WhatsApp के 'यूजरनेम फीचर' पर आया जवाब, Meta ने सरकार को पत्र में क्या लिखा?
WhatsApp Username Feature: WhatsApp के "यूज़रनेम" फीचर रोल आउट विवाद पर अब कंपनी ने सरकार को जवाब भेज दिया है। कंपनी ने मिले जवाब पर सरकार ने जांच शुरू कर दी है। जुलाई की शुरुआत में सरकार ने भारत में मेटा को नोटिस जारी किया था।
गत 1 जुलाई को सरकार ने भारत में WhatsApp पर "यूजरनेम" फीचर रोल आउट करने के बारे में मेटा को नोटिस भेजा था। नोटिस में सरकार ने मेटा से "यूजरनेम" फीचर के बारे में विस्तार से जानकारी देने को कहा था। सूत्रों ने ANI को बताया कि सरकार ने मेटा से कहा था कि जब तक इस मामले पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक "यूजरनेम" फीचर रोल आउट न करे।
Meta has submitted its reply to Government regarding rollout of the WhatsApp “usernames” feature. Reply was received last night from WhatsApp. It is under examination, as of now. On July 1, Govt had issued notice to Meta regarding rollout of the “usernames” feature on WhatsApp in… pic.twitter.com/6XnWGG9mXg
— ANI (@ANI) July 10, 2026
मेटा ने WhatsApp के "यूज़रनेम" फीचर को रोल आउट करने के बारे में सरकार को अपना जवाब भेज दिया है। WhatsApp से कल रात जवाब मिला। अभी इसकी जांच की जा रही है।
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क्या है पूरा विवाद?
WhatsApp ने जून-जुलाई 2026 में अपना 'यूजरनेम' (Username) फीचर पेश करने का ऐलान किया था। इसके पीछे मुख्य कारण यूज़र्स की प्राइवेसी को बढ़ाना था, जिससे किसी अंजान व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन भारत सरकार ने फिलहाल इस फीचर पर रोक लगा दी है। सरकार को डर है कि अगर मोबाइल नंबर की जगह सिर्फ Username से बातचीत शुरू होगी, तो साइबर अपराधी फर्जी पहचान बनाकर लोगों को आसानी से निशाना बना सकते हैं। इससे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग और तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ने की आशंका है।
अब Meta (WhatsApp की पैरेंट कंपनी) ने इस मामले में सरकार को अपना पक्ष और सुरक्षा उपायों की जानकारी सौंप दी है। फिलहाल सरकार इसकी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि भारत में यह फीचर कब और किन शर्तों के साथ शुरू होगा।
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Yogini Ekadashi 2026: आज योगिनी एकादशी पर करें तुलसी के ये अचूक उपाय, धनलक्ष्मी प्रसन्न होकर बनाएंगी धनवान
Yogini Ekadashi 2026: पंचांग के अनुसार, आज योगिनी एकादशी की तिथि लग रही है. कई लोग आज भी योगिनी एकादशी का व्रत रख रहे हैं. ऐसे में आज के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. यह एकादशी श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती है. इसलिए, आज के दिन तुलसी से जुड़े उपाय करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है. दरअसल, ज्योतिष शास्त्र में तुलसी को भगवान विष्णु की सबसे प्रिय अर्धांगिनी कहा जाता है. मान्यता है कि एकादशी के दिन तुलसी माता और उनसे जुड़े उपाय करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं. इससे घर में कभी भी संकट नहीं आता है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. आइए जानते हैं एकादशी पर किए जाने वाले तुलसी के कुछ सरल उपाय.
योगिनी एकादशी पर करें तुलसी से जुड़े ये चमत्कारी उपाय
1.शाम को घी की दीया जलाएं
योगिनी एकादी पर शाम को तुलसी पौधे के पास गाय के शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं. दीपक जलाते समय ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें. दीया जलाने के बाद तुलसी पौधे की 11 या 21 बार परिक्रमा लगाएं. ऐसा करने से सकारात्मक्ता आती हैं. घर में सुख-शांति का वास होता है.
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2.भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें
बता दें कि धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा और एकादशी व्रत पूजा में तुलसी दल का होना आवश्यक होता है. इस सामग्री के बिना पूजा करना वर्जित या अधूरा माना जाता है. इसलिए, तुलसी के पत्ते को एकादशी की पूजा में शामिल करें. मगर तुलसी का पत्ता पहले से तोड़कर रखना चाहिए. एकादशी पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते हैं.
3.तुलसी की जड़ों का उपाय
अगर आपके पास तुलसी पौधे की कुछ सूखी जड़े हैं, तो एकादशी के दिन आपको तुलसी पौधे की थोड़ी मिट्टी और इन सुखी जड़ों को एकसाथ मिलाकर एक पीले कपड़े में बांधकर पोटली बना लें. अब इस पोटली को भगवान विष्णु के चरणों में स्पर्श करवाएं और उसे अपनी तिजोरी में या फिर धन संरक्षित करने वाले स्थान पर रख दें. मान्यता है कि इस उपाय को करने से घर में धन की कमी नहीं होती है और रुका हुआ पैसा भी प्राप्त होता है.
4.तुलसी नामाष्टक का पाठ
एकादशी के दिन साधकों को तुलसी नामाष्टक का पाठ भी करना चाहिए. यदि किसी को करियर और बिजनेस में बार-बार बाधाएं आती हैं तो उसे योगिनी एकादशी पर तुलसी पौधे के सामने बैठकर 'तुलसी नामाष्टक' का पाठ करना चाहिए. ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है. आप पाठ न कर पाएं तो एकादशी के दिन तुलसी माता के 8 नामों का 108 बार जाप कर सकते हैं.
तुलसी माता के आठ नाम
- वृंदा
- वृंदानी
- विश्वपावनी
- विश्वपूजती
- पुष्पसारा
- नंदिनी
- कृष्णजीवनी
- तुलसी
5.तुलसी माता को लाल चुनरी और सुहाग सामग्री चढ़ाएं
अगर किसी के दांपत्य जीवन में परेशानियां आ रही हैं तो उन्हें एकादशी के दिन माता तुलसी को श्रृंगार सामग्री अर्पित करनी चाहिए. जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उन्हें भी तुलसी माता को लाल चुनरी चढ़ानी चाहिए. ऐसा करने से सौभाग्य बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है. नए और अच्छे रिश्ते मिलते हैं.
एकादशी के दिन तुलसी से जुड़ी ये गलतियां बिल्कुल न करें
- एकादशी के दिन तुलसी पौधे के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. दरअसल, तुलसी माता भी एकादशी का व्रत रखती हैं, ऐसे में उनका व्रत खंडित हो सकता है.
- योगिनी एकादशी पर बेवजह तुलसी पौधे को छूना नहीं चाहिए.
- योगिनी एकादशी पर तुलसी पौधे पर जल अर्पित नहीं करना चाहिए, खासतौर पर सूर्यास्त के बाद.
- तुलसी पौधे के पास गंदगी और जूठे बर्तन नहीं रखने चाहिए.
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