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रॉकिंग स्टार यश की टॉक्सिक के फुल फैनबॉय बने साकिब सलीम, बोले- 'फिल्म देखने का इंतजार कर रहा हूं'

Saqib Saleem Appreciates Toxic: 26 अगस्त 2026 को टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स की रिलीज़ का काउंटडाउन जैसे-जैसे तेज़ हो रहा है, वैसे-वैसे फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट भी सातवें आसमान पर पहुंच रही है. इसी बीच एक्टर साकिब सलीम ने इस एक्साइटमेंट में अपना हाई-वोल्टेज तड़का लगा दिया है. अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर ‘आस्क मी’ सेगमेंट के दौरान जब एक फैन ने उनसे इस मोस्ट-अवेटेड पैन-इंडिया फिल्म के बारे में पूछा, तो साकिब खुद को फैनबॉय बनने से रोक नहीं पाए. उन्होंने फिल्म के विशाल स्केल और शानदार विजुअल्स की तारीफ तो की ही, साथ ही इसके लीडिंग मैन ‘रॉकिंग स्टार’ यश की स्क्रीन प्रेजेंस के भी जमकर कायल नजर आए.

'मैं सच में फिल्म देखने का इंतजार कर रहा हूं'

साकिब ने कहा, “टॉक्सिक और यश, दोनों को लेकर बहुत शानदार विचार हैं. टॉक्सिक का ट्रेलर बहुत ही धमाकेदार लग रहा है. मुझे फिल्म की एम्बिशन, इसका स्केल और सिनेमैटोग्राफी बहुत पसंद आई. मैं सच में फिल्म देखने का इंतजार कर रहा हूं. तो 26 अगस्त को फिल्म रिलीज हो रही है. मोशन क्रॉस्ड, मैं इसके लिए बहुत एक्साइटेड हूं!” साकिब के लिए यह एक्साइटमेंट थोड़ा पर्सनल भी है. उनकी बहन और पावरहाउस परफॉर्मर हुमा कुरैशी फिल्म में एलिज़ाबेथ का दमदार किरदार नियत नजर तेज़ी. उनका किरदार इस डार्क गैंगस्टर कहानी के पूरे नैरेटिव को हिला देने वाला है.

मैंने यश केइंटरव्यू देखे

फिर जब बात फिल्म के तूफान को लीड कर रहे यश की आई, तो साकिब का फैनबॉय मोड और भी ऑन हो गया. उन्होंने कहा, “और यश... यश उर्फ रॉकी भाई उर्फ अब राया! मैं आपकी स्किल और आपके माइंडसेट का बहुत बड़ा एडमायरर हूं. मैंने यश के कुछ इंटरव्यू देखे हैं और जिस तरह से वो अपने फैन्स से कनेक्ट करते हैं, मैं उसका बहुत बड़ा फैन हूं. तो पूरी टीम को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं.”

अपनी बहन हुमा की टांग खींचते हुए साकिब ने आगे मज़ाक में कहा, “मुझे टॉक्सिक और यश के बारे में सुनने को मिलता रहता है, क्योंकि लगता है मेरे घर में रहने वाला कोई इस फिल्म में है. उसका नाम क्या है? उमा? कोई उमा नाम की है. हुमा फिल्म में है, तो उसे भी मेरी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं.”

टॉक्सिक को लेक बना हुआ है बज

हालांकि, साकिब अकेले ऐसे शख्स नहीं हैं जो टॉक्सिक को लेकर ऑब्सेस्ड नजर आ रहे हैं. ग्लोबल सिनेमा में भी इस फिल्म को लेकर ऐसा बज़ काफी लंबे समय बाद देखने को मिल रहा है. इस जबरदस्त क्रेज़ की सबसे बड़ी वजह हैं ‘रॉकिंग स्टार’ यश, जो के.जी.एफ: चैप्टर 2 की ऐतिहासिक सफलता के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं. डायरेक्टर गीतू मोहनदास के विज़न में यश इस बार अपने आइकॉनिक रॉकी भाई अवतार से बाहर निकलकर राय्या के एक ग्रिटी और मोरली एम्बिग्युअस डबल रोल में नजर आएंगे.

इस साइकोलॉजिकल क्राइम एपिक को करीब ₹500 करोड़ से ₹1,000 करोड़ के भारी-भरकम बजट में बनाया जा रहा है, जिससे यह अब तक की सबसे महंगी और महत्वाकांक्षी इंडियन फिल्मों में से एक बन गई है.

26 अगस्त को रिलीज होगी टॉक्सिक

फिल्म की कहानी का माहौल भी अपने आप में बेहद दिलचस्प है. 1940s से लेकर 1970s के बीच के गोवा की कोस्टल लैंडस्केप्स में सेट यह कहानी पुर्तगाली कॉलोनियल रूल के कमजोर पड़ने के बाद पैदा हुए अराजक माहौल और इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल्स के बेरहम उभार को दिखाती है. हॉलीवुड के स्टंट मास्टर जे.जे. पेरी फिल्म के हाई-ऑक्टेन एक्शन को संभाल रहे हैं. वहीं स्टार-स्टडेड कास्ट में नयनतारा गंगा, कियारा आडवाणी नादिया, हुमा कुरैशी एलिज़ाबेथ, तारा सुतारिया रेबेका और रुक्मिणी वसंत मेलिसा के किरदार में नजर आएंगी.

