बिहार के अशोकधाम मंदिर भगदड़ हादसे पर CM सम्राट का ऐलान, मृतकों के परिजनों को मिलेगा 4 लाख रुपये मुआवजा
Ashokdham Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में स्थित अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरी सोमवारी के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी. लेकिन इस दौरा अचनाक भगदड़ मच गई, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई. जल्द ही राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. कई घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 4-4 लाख रुपये
वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया. इस हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने को ऐलान किया है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट किया कि लखीसराई के अशोकधाम में हुई घटना बेहद दुखद और हृदय विदारक है. इस हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मेरा हृदय अत्यंत क्षुब्ध है. मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. घायलों के उचित और शीघ्र उपचार के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें."
Bihar CM Samrat Choudhary announces an ex-gratia of Rs 4 Lakhs each for the next of kin of the deceased in Ashokdham stampede-like situation in Lakhisarai. pic.twitter.com/63T4DfadTX
— ANI (@ANI) August 17, 2026
#WATCH | Bihar: Seven people died in a stampede-like incident at Ashokdham in Lakhisarai. Several injuries reported.
— ANI (@ANI) August 17, 2026
Visuals from the hospital and area of the incident. pic.twitter.com/NghSZcnBAF
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अशोक धाम में अचानक भीड़ बढ़ गई थी और बिजली के तार या खंभे के गिरने की अफवाह ने श्रद्धालुओं में दहशत पैदा कर दी. ललन सिंह ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार को लखीसराय के अशोकधाम में अचानक भीड़ उमड़ पड़ी. अफवाह फैली कि बिजली का तार या खंभा गिर गया है और बिजली का करंट फैल रहा है. इससे भगदड़ मच गई और कई लोगों की मौत हो गई." उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.ये
अचानक बढ़ी भीड़ के चलते हुए हादसा
खबरों के मुताबिक, यह घटना अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच घटी. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब दो ट्रेनें पास में रुकीं तो मंदिर के बाहर लगी कतार रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई थी. बिजली के खंभे से बिजली का झटका लगने की अफवाह फैल गई, जिससे दहशत फैल गई और लोग अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि महिलाओं की कतार में भी धक्का-मुक्की होने लगी, जिससे कई महिलाएं एक-दूसरे पर गिर पड़ीं. बताया जाता है कि यह अफरा-तफरी कुछ ही मिनटों तक चली, लेकिन इसके परिणामस्वरूप कई लोग घायल हो गए.
घायलों का सदर अस्पताल में इलाज जारी
एम्बुलेंस और पुलिस कर्मियों सहित आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर मौजूद थीं और पीड़ितों की सहायता के लिए तुरंत पहुंचीं. घायलों को इलाज के लिए लखीसराय के सदर अस्पताल ले जाया गया , जबकि अधिकारियों ने स्थिति और भीड़ के भड़कने के कारणों का आकलन करना शुरू कर दिया. अशोक धाम, जिसे इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, लखीसराय का एक प्रमुख शिव तीर्थ है और सावन माह के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. पवित्र माह के सोमवार विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिहार भर के मंदिरों में भारी भीड़ देखी जाती है.
BJP में पुराने चेहरों की छुट्टी! नितिन नवीन आज करेंगे अपनी नई टीम का ऐलान... क्या महिलाओं को मिलेगी 33% हिस्सेदारी?
भारतीय जनता पार्टी में संगठन के स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन आज अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर सकते हैं. दरअसल, नई टीम की कवायद कई दिनों से चल रही है. बताया जा रहा है कि अब ये अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. ऐसे में अब पार्टी अध्यक्ष कभी भी अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हें.
पार्टी सूत्रों के अनुसार नई टीम में सबसे ज्यादा नजर महिलाओं और युवा चेहरों की हिस्सेदारी पर रहेगी. बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है. ऐसे में नितिन नवीन की टीम में इसका असर साफ दिखाई देने की उम्मीद है. हालांकि अभी न ही पार्टी पदाधिकारी और पार्टी प्रावक्ता किसी ने नई टीम के नामों को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
पुराने चेहरों की होगी छुट्टी या मिलेगा एक्सटेंशन?
नई टीम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि मौजूदा पदाधिकारियों में से कितने नेताओं को नितिन नवीन अपने साथ बनाए रखते हैं. रिपोर्टों के मुताबिक संगठन में कुछ बड़े बदलाव संभव हैं और कई पुराने महासचिवों की जगह नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है. हालांकि, पार्टी के लिए संगठनात्मक अनुभव भी महत्वपूर्ण है. इसलिए पूरी तरह से पुराने चेहरों को हटाने के बजाय अनुभव और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा सकती है.
कितने पदों पर होगी नियुक्ति?
बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में अध्यक्ष के अलावा महासचिव, सचिव और उपाध्यक्ष जैसे अहम पद होते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर कुल 38 पदाधिकारियों में कम से कम 13 महिलाओं का होना पार्टी के संशोधित संविधान के अनुरूप जरूरी है. इसके अलावा संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी जोर रहेगा. यानी नई टीम में केवल चेहरे बदलने की कवायद नहीं है. जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ महिलाओं और युवाओं को जगह दी जा सकती है.
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