मादक पदार्थों की तस्करी के संगीन आरोपों में पूर्व अफगान जनरल अब्दुल जाहिर कादिर अमेरिका प्रत्यर्पित
अफगानिस्तान के पूर्व सैन्य जनरल और वहां की नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य अब्दुल जाहिर कादिर को मादक पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है। अधिकारियों की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 52 वर्षीय कादिर को शुक्रवार को अमेरिका लाया गया और न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में स्थित संघीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
कादिर को इसी साल 15 अप्रैल को केन्या की राजधानी नैरोबी से गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है, जहां उन पर हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की तस्करी की साजिश रचने तथा अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कादिर इससे पहले अफगानिस्तान के सीमा बल में जनरल के पद पर कार्यरत रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वह अफगानिस्तान की संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ द पीपल' के प्रथम उपाध्यक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं।
अमेरिका में कादिर के खिलाफ चल रहे इस कानूनी मामले में उनकी तरफ से कौन वकील पैरवी कर रहा है, यह स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, यदि अदालत में उन पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें कानून के तहत कम से कम 10 साल की अनिवार्य सजा और अधिकतम आजीवन कारावास का सामना करना पड़ सकता है।
मामले पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी अटॉर्नी जे. क्लेटन ने कादिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों और सैन्य श्रेणी के हथियारों की बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाला एक प्रमुख सिंडिकेट सदस्य बताया है। इसके साथ ही, कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने अपने बयान में कहा कि कादिर अफगानिस्तान में खुद को एक सम्मानित नेता के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ वह खतरनाक और अत्यधिक नशे की लत पैदा करने वाले मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े एक बड़े आपराधिक गिरोह का गुप्त रूप से संचालन कर रहे थे।
आधी रात को कमरे में घुसा डायरेक्टर, कर डाली गंदी डिमांड, अब एक्ट्रेस का छलका दर्द
Actress Sandeepa Virk on Casting Couch: एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर संदीपा विर्क एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि उनका हालिया इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की. संदीपा ने बताया कि 6 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें करीब साढ़े चार महीने तिहाड़ जेल में बिताने पड़े, जहां उन्होंने मानसिक और इमोशनल रूप से बेहद कठिन समय देखा. इतना ही नहीं, संदीपा ने मनोरंजन जगत में होने वाले कास्टिंग काउच को लेकर भी बेबाकी से अपनी राय रखी. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में कई बार ऐसे हालात का सामना करना पड़ा, जहां काम के बदले समझौते का दबाव बनाया गया.
'तिहाड़ जेल में हर दिन मौत की दुआ मांगती थी'
TheSheroesTV को दिए इंटरव्यू में संदीपा विर्क ने जेल के दिनों को याद करते हुए कहा कि वो उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर था. उन्होंने कहा, "मैं तिहाड़ जेल में हर दिन मौत की दुआ मांगती थी. वहां बिताया गया हर एक सेकंड मेरे लिए बहुत भारी था. मैं दिन-रात यही सोचती रहती थी कि आखिर ये समय कब खत्म होगा. शुक्र है कि वो दौर अब गुजर चुका है, लेकिन उन दिनों को याद करके आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं." संदीपा ने बताया कि जेल में हर दिन संघर्ष से भरा होता था और मानसिक रूप से खुद को संभालना सबसे बड़ी चुनौती थी. उन्होंने कहा कि बाहर से लोग जेल की जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकते.
मनी लॉन्ड्रिंग केस में गई थीं जेल
संदीपा विर्क का नाम करीब 6 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. वो लगभग साढ़े चार महीने तक तिहाड़ जेल में रहीं. फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं और अपनी जिंदगी को दोबारा नार्मल बनाने की कोशिश कर रही हैं.
कास्टिंग काउच पर खुलकर बोलीं संदीपा
इंटरव्यू के दौरान संदीपा ने फिल्म इंडस्ट्री में होने वाले कास्टिंग काउच पर भी खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में काम के बदले समझौते का दबाव बनाया जाता है, लेकिन किसी भी कलाकार के लिए फैसला उसका अपना होता है. उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री में रेप नहीं होता, लेकिन कास्टिंग काउच जरूर होता है. हर कोई अलग-अलग तरीके से अप्रोच करता है. बॉलीवुड में लोग डिनर या कॉफी के बहाने बुलाते हैं, जो शुरुआत में नार्मल लगता है. हर इंडस्ट्री का अपना तरीका होता है."
'डायरेक्टर मेरे कमरे में आ गया था'
संदीपा ने बताया कि पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में उनके साथ कई बार ऐसे अनुभव हुए, जिन्होंने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया. उन्होंने कहा कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान वो करीब सात दिनों तक शूट कर चुकी थीं, लेकिन बाद में फिल्म के निर्देशक उनके होटल के कमरे में पहुंच गए. संदीपा के मुताबिक, "उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मेरे साथ समझौता करोगी तभी आगे शूटिंग होगी. मैंने साफ मना कर दिया. इसके बाद मुझे फिल्म से बाहर कर दिया गया." उन्होंने कहा कि उस समय उनके लिए ये फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया.
'हीरो ने भी रखी अजीब डिमांड'
संदीपा ने एक और घटना का जिक्र करते हुए बताया कि दूसरी पंजाबी फिल्म में भी उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा. उन्होंने दावा किया, "उस फिल्म के हीरो की डिमांड थी कि मैं उसी होटल में उसके बगल वाले कमरे में रुकूं, तभी वो शूटिंग करेगा. मुझे ये बिल्कुल स्वीकार नहीं था." संदीपा ने कहा कि ऐसे अनुभव किसी भी कलाकार को मानसिक रूप से परेशान कर सकते हैं.
'सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री नहीं, हर फील्ड में होता है ऐसा'
हालांकि संदीपा ने ये भी कहा कि ऐसी घटनाओं को सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि सिर्फ मनोरंजन जगत में ही ये सब होता है. हर इंडस्ट्री और हर फील्ड में इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि हर जगह लोगों का तरीका अलग होता है."
'काम के बदले डिमांड क्यों?'
कास्टिंग काउच पर अपनी राय रखते हुए संदीपा ने कहा कि वो इस कल्चर के पूरी तरह खिलाफ हैं. उन्होंने कहा, "कास्टिंग काउच होता है. करना है या नहीं, ये पूरी तरह आपकी मर्जी है. लेकिन मैं इसके खिलाफ हूं. किसी कलाकार को उसके टैलेंट के आधार पर काम मिलना चाहिए. काम के बदले किसी तरह की निजी डिमांड करना बिल्कुल गलत है."
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