26 अगस्त को रिलीज़ होने जा रही Toxic अब सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐसा सिनेमाई तूफान बनती नजर आ रही है, जो बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ इंडियन सिनेमा के कई पुराने रिकॉर्ड्स भी हिला सकता है.

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Explainer: क्या है ‘दिमागी नक्सल’ जिसका PM मोदी ने लाल किले से किया जिक्र? बयान के बाद क्यों मचा सियासी घमासान

Who are Dimagi Naxals: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद से देश का सियासी पारा गरमा गया है. पीएम ने देशवासियों को ऐसे लोगों से सावधान रहने को कहा था. इस बयान के बाद विपक्ष ने इसे सत्ता पक्ष का नया 'अर्बन नक्सल' तंज मानकर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद बीजेपी और सरकार के मंत्रियों ने मोर्चेबंदी करते हुए इसके सही मायने समझाए. आइए समझते हैं कि यह पूरा विवाद क्या है और 'दिमागी नक्सल' को लेकर दोनों पक्षों की क्या दलीलें हैं.

सरकार की नजर में कौन हैं 'दिमागी नक्सल'?

विपक्षी नेताओं की बयानबाजी के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी सांसद बृजलाल ने इस शब्द को विस्तार से परिभाषित किया. रिजिजू ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी ने किसी विपक्षी नेता को 'दिमागी नक्सल' नहीं कहा था, बल्कि यह उन विचारकों के लिए था जो देश विरोधी मंसूबों का समर्थन करते हैं. बीजेपी के अनुसार, 'दिमागी नक्सल' वे लोग हैं जो: संविधान और अखंडता के विरोधी: ये लोग माओवाद का बचाव करते हैं, धारा 370 के समर्थन में खड़े होते हैं और 'चिकन नेक' को काटकर पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने जैसी अलगाववादी सोच रखते हैं. ये जंगलों में हथियार लेकर नहीं छिपते. ये शहरों में प्रोफेसर, लेखक, NGO संचालक और बुद्धिजीवी का मुखौटा पहनकर रहते हैं.

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युवाओं का ब्रेनवॉश

 ये अपने लेखों और सेमिनारों के जरिए युवाओं के दिमाग में जहर घोलते हैं. ये न्यायपालिका, सुरक्षा बलों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ अविश्वास पैदा करते हैं और हथियारी नक्सलियों का महिमामंडन करके उनके लिए फंडिंग जुटाते हैं. कांग्रेस के दिग्गज नेता पी. चिदंबरम ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है. कांग्रेस के ही जयराम रमेश ने इसे पुरानी 'अर्बन नक्सल' वाली थ्योरी का नया नाम बताया. इसके अलावा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.

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बीजेपी का कांग्रेस से सीधा सवाल: मनमोहन सही या चिदंबरम?

पी. चिदंबरम के "गर्व" वाले बयान ने बीजेपी को कांग्रेस पर सीधा हमला करने का मौका दे दिया. बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का वह ऐतिहासिक बयान याद दिलाया जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को भारत की "आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा" माना था. बीजेपी ने पूछा कि कांग्रेस साफ करे कि वह मनमोहन सिंह की बात मानती है या चिदंबरम के 'गर्व' वाले रुख का समर्थन करती है? लाल आतंक का खात्मा: बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि पहले 'रेड कॉरिडोर' के तहत 180 जिले नक्सलवाद की आग में जल रहे थे. लेकिन 31 मई 2026 तक मोदी सरकार की नीतियों और गृह मंत्री अमित शाह की सख्ती के कारण नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटकर शून्य हो गई है. बंदूकों की जगह 'बस्तर ओलंपिक': सरकार ने अपनी उपलब्धि गिनाते हुए बताया कि जिस बस्तर में कभी गोलियां और बारूद गूंजते थे, आज वहां 'बस्तर ओलंपिक' जैसे शानदार खेल कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जो एक नए और शांत भारत की तस्वीर है.

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इंग्लैंड में असली इम्तिहान से पहले पाकिस्तान की नींद हराम, उधर काम-तमाम करने बेसब्र मेजबान

babar azam injury: इंग्लैंड दौरे पर मौजूद पाकिस्तान क्रिकेट टीम 19 अगस्त से हेडिंग्ले में पहला टेस्ट मैच खेलने उतरेगी. इससे पहले कप्तान बाबर आजम की चोट ने पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है. बाबर आजम दाहिने हाथ की चोट से जूझ रहे हैं, इसी को लेकर उनके पहले टेस्ट मैच में खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है. हालांकि, अब खबर सामने आई है कि उनका पहले मुकाबले में खेलना मुश्किल है. Mon, 17 Aug 2026 23:30:37 +0530

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Aman Chopra: कांग्रेस समर्थक Tehseen Poonawallah ने Mehbooba Mufti पर क्या कह दिया? Dimagi Naxal #tmktech #vivo #v29pro
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2026-08-17T18:45:35+00:00
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