IND VS ENG: क्या बारिश बनेगी विलेन? जानिए कैसा रहेगा तीसरे T-20 मैच के दौरान नॉटिंघम का मौसम
IND VS ENG 3rd T20I Weather Report: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम में खेला जाएगा. 7 जुलाई को खेले जाने वाले इस मुकाबले पर सभी की नजरें टिकी होंगी, क्योंकि एक बार फिर इस मैच में वैभव सूर्यवंशी का जलवा देखने को मिलना तय ही है. मगर, एक बार फिर बारिश मैच का मजा खराब कर सकती है, क्योंकि मैच पर बारिश का साया मंडरा रहा है. तो आइए इस मैच के शुरू होने से पहले जान लेते हैं कि तीसरे टी-20 के दौरान नॉटिंघम का मौसम कैसा रहने वाला है.
7 जुलाई को कैसा रहेगा नॉटिंघम का मौसम
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले तीसरे टी-20 मैच पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है. अब सवाल उठता है, तो क्या बारिश इस मैच को प्रभावित कर सकती है. एक्यूवेदर के अनुसार, मंगलवार को नॉटिंघम में बारिश की संभावना 16% बताई जा रही है. दोपहर में बारिश की संभावना 16% है, जो रात में घटकर शून्य हो रही है. ये क्रिकेट फैंस के लिए अच्छी खबर है और एक रोमांचक मैच देखने को मिल सकता है. मंगलवार को नॉटिंघम का तापमान 24 से 16 डिग्री तक रह सकता है. हवा 18 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकती है. ह्यूमिडिटी 64% रहने की संभावना है.
England win by 4 wickets in Manchester#TeamIndia will look to turn things around in the 3rd T20I in Trent Bridge
— BCCI (@BCCI) July 4, 2026
Scorecard ▶️ https://t.co/WYfL8tAm58 #ENGvIND pic.twitter.com/2KZN6H39DR
कैसी रहेगी नॉटिंघम की पिच?
नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों, दोनों के लिए मददगार मानी जाती है. मैच की शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मूवमेंट मिलता है, जिससे शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण हो सकती है. हालांकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच सपाट होती जाती है और बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सकते हैं.
इस मैदान पर बड़े स्कोर भी अक्सर देखने को मिलते हैं. टेस्ट मैच के चौथे और पांचवें दिन पिच से स्पिन गेंदबाजों को भी कुछ टर्न और उछाल मिलने लगता है. कुल मिलाकर, ट्रेंट ब्रिज की पिच संतुलित मानी जाती है, जहां अच्छी गेंदबाजी और बैलेंस बैटिंग दोनों की परीक्षा होती है.
नॉटिंघम में टीम इंडिया का ट्रैक रिकॉर्ड
नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर टीम इंडिया का टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड की बात करें तो वो अच्छा रहा है. भारतीय टीम ने इस ऐतिहासिक मैदान पर अब तक कुल 3 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें से 2 मैचों में जीत दर्ज की है. जबकि एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है.
वापसी पर होगी टीम इंडिया की नजर
भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली जा रही है. सीरीज का पहला मैच बारिश में धुल गया था. तो दूसरा मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला गया, जिसमें इंग्लैंड ने 4 विकेट से जीत दर्ज की. इसी के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. अब ऐसे में टीम इंडिया तीसरे टी-20 मैच को जीतकर सीरीज को बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. हालांकि, ये काम आसान नहीं होने वाला है, क्योंकि इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जीत दर्ज करना चाहेगी.
दोनों टीमों की संभावित-11
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती.
फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग
ये भी पढ़ें: तीसरे T20 मैच में बदलेगी टीम इंडिया की प्लेइंग-11, मैनचेस्टर की हार का जिम्मेदार होगा बाहर, इस खिलाड़ी की होगी वापसी
सूरत: न्यू सिविल हॉस्पिटल में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था, नवजात शिशुओं के लिए आरएफआईडी सिस्टम लागू
गांधीनगर, 6 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत में नवजात शिशुओं की चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक ठोस कदम उठाया गया है। दरअसल, सूरत स्थित न्यू सिविल हॉस्पिटल ने नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में नवजात शिशुओं की चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) आधारित सिक्योरिटी सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम की मदद से अगर कोई बिना इजाजत हरकत होती है तो अलार्म बजने लगता है।
इसको लेकर डॉक्टरों का कहना है कि कड़े नियमों और पहचान की पुष्टि से बच्चों की सुरक्षा बेहतर होगी और मेडिकल ट्रांसफर के दौरान उन्हें सावधानी से संभाला जा सकेगा। सोमवार को इसी सिस्टम को लेकर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए नई सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि एनआईसीयू के बाहर आरएफआईडी मशीन लगाया गया है। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं की चोरी पर रोक लगाना है।
उन्होंने बताया कि एनआईसीयू में दाखिल बच्चों के हाथ पर एक टैग लगाया गया है ताकि अगर कोई भी व्यक्ति बच्चों को लेकर बाहर जाता है, तो निकास द्वार पर लगे आरएफआईडी-मशीन से बजर बजेगा और तत्तकाल सिक्योरिटी अलर्ट मोड में आ जाएगी। डॉक्टर लक्ष्मण ने बताया कि अस्पताल में पहले भी शिशुओं की चोरी की घटना घट चुकी है। इसलिए अब आरएफआईडी मशीन लगाई गई है।
नई सिविल अस्पताल के बाल रोग विभाग में बतौर अध्यापक एवं हेड ऑफ द डिपार्टमेंट डॉक्टर जिगिशा पाटड़िया ने बताया कि जो नवजात शिशु आईसीयू के अंदर होते हैं। अगर उन्हें किसी भी तरह से रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा आईसीयू के बाहर ले लिया जाता है, तो ऐसे में आरएफआईडी मशीन के साथ जो एक टैग होता है, जो जीवित व्यक्ति पर लगता है, इस टैग को बच्चों पर लगाएंगे हम, तो जैसे ही वो बच्चे हमारी जानकारी के बिना कोई बाहर लेके जाएंगे, तो तुरंत ही एक सिक्योरिटी अलार्म बजेगा, जिसकी वजह से ड्यूटी पर तैनात स्टाफ एवं जो सिक्योरिटी स्टाफ है, वो अलर्ट मोड में आ जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कई बार हमें बच्चे को एमआरआई या सीटी स्कैन करने के लिए बाहर ले जाना पड़ता है। ऐसे में बच्चे को आईसीयू के बाहर ले जाने से पहले हमें बच्चे की पूरी जानकारी सिक्योरिटी स्टाफ के साथ साझा करनी होगी ताकि सिक्योरिटी स्टाफ जैसे ही बजर बजता है, तो जांच के लिए बाहर ले जाने वाले एक बच्चे के साथ एक डॉक्टर भी जाएगा। वह इस बच्चे के बारे में पुष्टि करेगा सिक्योरिटी स्टाफ से और फिर बच्चे को एमआरआई या सीटी स्कैन के लिए ले जाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में ऐसे बच्चे जो हमारे यहां आईसीयू में एडमिट हैं, उनकी सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए कोई भी बच्चा सिक्योरिटी स्टाफ या हॉस्पिटल स्टाफ की नजर से बाहर नहीं जा सकता है। बच्चों की सुरक्षा का प्रण लेते हुए सोमवार को अस्पताल में यह आरएफआईडी मशीन लगाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के साथ कितने बच्चे अस्पताल में रह सकते हैं, इसका जवाब देते हुए डॉक्टर जिगिशा ने बताया कि नई सिविल अस्पताल में सिर्फ सूरत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण गुजरात और गुजरात से सटे महाराष्ट्र के इलाकों से भी यहां पेसेंट आते हैं। इसी के तहत अस्पताल में 42 बेड की इजाजत है, लेकिन बच्चे और बाहर से रेफर होकर आए मरीजों के लिए अस्पताल में 60 बेड की व्यवस्था है। इसके लिए एनआईसीयू की एक अलग से टीम मौजूद है, जो 24*7 बच्चों के इलाज के साथ देखरेख करती है।
--आईएएनएस
डीके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















