कृति सेनन ने फिल्म 'मिमी' के समय एग्स फ्रीज कराए:बोलीं- शादी या बच्चे अपनी मर्जी से होने चाहिए, मां बनने का कोई दबाव नहीं चाहती
बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपनी फिल्म 'मिमी' की तैयारी के दौरान अपने एग्स फ्रीज कराए थे। 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' को दिए एक इंटरव्यू में कृति ने बताया कि इस फिल्म के रोल के लिए उन्हें वजन बढ़ाना था। चूंकि एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया में शरीर में भारीपन आता है, इसलिए उन्होंने इस समय का समझदारी से इस्तेमाल किया। 35 साल की कृति ने कहा कि वे बायोलॉजिकल क्लॉक या किसी तरह के सामाजिक दबाव के कारण शादी या बच्चे का फैसला नहीं करना चाहती हैं। वजन बढ़ाने के समय को किया इस्तेमाल कृति सेनन ने बताया कि फिल्म 'मिमी' के लिए उन्हें एक बड़ा फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन करना था। उन्हें अपने किरदार के लिए काफी वजन बढ़ाना था। इसी दौरान उन्होंने एग फ्रीजिंग कराने का फैसला किया। कृति के मुताबिक, उन्हें किसी ने सलाह दी थी कि अगर आप ऐसा कर सकती हैं, तो यह खुद को दिया जाने वाला सबसे अच्छा तोहफा है। यह बात उनके दिमाग में बैठ गई थी और जब उन्हें फिल्म के लिए वजन बढ़ाने को कहा गया, तो उन्हें लगा कि यह एग फ्रीजिंग कराने का सबसे सही समय है। शादी और बच्चों के लिए नहीं चाहतीं कोई दबाव एग फ्रीजिंग कराने की वजह बताते हुए कृति ने कहा कि वे भविष्य में मां बनने के समय को लेकर किसी तरह के दबाव में नहीं रहना चाहती हैं। वे कभी भी इस बात से बंधना नहीं चाहतीं कि उन्हें उम्र के कारण अभी शादी करनी है या अभी बच्चे पैदा करने हैं। कृति ने कहा कि शादी या बच्चे का फैसला इंसान को तब करना चाहिए जब वह अंदर से इसके लिए पूरी तरह तैयार महसूस करे। यह फैसला किसी घड़ी की सुई या दबाव को देखकर नहीं होना चाहिए। क्या होती है एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया? एग फ्रीजिंग एक मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें महिला के एग्स को निकालकर उन्हें बिना फर्टिलाइज किए फ्रीज कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें भविष्य में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित स्टोर किया जाता है। यह तकनीक उन महिलाओं की मदद करती है जो किसी वजह से अपनी प्रेग्नेंसी या मदरहुड को कुछ समय के लिए टालना चाहती हैं। कृति ने इस प्रक्रिया के हार्मोनल और इमोशनल असर पर भी बात की और इसे महिलाओं के लिए एक बेहतर विकल्प बताया। हाल ही में हिट रही फिल्म 'कॉकटेल 2' वर्कफ्रंट की बात करें तो कृति सेनन को आखिरी बार फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में थे। होमी अडजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी लव रंजन और तरुण जैन ने लिखी थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई थी और इसने दुनिया भर में 130 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।
MP: मूंग किसानों की पूरी उपज MSP पर खरीदने की मांग, जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक किसानों की संपूर्ण उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करते हुए केंद्र और राज्य सरकार इस संबंध में शीघ्र निर्णय लें।
कांग्रेस नेता ने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी दलहन उत्पादक राज्य है। किसानों ने सरकार की नीतियों पर भरोसा करते हुए अधिक निवेश कर रिकॉर्ड मूंग उत्पादन किया लेकिन आज वही किसान अपनी उपज MSP पर बेचने के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि हरदा सहित प्रदेश के कई जिलों में किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित तो करती है, लेकिन पूरी उपज खरीदने से पीछे हट रही है।
MSP पर किसानों की मूंग खरीद सुनिश्चित करने की मांग
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी मूंग खरीदी में अव्यवस्था, सीमित उपार्जन, भुगतान में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसानों को आंदोलन करना पड़ा था। इस वर्ष भी वही स्थिति दोहराई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वास्तविक उत्पादन की तुलना में खरीदी का लक्ष्य काफी कम रखा गया है, जिससे हजारों किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम कीमत पर निजी व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब केंद्र सरकार दलहन उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की बात करती है, तब किसानों की पूरी उपज एमएसपी पर नहीं खरीदना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने खरीदी लक्ष्य कम होने, पंजीयन और स्लॉट आवंटन में अव्यवस्था, खरीदी केंद्रों की कमी, गुणवत्ता परीक्षण के नाम पर किसानों को लौटाने तथा भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव को किसानों की प्रमुख समस्याएं बताया।
सरकार के सामने ये मांगें रखी
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से सात प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि सभी पंजीकृत किसानों की संपूर्ण मूंग उपज MSP पर खरीदी जाए, खरीदी लक्ष्य तत्काल बढ़ाया जाए, किसी भी किसान को खरीदी से वंचित न रखा जाए, खरीदी केंद्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए, पंजीयन, स्लॉट एवं गुणवत्ता परीक्षण से जुड़ी समस्याओं का जिला स्तर पर समाधान किया जाए, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा आंदोलनरत जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजकर किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
जीतू पटवारी ने कहा कि किसान किसी अनुदान की नहीं, बल्कि अपनी मेहनत की उचित कीमत मांग रहे हैं। यदि सरकार किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है तो उसकी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है कि उनकी पूरी उपज का सम्मानजनक मूल्य पर उपार्जन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस इसे राजनीति का नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानती है। यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो लाखों मूंग उत्पादक किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी।
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