Maharshi Tuhin Kashyap ने Italy में जीता पुरस्कार, 'कॉक कॉक कूकूक' के लिए मिला सम्मान
असमिया फिल्मकार महर्षि तुहिन कश्यप को इटली के पिस्टिची, बेसिलिकाटा में आयोजित 27वें लुकानिया फिल्म महोत्सव में उनकी फिल्म ‘कॉक कॉक कूकूक’ के लिए ‘सीक्रेट प्रोग्राम फेलिनी’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह पुरस्कार प्रसिद्ध फिल्मकार फेडेरिको फेलिनी के सम्मान में दिया जाता है और विश्व सिनेमा में उनके असाधारण योगदान तथा फिल्मकारों की कई पीढ़ियों पर उनके स्थायी प्रभाव को श्रद्धांजलि स्वरूप प्रदान किया जाता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रशंसित ईरानी फिल्मकार मोहसिन मखमलबाफ ने कश्यप की फिल्म को ‘सीक्रेट प्रोग्राम फेलिनी’ पुरस्कार प्रदान किया।
इसे कश्यप के उभरते अंतरराष्ट्रीय फिल्मी करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। ‘कॉक कॉक कूकूक’ का लुकानिया फिल्म महोत्सव में यूरोपीय प्रीमियर हुआ। फिल्म की अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव यात्रा की शुरुआत बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इसके विश्व प्रीमियर के साथ हुई थी।
इसके बाद फिल्म ने केरल के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफके) और ढाका अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव समेत कई महोत्सवों में शिरकत की और अब यूरोपीय प्रीमियर के लिए इटली पहुंची। सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) में कश्यप की स्नातक फिल्म के रूप में बनी ‘कॉक कॉक कूकूक’ ने फिल्म स्कूल की परियोजना से अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में पहचान बनाने तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है। असमिया की यह फिल्म प्रवासी मुर्गी विक्रेता सिकेन की कहानी है, जिसे अपनी आरएक्स100 मोटरसाइकिल से बेहद लगाव है।
जब उसकी प्यारी मोटरसाइकिल खो जाती है तो वह गहरे दुख में डूब जाता है। अपनी बाइक के गायब होने और झूठे पुलिस मामले में फंसाए जाने के डर के बीच अंततः वह खुद मोटरसाइकिल में तब्दील हो जाता है। यह फिल्म असम और भारत की समकालीन राजनीति तथा प्रवासियों की दुर्दशा को जादुई यथार्थवाद के नजरिये से प्रस्तुत करती है।
कश्यप ने पीटीआई-से कहा, ‘‘हमारी फिल्म ‘कॉक कॉक कूकूक’ का महान फिल्मकार मोहसिन मखमलबाफ द्वारा चयन किया जाना और उनसे पुरस्कार प्राप्त करना किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। उनकी फिल्मों ने मुझे हमेशा गहराई से प्रभावित और प्रेरित किया है।
Abhishek Banerjee पहुंचे Calcutta High Court, बैंक खाता फ्रीज करने के फैसले को दी चुनौती
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक निजी बैंक द्वारा उनके बैंक खाते पर कथित तौर पर रोक लगाए जाने को चुनौती देते हुए सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। याचिका में बनर्जी ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा है कि चिकित्सकीय कारणों से वह जल्द ही विदेश यात्रा करने वाले हैं और इसके लिए उन्हें उच्चतम न्यायालय से अनुमति मिल चुकी है। न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई बुधवार को करेंगे।
साथ ही, उन्होंने अभिषेक बनर्जी के वकील को तब तक संबंधित पक्षों को नोटिस देने का निर्देश दिया। बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि निजी बैंक ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना उनके व्यक्तिगत बैंक खाते पर रोक लगा दी। भट्टाचार्य ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस सांसद चिकित्सकीय कारणों से विदेश यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, जिसकी अनुमति उच्चतम न्यायालय ने दे दी है।
डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने बैंक प्राधिकार द्वारा उनके बैंक खाते पर रोक लगाए जाने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया। न्यायमूर्ति राव के इस सवाल पर कि क्या बनर्जी के खिलाफ कोई जांच चल रही है, उनके वकील ने बताया कि उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ चल रही जांच में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से उन्हें संरक्षण दे रखा है और वह अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों का पालन कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह बनर्जी को चिकित्सकीय उपचार के लिए तीन सप्ताह के वास्ते विदेश यात्रा करने की अनुमति दी थी।
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