98 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में लड़कियों के शौचालय पूरी तरह चालू नहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए उपलब्ध शौचालय और स्वच्छता सुविधाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में दायर जनहित याचिका के जरिए अदालत का ध्यान उन स्कूलों की ओर दिलाया गया, जहां लड़कियों के लिए बनाए गए शौचालय या तो काम नहीं कर रहे हैं या जरूरी सुविधाओं के अभाव में उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि देशभर में छात्राओं के लिए स्कूलों में बेहतर और चालू स्वच्छता व्यवस्था होना बेहद जरूरी है. वकील ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि अभी भी 98 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की सुविधा पूरी तरह कार्यशील नहीं है. याचिका में इस स्थिति को गंभीर बताते हुए राज्यों से जवाब लेने की मांग की गई.
स्कूलों में बड़ी संख्या में शौचालय बंद
वकील का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी इस मुद्दे पर विस्तृत निर्देश जारी कर चुका है. इसके बावजूद अगर बड़ी संख्या में स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय काम नहीं कर रहे हैं तो यह पता लगाना जरूरी है कि अदालत के पुराने निर्देशों को जमीन पर किस तरह लागू किया गया है. उन्होंने अदालत से राज्यों से रिपोर्ट मंगाने की मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके. हालांकि सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही व्यापक फैसला दे चुका है. CJI ने 30 जनवरी 2026 को दिए गए फैसले का जिक्र करते हुए वकील को पहले उस फैसले और उसमें दिए गए निर्देशों को देखने की सलाह दी. वकील ने अदालत को बताया कि वह पुराने आदेशों और निर्देशों का अध्ययन करेंगे. उनका कहना था कि यदि पहले दिए गए निर्देशों में ही उठाए गए मुद्दे का समाधान हो चुका है तो वह अपनी याचिका वापस लेने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन अगर निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है, तो राज्यों से उनकी ओर से उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी जा सकती है.
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सुप्रीम कोर्ट ने भी फिलहाल मामले को पुराने फैसले के संदर्भ में देखने को कहा. अदालत के रुख से साफ है कि पहले से दिए गए निर्देशों के बावजूद यदि कहीं उनका पालन नहीं हुआ है तो संबंधित राज्यों की जिम्मेदारी तय करने का सवाल उठ सकता है. सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए साफ और सुरक्षित शौचालय सिर्फ सुविधा का विषय नहीं है. स्कूल जाने वाली बच्चियों के लिए यह उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति से भी जुड़ा हुआ है. कई बार शौचालय की खराब स्थिति या पानी और सफाई की कमी के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अदालत के सामने उठाया गया यह मुद्दा स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर भी ध्यान खींचता है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पहले 30 जनवरी 2026 के फैसले और उसमें दिए गए निर्देशों को देखने को कहा है. इसके बाद यह तय होगा कि मामले में आगे सुनवाई की जरूरत है या नहीं और राज्यों से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए या नहीं.
Nag Panchami 2026: आज नाग पंचमी पर करें कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए खास उपाय, खत्म हो जाएंगी जीवन की मुश्किलें
Nag Panchami 2026 Upay: सावन के महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी मनाई जाती है. सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का प्रारंभ 16 अगस्त की शाम 4:52 पर हो रहा है और इसका समापन अगले दिन यानी कि 17 अगस्त को शाम 5 बजे होगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि को महत्व दिया जाता है. ऐसे में आज नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करते हैं. इसके साथ ही आज कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए उपाय करने चाहिए. आइए जानते हैं नाग पंचमी के उपायों के बारे में.
नाग पंचमी का महत्व
द्रिक पंचांग के अनुसार, श्रावण मास में आने वाली यह पंचमी नागों व सर्पों को समर्पित है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने स कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. परिवार की रक्षा होती है और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है. मान्यता है कि नागों के राजा वासुकी नाग हैं. आज उनकी पूजा करते हैं. हिंदू धर्म में नागों को भगवान शिव का आभूषण और उनका स्वरूप का हिस्सा माना जाता है. सावन मास में नाग पूजा करने से महादेव भी अति प्रसन्न होते हैं. ज्योतिषों की मानें तो इस साल नाग पंचमी पर सोमवार का दिन पड़ने से इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है.
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कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के उपाय
1.नाग-नागिन की पूजा- आज के दिन आपको चांदी के नाग और नागिन की पूजा करनी चाहिए. इसके लिए आप चांदी या तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा बनवा लें. इसके बाद उनका कच्चे दूध और जल से अभिषेक करें. इसके बाद इन्हें पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें. नाग पंचमी के दिन इस उपाय को करने से कालसर्प दोष और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है.
2.रुद्राक्ष और मयूर पंख का उपाय- कालसर्प दोष और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए आपको सेहत संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए रुद्राक्ष और मोर पंख का उपाय करन चाहिए. इसके लिए आपको 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए. आप घर के मंदिर में मोर पंख लगा सकते हैं. दरअसल, मोर नाग के भक्षक होते हैं. इसलिए, यह कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करता है.
3.शिवलिंग का जलाभिषेक- कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए आपको महादेव की पूजा करनी चाहिए. इसके लिए आपको शिवलिंग की पूजा करनी है. आज यानी नाग पंचमी के दिन शिव मंदिर जाना है और तांबे के लोटे से शिवलिंग का जलाभिषेक करना है. अभिषेक करते समय आपको ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. इस उपाय को करने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है. कालसर्प दोष से राहत मिलती है.
4. नाग स्तोत्र का पाठ करें- नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आपको नाग स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं. इसके लिए आपको ‘श्री नवनाग स्तोत्र’ का पाठ करना चाहिए. यहां पढ़ें श्री नवनाग स्तोत्र
श्री नवनाग स्तोत्र
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ॥१॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः॥२॥
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।
सर्पदर्शनकाले वा पूजाकाले च यः पठेत्॥३॥
इस स्तोत्र का पाठ करने के लाभ
श्री नवनाग स्तोत्र का पाठ करने से सर्प भय व दंश के संकट से रक्षा मिलती है. कालसर्प योग, सर्प दोष और नाग बाधाओं की शांति के लिए इसका पाठ करना चाहिए.
5.महामृत्युंजय मंत्र का जाप- नाग पंचमी के दिन आपको कम से कम 108 बारी महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. इसके साथ गरीबों या जरूरतमंदों को काले तिल, काले वस्त्र और उड़द की दाल का दान देना चाहिए.
महामृत्युंजय मंत्र
ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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