कभी हरी तो कभी गुलाबी दिखने लगती है भारत की यह झील, आखिर क्या है इसके पीछे का विज्ञान?
भारत में एक ऐसी अनोखी झील मौजूद है, जिसका रंग हमेशा एक जैसा नहीं रहता. कभी इसका पानी हरा दिखाई देता है, तो कभी इसमें गुलाबी रंग की झलक नजर आने लगती है. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित लोणार झील (Lonar Lake) अपने बदलते रंग और अनोखी बनावट की वजह से दुनियाभर के वैज्ञानिकों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. आइए जानते हैं कि आखिर इस झील का रंग क्यों बदलता है और इसके पीछे कौन-सा वैज्ञानिक कारण छिपा है.
न दवा, न केमिकल... चूल्हे की राख से होगी फसलों में कीटों की छुट्टी! पहाड़ के किसान आज भी अपनाते हैं ये तरीका
Wood Ash for Plants: मानसून का सीजन शुरू होते ही खेतों में लगातार बनी रहने वाली नमी जहां फसलों को नया जीवन देती है, वहीं कई तरह के कीटों, इल्लियों, घोंघों और फफूंद के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार कर देती है. ये कीट सब्जियों और दालों की पत्तियों को काटकर रस चूस लेते हैं, जिससे पौधों का विकास रुक जाता है और पैदावार पर बुरा असर पड़ता है. बागेश्वर के ग्रामीण इलाकों में आज भी किसान महंगे केमिकल और रासायनिक कीटनाशकों के बजाय सदियों पुराने पारंपरिक और प्राकृतिक उपाय अपना रहे हैं. इन्हीं देसी उपायों में से एक है 'लकड़ी की राख' का इस्तेमाल, जिसे मानसून के दौरान पौधों पर छिड़क कर किसान भाई अपनी फसल को पूरी तरह सुरक्षित रख रहे हैं.
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