पंजाब के जालंधर जिले में एक ऐसा गुरुद्वारा है, जो न केवल अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, बल्कि एक अनोखी और दिलचस्प परंपरा के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है.
सावन के तीसरे सोमवार को उज्जैन में बाबा महाकाल की तीसरी सवारी भव्य रूप से निकाली गई. भगवान महाकाल श्री चंद्रमोलेश्वर, श्री मनमहेश और श्री शिव तांडव के तीन स्वरूपों में नगर भ्रमण पर निकले.