भारत को महिला एशिया कप और एशियाई खेलों से पहले बड़ा झटका लगा है। भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण इन दोनों अहम प्रतियोगिताओं से बाहर हो गई हैं। जेमिमा को 3 अगस्त को इंग्लैंड में द हंड्रेड प्रतियोगिता के दौरान सदर्न ब्रेव के लिए खेलते हुए चोट लगी थी। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई उत्कृष्टता केंद्र में जांच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की पुष्टि हुई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, जेमिमा की चोट इतनी गंभीर है कि वह संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले महिला एशिया कप और जापान में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। महिला एशिया कप शुरू होने में अब करीब दो सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी भारतीय टीम की तैयारियों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
जेमिमा रोड्रिग्स भारतीय महिला क्रिकेट की महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में शामिल हैं। छोटे प्रारूप में वह भारत के लिए 131 मुकाबले खेल चुकी हैं। उनकी बल्लेबाजी के साथ मैदान पर उनकी चुस्ती और अलग-अलग परिस्थितियों में तेजी से रन बनाने की क्षमता भी टीम के लिए काफी उपयोगी रही है। ऐसे में बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले उनका चोटिल होना भारतीय टीम के लिए चिंता की बात है।
बता दें कि जेमिमा को 3 अगस्त को इंग्लैंड में सदर्न ब्रेव की ओर से खेलते समय हैमस्ट्रिंग में परेशानी हुई थी। इसके बाद उनकी चोट का आकलन किया गया और आगे की जांच के लिए उन्हें भारत लाया गया। बेंगलुरु में बीसीसीआई की चिकित्सकीय टीम ने उनकी स्थिति की जांच की, जिसके बाद उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं से बाहर रखने का फैसला किया गया है।
जेमिमा की जगह महिला चयन समिति ने एशिया कप के लिए प्रतीका रावल को भारतीय टीम में शामिल किया है। प्रतीका हाल के दिनों में भारत ए की टीम के लिए लगातार सक्रिय रही हैं और उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उनके लिए यह खुद को बड़े मंच पर साबित करने का अच्छा मौका होगा।
महिला एशिया कप का आयोजन 28 अगस्त से शुरू होना है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ करेगा। टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर के हाथों में होगी, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगी।
भारत की संशोधित टीम में हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी कमालिनी, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतीका रावल शामिल हैं।
गौरतलब है कि एशिया कप के बाद भारतीय महिला टीम के सामने एशियाई खेलों की चुनौती भी होगी। ऐसे में जेमिमा की चोट से टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी संयोजन पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय टीम की नजरें एशिया कप में अच्छी शुरुआत करने और मौजूद खिलाड़ियों के साथ मजबूत संयोजन तैयार करने पर टिकी हुई हैं।
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पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के एक बयान ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है। अश्विन से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट के दो बड़े बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा भविष्य में कोच की भूमिका निभा सकते हैं या नहीं। इस पर उन्होंने दोनों के लिए अलग-अलग संभावनाएं बताईं और मुंबई इंडियंस को रोहित शर्मा को टीम से जोड़े रखने की सलाह दी है।
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि विराट कोहली शायद तुरंत कोच बनने के लिए तैयार नहीं होंगे। उनके मुताबिक विराट संभवत: क्रिकेट से अलग होने के बाद कुछ समय का ब्रेक लेना चाहेंगे। अश्विन ने साफ किया कि वह विराट के भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि विराट तुरंत किसी कोचिंग जिम्मेदारी में आ जाएंगे।
वहीं, रोहित शर्मा को लेकर अश्विन की राय काफी अलग रही। उन्होंने कहा कि अगर रोहित भविष्य में खेलना छोड़ने का फैसला करते हैं तो मुंबई इंडियंस को उन्हें तुरंत किसी भूमिका में अपने साथ जोड़ लेना चाहिए। अश्विन का मानना है कि रोहित की क्रिकेट समझ और रणनीति बनाने की क्षमता बेहद खास है और ऐसी प्रतिभा को क्रिकेट से दूर नहीं जाने देना चाहिए।
बता दें कि 39 वर्षीय रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब उनके भविष्य को लेकर चर्चा मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट के आसपास है। अगर वह आगे चलकर खेलना पूरी तरह छोड़ते हैं, तो उनके लिए कोच, सलाहकार या टीम प्रबंधन से जुड़ी किसी भूमिका की संभावना बन सकती है।
अश्विन ने रोहित की कप्तानी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पांच बार आईपीएल खिताब जीतने वाले कप्तान और भारत को विश्व कप जिताने वाले खिलाड़ी आसानी से नहीं मिलते। ऐसे खिलाड़ी की सोच और अनुभव किसी भी टीम के लिए बड़ी संपत्ति हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर रोहित मुख्य कोच की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते तो उन्हें तुरंत उस भूमिका में जाने की जरूरत नहीं है। वह एक-दो साल का ब्रेक लेकर बाद में किसी जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं। अश्विन ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि द्रविड़ ने भी एक समय ब्रेक लिया था और फिर क्रिकेट से जुड़े काम में वापस आए थे।
गौरतलब है कि अश्विन खुद भी भविष्य में कोच बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। इसी वजह से उनका यह आकलन खास माना जा रहा है। उन्होंने आने वाले समय में घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की भूमिका बढ़ने की संभावना भी जताई।
अश्विन के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का प्रभाव और बढ़ सकता है। ऐसे में सिर्फ मुख्य कोच ही नहीं, बल्कि सलाहकार, क्रिकेट निदेशक और उच्च प्रदर्शन निदेशक जैसे पद भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इन भूमिकाओं में पूर्व सफल खिलाड़ियों के अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अश्विन का मानना है कि मुंबई इंडियंस जैसी टीम रोहित की क्रिकेट समझ को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि रोहित जिस तरह खेल को पढ़ते हैं और परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेते हैं, वह क्षमता उन्हें भविष्य में भी उपयोगी बना सकती है।
फिलहाल विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों का भविष्य खिलाड़ी के तौर पर ही चर्चा में है, लेकिन अश्विन के बयान ने इस बहस को नई दिशा दे दी है। आने वाले वर्षों में अगर दोनों में से कोई कोचिंग या टीम प्रबंधन का रास्ता चुनता है, तो भारतीय क्रिकेट को दो बेहद अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव नई भूमिका में देखने को मिल सकता है।
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