े अपराधों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं। सैकड़ों पन्नों के अनुलग्नक वाले 31 पन्नों के आरोप पत्र में समर्थ और गिरिबाला द्वारा शादी के छह महीनों के दौरान त्विषा पर कथित तौर पर किए गए घरेलू और मानसिक उत्पीड़न का विवरण दिया गया है।
एजेंसी अब भी त्विषा और समर्थ के फोन से पूरी फोरेंसिक जानकारी एकत्र करने और भोपाल में गिरिबाला सिंह के घर लगे सीसीटीवी के डीवीआर का इंतज़ार कर रही है। माना जा रहा है कि इनमें 12 मई की वे घटनाएं रिकॉर्ड हुई होंगी, जब त्विषा ने जिम्नास्टिक्स की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। पोस्टमॉर्टम और उसके बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के चिकित्सा बोर्ड ने इस राय से सहमति जताई है कि यह आत्महत्या का मामला था।
आरोप पत्र के अनुसार, ‘‘मौत की वजह दम घुटना है, जो मरने से पहले फांसी लगाने की वजह से हुआ। यह आत्महत्या का मामला है और फांसी के लिए छल्ले वाली जिम्नास्टिक बेल्ट का इस्तेमाल किया गया था। मृतका के शरीर पर मौत से पहले मारपीट या हाथापाई का कोई संकेत देने वाली चोट नहीं मिली है।’’ भोपाल की विशेष अदालत में सोमवार को सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप पत्र में कहा गया कि जान देने का कदम उठाने से कुछ मिनट पहले त्विषा ने अपने आईफोन से अपनी भाभी राशि अब्रोल को एक ‘टेक्स्ट मैसेज’ भेजा था।
कथित तौर पर लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उठाए गए इस कदम से पहले, उस शाम कई लोगों के बीच लगातार फ़ोन कॉल का दौर चला था और त्विषा का वह संदेश उसका आखिरी संदेश साबित हुआ। डिजिटल जांच के मुताबिक मैसेज और कॉल का सिलसिला शाम 7:51 बजे शुरू हुआ, जब त्विषा ने अब्रोल को फ़ोन किया। उसने आरोप लगाया कि समर्थ उस पर चीनी शेयर बाज़ार में 20 लाख रुपये का निवेश स्थानांतरित करने का दबाव बना रहा था, जिसके लिए उसने मना कर दिया था।
सीबीआई के आरोप पत्र के मुताबिक उस रात दोनों परिवारों के बीच 34 से ज़्यादा बार संपर्क करने की कोशिशें हुईं। इसमें कहा गया कि त्विषा की मां मामले में हस्तक्षेप के लिए समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह से संपर्क करने की पुरज़ोर कोशिश कर रही थीं। बातचीत से पता चला कि रात 9:20 बजे तक हालात बिगड़ रहे थे, जब त्विषा ने रोते हुए अब्रोल को दोबारा फ़ोन किया और बताया कि उसने समर्थ से ‘पीठ दर्द’ की वजह से अलग बेडरूम में सोने के लिए कहा था, जिस पर समर्थ हिंसक हो गया और फिर फ़ोन अचानक कट गया।
अब्रोल ने जब रात 9.29 बजे वापस कॉल करने की कोशिश की, तो त्विषा की केवल सिसकी सुनाई दी और फिर फोन कॉल कट गया। आरोप पत्र के मुताबिक रात 9:36 बजे, त्विषा ने अब्रोल को एक आखिरी मैसेज भेजा, ‘‘उससे कहो कि अपनी पत्नी का बचा-खुचा सामान ले जाए। लेकिन कल।
अभी मुझे शांति से मरने दो।’’ घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में त्विषा को रात 9:40 बजे अकेले छत की ओर जाते हुए देखा गया, और उसके ठीक एक मिनट बाद, रात 9:41 बजे उसने अपने पिता को आखिरी कॉल व्हाट्सऐप पर किया। त्विषा के पिता ने उसे रोते हुए पाया; वह शिकायत कर रही थी कि समर्थ ‘बहुत आक्रामक और हिंसक’ हो गया है और वह अपने परिवार से तुरंत भोपाल आने की गुहार लगा रही थी। आरोप पत्र के मुताबिक त्विषा ने आखिरी फोन रात 10:05 बजे अपनी मां रेखा रानी शर्मा को किया था, जिसमें उसने समर्थ के आक्रामक व्यवहार के बारे में फिर से बताया था और फिर कॉल कट गया।
इसके बाद, रेखा रानी ने त्विषा को कई बार कॉल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, और समर्थ और गिरिबाला सिंह ने भी उनके कई कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया। एजेंसी ने बताया कि गिरिबाला ने रात 10:10 बजे तक फोन का जवाब नहीं दिया। इसके बाद जब गिरिबाला ने फोन उठाया तो रेखा रानी ने उन्हें बताया कि त्विषा बहुत रो रही है, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सेवानिवृत्त न्यायाधीश रात 10:16 बजे त्विषा को देखने के लिए अपने कमरे से बाहर निकलीं।
भूतल पर जब उन्हें कोई नहीं मिला तो उन्होंने रात 10.18 बजे त्विषा के फ़ोन किया, जिसका कोई जवाब नहीं मिला। पांच मिनट बाद, समर्थ और उसकी मां कैमरे में छत की ओर जाते हुए दिखे, जहां त्विषा एक ‘जिम्नास्टिक बेल्ट’ से लटकी हुई मिली। प्राथमिकी के मुताबिक समर्थ उसे एम्स भोपाल ले गया, जहां उसने दावा किया कि त्विषा ने रात 10:20 बजे घर पर फांसी लगा ली थी।
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