Kranti Gaud record: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा तेज गेंदबाज क्रांति गायकवाड़ ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो अब तक दुनिया की कोई भी महिला क्रिकेटर नहीं कर सकी थी। 21 साल की तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ इकलौते टेस्ट में पांच विकेट लेकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।
क्रांति ने अपने करियर के केवल दूसरे टेस्ट में शानदार गेंदबाजी करते हुए 17 ओवर में 7 मेडन के साथ सिर्फ 37 रन देकर 5 विकेट लिए। उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड की पूरी टीम पहली पारी में 170 रन पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी के आधार पर 115 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
Etched in the history books on a historic occasion ????
क्रांति के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि कुछ दिन पहले इसी लॉर्ड्स मैदान पर उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा था। महिला टी20 विश्व कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ एक ओवर फेंका था, जिसमें 12 रन खर्च हुए थे और भारत टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। लेकिन इस बार उन्होंने उसी मैदान पर शानदार वापसी करते हुए यादगार प्रदर्शन किया।
इस सप्ताह लॉर्ड्स में इतिहास का एक और अध्याय भी लिखा गया, क्योंकि यहां पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला गया। पुरुषों का पहला टेस्ट इस मैदान पर 140 साल से भी पहले खेला गया था। ऐसे ऐतिहासिक मौके पर 10 हजार से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में क्रांति ने अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।
इंग्लैंड ने दूसरे दिन 21/1 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। इससे पहले भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिसमें स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने अर्धशतक लगाए थे। जवाब में इंग्लैंड की बल्लेबाजी क्रांति गायकवाड़ के सामने टिक नहीं सकी।
क्रांति ने पहला विकेट टैमी ब्यूमोंट को एलबीडब्ल्यू आउट कर हासिल किया। इसके बाद उन्होंने माया बाउशियर को विकेटकीपर ऋचा घोष के हाथों कैच कराया। उनकी सबसे बेहतरीन गेंद एलिस कैप्सी के खिलाफ रही, जिसने ऑफ स्टंप उखाड़ दिया। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट (44) को भी एलबीडब्ल्यू आउट किया।
अपना पांचवां और ऐतिहासिक विकेट उन्होंने लॉरेन बेल के रूप में लिया। स्लिप में पहले स्नेह राणा से कैच छूटा, लेकिन शेफाली वर्मा ने शानदार फुर्ती दिखाते हुए पहला स्लिप पर बेहतरीन कैच लपका। जैसे ही पांचवां विकेट गिरा, पूरे लॉर्ड्स मैदान में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।
इंग्लैंड की ओर से एमी जोन्स ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए, जबकि नैट साइवर-ब्रंट ने 44 रन की पारी खेली। हालांकि क्रांति गायकवाड़ की घातक गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड की टीम ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनका नाम हमेशा के लिए लॉर्ड्स के इतिहास में दर्ज हो गया।
कौन हैं क्रांति गौड़? क्रांति का ताल्लुक मध्य प्रदेश के छतरपुर से है। आदिवासी समुदाय से संबंध रखने वाली क्रांति की शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट में लड़कों के साथ खेलने से हुई थी। क्योंकि उनके घर के नजदीक लड़कियां क्रिकेट नहीं खेलतीं थीं। कई बार उनको लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने के कारण मां से डांट भी सुननी पड़ती थी। लेकिन, अपने जुनून के दम पर क्रांति आगे बढ़ती गईं। 2017 में पिता से जिद करके उन्होंने एक क्रिकेट क्लब में दाखिला लिया और वहां से फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
एक समय ऐसा भी आया था कि मध्य प्रदेश पुलिस में नौकरी करने वाले पिता सस्पेंड हो गए थे और भाई के पास भी कोई काम-धंधा नहीं था। ऐसे में कोच ने क्रांति के रहने, खाने से लेकर क्रिकेट किट तक का इंतजाम किया। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की महिला टीम और फिर सीनियर टीम में जगह बनाई। वो पिछले साल वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी थीं।