जरा सोचिए कोई विदेशी दौरा शुरू भी नहीं हुआ और मेजबान देश ने पहले ही दिन से भारत को अरबों रुपए का फायदा करवा दिया। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लेक्सन ने भारत के लिए एक ऐसा बड़ा ऐलान कर दिया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से ठीक पहले। पीएम मोदी दो दिनों के बेहद महत्वपूर्ण न्यूजीलैंड दौरे पर जा रहे हैं। लेकिन उनके कदम वहां पड़ने से पहले ही न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लेक्सन ने एक ऐसा मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है जिसकी चर्चा इस वक्त पूरी दुनिया के बिजनेस और पॉलिटिकल कॉरिडोर्स में हो रही है। दरअसल यह पूरा मामला भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार समझौते से जुड़ा हुआ है। पीएम मोदी इस वक्त अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी पड़ाव पर हैं। वह अभी ऑस्ट्रेलिया में हैं और वहां से सीधे न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। लेकिन उनके पहुंचने से ठीक पहले न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लेक्सन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।
उन्होंने साफ-साफ कहा है कि भारत के साथ होने वाले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के बिजनेस को एक नई रफ्तार मिलेगी और इतना ही नहीं उन्होंने भारत के लिए अपने दरवाजे इस कदर खोल दिए हैं कि अब न्यूजीलैंड भारत को जो कुछ भी एक्सपोर्ट यानी कि निर्यात करेगा उसका 57% हिस्सा पहले ही दिन से पूरी तरह से टेरिफ फ्री होगा। यानी उस पर कोई टैक्स या ड्यूटी नहीं लगेगी। इस बड़े ऐलान को भारत और न्यूजीलैंड के बीच गहरी होती दोस्ती और मजबूत होते व्यापारिक रिश्तों के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। लेक्सन ने खुद प्रधानमंत्री मोदी को न्यूजीलैंड आने का न्योता दिया है और अब 10 और 11 जुलाई को होने वाली इस राजकीय यात्रा पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस दो दिवसीय ऐतिहासिक दौरे के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत भी होने वाली है। इस बातचीत का मुख्य फोकस व्यापार, कॉमर्स और सबसे महत्वपूर्ण रक्षा यानी कि डिफेंस सेक्टर में सहयोग को बढ़ाना होगा।
बता दें कि पीएम मोदी अपने इस व्यस्त दौरे से सिर्फ राजनेताओं से ही नहीं मिलेंगे बल्कि वह न्यूजीलैंड की प्रमुख बिजनेस हस्तियों और खेल जगत के बड़े चेहरों से भी मुलाकात करने वाले हैं। और साथ ही न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के लिए भी एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जहां पीएम मोदी प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे। अब समझने वाली बात यह है कि आखिर न्यूजीलैंड ने बिना कोई देरी किए पहले ही दिन से 57% सामानों पर टेरिफ हटाने का फैसला क्यों लिया? विशेषज्ञ इस पर मान रहे हैं कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और कोई भी देश भारत के इस विशाल बाजार को नजरअंदाज नहीं कर सकता। न्यूजीलैंड को अच्छे से पता है कि अगर उसे अपनी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देनी है तो उसे भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने ही होंगे। इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि भारतीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं को न्यूजीलैंड का सामान काफी सस्ता मिलेगा और बदले में भारत के लिए भी न्यूजीलैंड के बाजारों में पैट बनाना आसान हो जाएगा।
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वॉल स्ट्रीट जर्नल की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ़्ते इज़राइल ने अमेरिका के साथ नई खुफिया जानकारी साझा की है कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक नई योजना बनाई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन वाहनों पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों को लेकर तनाव बढ़ गया है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन ट्रंप की हत्या की संभावित योजनाओं के बारे में कई तरह की खुफिया जानकारी पर नज़र रखता रहा है, लेकिन इज़राइल की चेतावनी नई थी और एक खास साज़िश से जुड़ी थी। खबरों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या करने की कसम खाई है। यह कदम ईरान के बड़े नेताओं जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी (जो 2020 में राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल के दौरान मारे गए थे) शामिल हैं की हत्याओं के बाद उठाया गया है। WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन में इज़राइल के दूतावास ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने भी तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
इस मामले पर, व्हाइट हाउस ने पत्रकारों का ध्यान उन टिप्पणियों की ओर दिलाया जो ट्रंप ने बुधवार को अंकारा में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में की थीं। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा वे अमेरिकी नेता यानी मुझे खत्म करना चाहते हैं। मैं हर लिस्ट में हूँ। मैंने आज सुबह देखा कि मैं उनकी हर एक लिस्ट में शामिल हूँ। और अब तक, मुझे लगता है कि मैं थोड़ा भाग्यशाली रहा हूँ, लेकिन शायद यह ज़्यादा समय तक न चले।
NATO समिट के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई
नई चेतावनियों को देखते हुए US इंटेलिजेंस एजेंसियां काम कर रही हैं और ज़मीन पर सुरक्षा में बदलाव भी शुरू हो गए हैं। ट्रंप ने तुर्की से निकलने के लिए अपने पुराने एयर फ़ोर्स वन प्लेन का इस्तेमाल किया और कतर से मिले नए जेट को ब्रिटेन भेज दिया, जहां से उन्होंने वॉशिंगटन की यात्रा के लिए प्लेन बदला। अमेरिकी नेता ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफ़ॉर्म पर बताया कि वह नए जेट को मिल्डेनहॉल एयरबेस भेज रहे हैं, ताकि सर्विस मेंबर्स को "एयरक्राफ़्ट देखने का मौका" मिल सके। ट्रंप ने कहा, "हर कोई बहुत उत्साहित है, और हमने सोचा कि उन्हें ही सबसे पहले यह मौका मिलना चाहिए। पुरानी यादों के लिए, हम तुर्की से पुराने एयर फ़ोर्स वन में ही आएंगे। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि अपनी पहली विदेश यात्रा पर नए जेट का इस्तेमाल न करने के फ़ैसले ने अटकलों को हवा दी है कि ईरान पर हालिया US हमलों के बीच सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया।
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