Farmers का Delhi March रोके जाने पर खनौरी बॉर्डर पर डटे किसान, 20 को प्रदर्शन
पंजाब के किसानों ने दिल्ली तक 228 किलोमीटर लंबी ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ जारी रखने से हरियाणा पुलिस द्वारा रविवार को रोके जाने के बाद सोमवार को खनौरी बॉर्डर पर ही डेरा डॉल दिया। पुलिस ने रविवार को पंजाब और हरियाणा के सीमा बिंदु खनौरी में किसानों को रोकने के लिए कई स्तरीय अवरोधक लगाए थे। इस पैदल मार्च की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि किसानों का एक छोटा समूह खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले रहेगा।
डल्लेवाल ने कहा, ‘‘हमने उमस भरे मौसम से बचाव के लिए छोटे तंबू लगाए हैं। लेकिन यहां पक्का मोर्चा बनाना हमारा मकसद नहीं है।’’ डल्लेवाल ने कहा कि किसान 20 अगस्त को देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध मार्च निकालने की कोशिश करेंगे। वे पुतले जलाएंगे और सरकार से पूछेंगे कि क्या उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय राजधानी तक पैदल मार्च करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा,‘‘सरकार ने यह विमर्श बनाया है कि किसान सड़कें रोक रहे हैं, लेकिन जैसा कि हर कोई देख सकता है, हम सर्विस रोड के किनारे बैठे हैं, जबकि हरियाणा प्रशासन ने राजमार्ग को कंक्रीट के भारी अवरोधकों से बाधित कर दिया है।’’ डल्लेवाल ने कहा, ‘‘वे कहते थे कि किसानों को ट्रैक्टर और दूसरी गाड़ियों के साथ नहीं जाने दिया जाएगा, लेकिन अब वे हमें पैदल भी नहीं जाने दे रहे हैं। इस बार 300 से भी कम किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली तक मार्च करना चाहते हैं, फिर भी सरकार को हमसे दिक्कत है। क्या हमें अपनी राष्ट्रीय राजधानी पैदल जाने का बुनियादी अधिकार भी नहीं है?’’ संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधियों और हरियाणा सरकार के अधिकारियों के बीच रविवार को तीन दौर की बातचीत हुई लेकिन बेनतीजा रही।
डल्लेवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया और अपने मुख्य मुद्दे प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने की मांग पर अड़े हैं।
YEIDA ने Jewar Airport के पास दी मंजूरी, बनेगी ताइवान सिटी और मेडिकल हब
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में सोमवार को जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास औद्योगिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक में सेक्टर-13 और 14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब तथा सेक्टर-14 में 480 एकड़ में विश्वविद्यालय नगरी विकसित करने का निर्णय लिया गया। इन परियोजनाओं से चिकित्सा और उच्च शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
इसमें कहा गया कि खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम विकसित करने के लिए भूमि चिह्नित की गई। वहीं, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ में मंडी स्थापित करने का फैसला हुआ। बयान में कहा गया कि हवाईअड्डे के आसपास बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए भूमि चिह्नित की जाएगी।
इससे हवाईअड्डे, औद्योगिक क्षेत्रों और नए विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी। बोर्ड ने सेक्टर-छह में 300 एकड़ में ‘ताइवान सिटी’ विकसित करने तथा करीब 100-125 एकड़ में मेडिकल हब के लिए भूमि आरक्षित करने को भी मंजूरी दी। चिकित्सकीय उपकरणों की जांच के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क में विशेष सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ।
इसके अलावा किसानों की सहमति से भूमि खरीद की दर 4,300 से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया गया।
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