Nag Panchami Special: साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, नाग शय्या पर विराजमान हैं शिव-पार्वती; जानें मंदिर से जुड़े 7 तथ्य
Nagchandreshwar Temple: उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की धार्मिक परंपराओं में नागचंद्रेश्वर मंदिर का विशेष स्थान है। मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खोले जाते हैं।
यहां भगवान शिव और माता पार्वती को नाग के फनों के नीचे विराजमान स्वरूप में पूजा जाता है। मंदिर के साल में केवल एक दिन खुलने की परंपरा को नागराज तक्षक से जुड़ी पौराणिक मान्यता से जोड़ा जाता है।
1.क्या है नागचंद्रेश्वर मंदिर की खासियत?
नागचंद्रेश्वर मंदिर भगवान शिव के उस स्वरूप को समर्पित है, जिसमें उनका संबंध नाग और चंद्रमा से जुड़ा माना जाता है। मंदिर की प्राचीन प्रतिमा और साल में सिर्फ एक बार दर्शन की परंपरा इसे खास बनाती है।
इस मंदिर की प्रतिमा में भगवान शिव और माता पार्वती को नाग के फनों के नीचे विराजमान दिखाया गया है। प्रतिमा को 11वीं शताब्दी का बताया जाता है।
2.कहां स्थित है मंदिर?
नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की सबसे ऊपरी यानी तीसरी मंजिल पर स्थित है। महाकाल मंदिर के तीन स्तरों में सबसे नीचे महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उसके ऊपर ओंकारेश्वर और सबसे ऊपर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है।
3.कब खुलते हैं मंदिर के कपाट?
नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी के दिन खोले जाते हैं। इस दौरान करीब 24 घंटे तक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलता है।
इसके बाद मंदिर के कपाट अगले साल नाग पंचमी तक बंद रहते हैं। 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को है। इस बार नाग पंचमी और सावन सोमवार का भी संयोग है।
4. प्रतिमा में विराजमान हैं शिव-पार्वती
नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती के नाग से जुड़े स्वरूप की पूजा की जाती है। मंदिर में मौजूद प्रतिमा में दोनों को नाग के फनों के नीचे विराजमान दिखाया गया है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा भी है। परंपरा के अनुसार नाग पंचमी की शुरुआत में संतों द्वारा विशेष पूजा की जाती है।
5. साल में सिर्फ एक दिन क्यों खुलता है मंदिर?
मंदिर के कपाट साल में केवल एक दिन खोलने के पीछे पौराणिक मान्यता बताई जाती है। मान्यता है कि सर्पराज तक्षक ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अमरत्व का वरदान दिया।
कहा जाता है कि तक्षक नाग भगवान शिव के सान्निध्य में एकांत साधना करना चाहते थे। इसी मान्यता के चलते मंदिर के कपाट साल भर बंद रहते है।
6. नाग पंचमी पर होती है विशेष पूजा
नाग पंचमी के दिन मंदिर के कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और मंदिर में अलग-अलग समय पर पूजन की परंपरा निभाई जाती है।
7. प्रतिमा को लेकर भी जुड़ी हैं मान्यताएं
नागचंद्रेश्वर मंदिर की प्राचीन प्रतिमा को लेकर यह भी मान्यता है कि इसे नेपाल से उज्जैन लाया गया था। हालांकि, इसके नेपाल से लाए जाने का मजबूत ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे मान्यता के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, पुख्ता ऐतिहासिक तथ्य के रूप में नहीं।
(Disclaimer): इस लेख में मंदिर और नागचंद्रेश्वर से जुड़ी जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों पर आधारित है। धार्मिक मान्यताओं से जुड़े दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य न माना जाए।
यह भी पढ़ें: नाग पंचमी पर जरूर करें इन 5 नाग मंदिरों के दर्शन, मान्यता है दूर होती हैं ये बड़ी परेशानियां
16 साल तक सनी देओल ने शाहरुख से नहीं की बात: गुस्से में फाड़ी जींस; 30 साल बाद बताया 'डर' के सेट पर क्या हुआ
Sunny Deol-Shahrukh Khan fight: बॉलीवुड के दो बड़े स्टार सनी देओल और शाहरुख खान के बीच फिल्म 'डर' की शूटिंग के दौरान हुआ झगड़ा आज भी इंडस्ट्री की चर्चित घटनाओं में शामिल है। दोनों कलाकारों के बीच फिल्म के क्लाइमेक्स को लेकर विवाद इतना बढ़ गया था कि करीब 16 साल तक दोनों ने एक-दूसरे से बातचीत तक नहीं की।
अब सनी देओल ने 30 साल बाद इस पुराने विवाद को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि शाहरुख खान उके दोस्त नहीं, सिर्फ कलीग हैं।
'डर' के सेट पर क्यों नाराज हुए थे सनी देओल?
1993 में रिलीज हुई 'डर' में सनी देओल ने सुनील मल्होत्रा का किरदार निभाया था, जबकि शाहरुख खान ने राहुल मेहरा नाम के जुनूनी विलेन की भूमिका निभाई थी। फिल्म में शाहरुख का किरदार काफी प्रभावशाली था और कहानी में उसे जिस तरह पेश किया गया, उसे लेकर सनी देओल को आपत्ति थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के क्लाइमेक्स को लेकर दोनों कलाकारों के बीच बहस हुई थी। उस समय सनी इतने गुस्से में आ गए थे कि उन्होंने अपने हाथों से जींस तक फाड़ दी थी। इसके बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई और उन्होंने लंबे समय तक एक-दूसरे से बात नहीं की।
सनी देओल ने बताया, विवाद की वजह क्या थी?
शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत में सनी देओल ने उस घटना को याद करते हुए कहा- "मैं किसी और पर गुस्सा नहीं हुआ। मुझे खुद पर गुस्सा आया और मैंने अपनी जींस फाड़ दी। कम उम्र में कुछ बातें होती हैं, और मैं कोई इनसिक्योर इंसान नहीं हूं; मुझे कोई इनसिक्योरिटी नहीं है, खासकर सेट पर। लेकिन कई एक्टर्स इनसिक्योर होते हैं और वे ऐसी हरकतें करते हैं जिनकी बिल्कुल ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि हम वही किरदार निभा सकते हैं जो हम हैं, उससे ज़्यादा कुछ नहीं। फिर भी, काफी एक्टर्स बहुत इनसिक्योर महसूस करते हैं। और इसी वजह से माहौल खराब हो जाता है और चीज़ें बिगड़ जाती हैं।"
क्या अब शाहरुख खान और सनी देओल दोस्त हैं?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह और शाहरुख दोस्त हैं, तो सनी ने जवाब दिया, "हम उस समय भी दुश्मन नहीं थे। दोस्त से मेरा मतलब है कि हम सभी फिल्म इंडस्ट्री में साथी हैं। हम फिल्म इंडस्ट्री में दोस्त होने के बजाय साथी हैं।"
16 साल तक नहीं हुई दोनों के बीच बातचीत
'डर' के बाद सनी देओल और शाहरुख खान के बीच बातचीत लगभग 16 साल तक बंद रही। दोनों एक ही इंडस्ट्री का हिस्सा होने के बावजूद लंबे समय तक एक-दूसरे से दूरी बनाए रहे।
हालांकि, समय के साथ यह पुराना विवाद पीछे छूट गया। साल 2023 में 'गदर 2' की सफलता के बाद दोनों सितारों के बीच रिश्ते सामान्य होने की खबरें सामने आईं। सनी देओल और शाहरुख खान को बाद में सार्वजनिक मौकों पर भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाते हुए देखा गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi







