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जेएसएससी-सीजीएल और 2014 से अबतक टीडीपीएल के माध्यम से हुईं परीक्षाएं होंगी रद्द : सोरेन

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Health Tips: डायबिटीज मरीजों के लिए Jowar और Barley रोटी क्यों है जरूरी? जानें इसके फायदे

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। दवाओं के साथ जब तक आप सही डाइट नहीं लेंगे, हेल्दी लाइफस्टाइल को नहीं फॉलो करते हैं। तब तक ब्लड शुगर को कंट्रोल करना पॉसिबल नहीं है। डायबिटीज मरीजों के लिए डाइट में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स को शामिल करना जरूरी है। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स का मतलब उन फूड्स से है, जो ब्लड में ग्लूकोज लेवल जल्दी नहीं बढ़ाते हैं। वहीं मौसम के हिसाब से भी अपनी डाइट में बदलाव करना जरूरी होता है।

क्योंकि मानसून में पाचन कमजोर हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि ऐसी चीजों को डाइट में शामिल करें, जिनको पचाना आसान हो और शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सके। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे आटे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे बनने वाली रोटी को मानसून में डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

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ज्वार की रोटी

मानसून में डायबिटीज के मरीजों को ज्वार से आटे से बनने वाली रोटी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ज्वार की रोटी खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता है। इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है और यह ग्लूटन फ्री है। इसको खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और वेट कम करने में भी मदद मिलती है।

जौ की रोटी

डायबिटीज मरीजों के लिए जौ की रोटी फायदेमंद होती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है और गट हेल्थ के लिए भी इसको अच्छा माना जाता है। जौ में मौजूद बीटा-ग्लूकॉन नामक घुलनशील फाइबर ग्लूकोज के अब्जॉर्बशन को स्लो कर देता है। अगर आप भी जौ के आटे की रोटी नहीं खाना चाहती हैं, तो आप इसमें गेहूं का भी आटा मिला सकती हैं।

चने के आटे की रोटी

डायबिटीज के मरीजों को चने के आटे यानी कि बेसन वाली रोटी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। गेहूं की रोटी की तुलना में बेसन में कार्बोहाइड्रेट कम होता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बैलेंस होता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी दुरुस्त रहता है और वेट लॉस में भी मदद मिलती है। वहीं बेसन की रोटी खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम होता है।

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  Sports

पाकिस्तान में टीम इंडिया पर हो सकता था हमला, खुफिया इनपुट से टला था खतरा, 22 साल बाद हुआ खुलासा

India 2004 tour of Pakistan: भारत के साल 2004 में पाकिस्तान दौरे पर कराची में टीम पर हमला होने का खतरा था. इस घटना के बारे में पूर्व खुफिया एवं सुरक्षा अधिकारी यशोवर्धन आजाद ने अपनी हाल ही में प्रकाशित किताब में किया. उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ चाहते थे कि एक टेस्ट मैच कराची में हो, लेकिन भारत के सुरक्षा सलाहकारों ने उनकी मांग को ठुकरा दिया. Wed, 19 Aug 2026 08:55:50 +0530

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