Responsive Scrollable Menu

आकलन वर्ष 2026 में 100 करोड़ रुपए से अधिक आय दिखाने वाले करदाताओं की संख्या 39 प्रतिशत बढ़कर 576 हुई: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में उच्च आय वर्ग के करदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, आकलन वर्ष (एवाई) 2026 में 100 करोड़ रुपए या उससे अधिक वार्षिक आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या 39 प्रतिशत बढ़कर 576 हो गई है, जबकि एक वर्ष पहले एवाई25 में यह संख्या 415 थी। यह वृद्धि भारत में बढ़ती आय, व्यवसायिक विस्तार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत मानी जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केवल अति-उच्च आय वर्ग ही नहीं, बल्कि 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक आय दिखाने वाले करदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आकलन वर्ष 2026 में इस श्रेणी के करदाताओं की संख्या बढ़कर 5,35,672 हो गई, जो आकलन वर्ष 2025 में 4,71,419 थी। यानी इस वर्ग में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि रिपोर्ट बताती है कि सबसे ऊपरी आय वर्ग में वृद्धि की रफ्तार व्यापक उच्च आय वर्ग की तुलना में कहीं अधिक तेज रही है। 100 करोड़ रुपए से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ी है।

आकलन वर्ष 2022 में इस श्रेणी में केवल 142 करदाता थे। इसके बाद आकलन वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 301 हो गई, जो 112 प्रतिशत की भारी वृद्धि थी। वहीं, आकलन वर्ष 2024 में इसमें मामूली गिरावट आई और संख्या घटकर 284 रह गई। लेकिन इसके बाद फिर तेजी लौटी और आकलन वर्ष 2025 में यह बढ़कर 415 तथा आकलन वर्ष 2026 में 576 तक पहुंच गई।

इसके विपरीत, 1 करोड़ रुपए से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या लगातार स्थिर गति से बढ़ती रही है। आकलन वर्ष 2022 में इस वर्ग में 1,93,800 करदाता थे। यह संख्या आकलन वर्ष 2023 में बढ़कर 2,69,184, आकलन वर्ष 2024 में 3,49,974, एवाई 2025 में 4,71,419 और आकलन वर्ष 2026 में 5,35,672 तक पहुंच गई।

रिपोर्ट के अनुसार, आकलन वर्ष 2022 के मुकाबले अब 1 करोड़ रुपए से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है, जबकि 100 करोड़ रुपए से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या चार गुना बढ़ गई है। इससे संकेत मिलता है कि देश में अत्यधिक उच्च आय अर्जित करने वाले व्यक्तियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

एसबीआई रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भी सकारात्मक अनुमान जताए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके अलावा, क्रेडिट ग्रोथ 19.3 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरबीआई की एफसीएनआर(बी) जमा योजना के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती आने की उम्मीद है और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 707 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

हालांकि रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में समान मजबूती नहीं दिखाई दे रही है। जून तिमाही के दौरान हेल्थकेयर, सीमेंट और मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) जैसे कुछ क्षेत्रों में मार्जिन पर दबाव देखने को मिला। इससे पता चलता है कि शीर्ष आय वर्ग और कुछ व्यवसायों की मजबूत आय वृद्धि के बावजूद कॉरपोरेट जगत के सभी हिस्सों में समान प्रदर्शन नहीं हो रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

98 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में लड़कियों के शौचालय पूरी तरह चालू नहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए उपलब्ध शौचालय और स्वच्छता सुविधाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में दायर जनहित याचिका के जरिए अदालत का ध्यान उन स्कूलों की ओर दिलाया गया, जहां लड़कियों के लिए बनाए गए शौचालय या तो काम नहीं कर रहे हैं या जरूरी सुविधाओं के अभाव में उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि देशभर में छात्राओं के लिए स्कूलों में बेहतर और चालू स्वच्छता व्यवस्था होना बेहद जरूरी है. वकील ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि अभी भी 98 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की सुविधा पूरी तरह कार्यशील नहीं है. याचिका में इस स्थिति को गंभीर बताते हुए राज्यों से जवाब लेने की मांग की गई.

स्कूलों में बड़ी संख्या में शौचालय बंद

वकील का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी इस मुद्दे पर विस्तृत निर्देश जारी कर चुका है. इसके बावजूद अगर बड़ी संख्या में स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय काम नहीं कर रहे हैं तो यह पता लगाना जरूरी है कि अदालत के पुराने निर्देशों को जमीन पर किस तरह लागू किया गया है. उन्होंने अदालत से राज्यों से रिपोर्ट मंगाने की मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके. हालांकि सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही व्यापक फैसला दे चुका है. CJI ने 30 जनवरी 2026 को दिए गए फैसले का जिक्र करते हुए वकील को पहले उस फैसले और उसमें दिए गए निर्देशों को देखने की सलाह दी. वकील ने अदालत को बताया कि वह पुराने आदेशों और निर्देशों का अध्ययन करेंगे. उनका कहना था कि यदि पहले दिए गए निर्देशों में ही उठाए गए मुद्दे का समाधान हो चुका है तो वह अपनी याचिका वापस लेने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन अगर निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है, तो राज्यों से उनकी ओर से उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी जा सकती है.

ये भी पढ़ें: Dhoot Transmission Share Listing: 74 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद शानदार प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग, बाय-सेल या होल्ड करें?

सुप्रीम कोर्ट ने भी फिलहाल मामले को पुराने फैसले के संदर्भ में देखने को कहा. अदालत के रुख से साफ है कि पहले से दिए गए निर्देशों के बावजूद यदि कहीं उनका पालन नहीं हुआ है तो संबंधित राज्यों की जिम्मेदारी तय करने का सवाल उठ सकता है. सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए साफ और सुरक्षित शौचालय सिर्फ सुविधा का विषय नहीं है. स्कूल जाने वाली बच्चियों के लिए यह उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति से भी जुड़ा हुआ है. कई बार शौचालय की खराब स्थिति या पानी और सफाई की कमी के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अदालत के सामने उठाया गया यह मुद्दा स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर भी ध्यान खींचता है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पहले 30 जनवरी 2026 के फैसले और उसमें दिए गए निर्देशों को देखने को कहा है. इसके बाद यह तय होगा कि मामले में आगे सुनवाई की जरूरत है या नहीं और राज्यों से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए या नहीं.

Continue reading on the app

  Sports

India vs Sri Lanka Live Score: दूसरी पारी खेलने उतरी टीम इंडिया, चौथे दिन का खेल शुरू

India vs Sri Lanka, 1st Test Live Score: टीम इंडिया को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिली है. अब चौथे दिन वो अपनी दूसरी पारी खेलने उतरेगी. कितने रन का टारगेट गॉल टेस्ट जीतने के लिए काफी होगा? Tue, 18 Aug 2026 09:41:07 +0530

  Videos
See all

Vande Mataram Controversy पर क्या बोले CM Omar Abdullah? #soniagandhi #bjp #congress #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-18T04:07:57+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers