अमेरिका के साथ शांति समझौता 'सम्मान और ताकत' के साथ आगे बढ़ा, ईरानी राष्ट्रपति ने किया MoU का बचाव
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा बताए गए सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ हालिया शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) 'सम्मान' और 'ताकत' के साथ किया है. मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजेमी की मौजूदगी में हुई एक बैठक में ये बातें कहीं.
ईरानी राष्ट्रपति ने किया एमओयू का बचाव
उनके कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, इस बैठक में राष्ट्रपति ने उस एमओयू का बचाव किया, जिस पर ईरान और अमेरिका ने 18 जून को क्षेत्र में युद्ध खत्म करने के लिए हस्ताक्षर किए थे. सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा, "हमने हालिया समझौते को मजबूती से आगे बढ़ाया और अपने दुश्मनों के सामने घुटने नहीं टेके. यह एमओयू विशेषज्ञों के साथ सोच-समझकर और विस्तार से चर्चा करने के बाद तैयार किया गया था."
शांति एमओयू को बताया ईरान की शान और जीत का सबूत
आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, शनिवार को ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने शांति एमओयू को "ईरान की शान और जीत" का सबूत बताया और कहा कि यह कूटनीति के क्षेत्र में देश की जीत को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है. एमओयू के तहत, ईरान और अमेरिका को सोमवार को खत्म होने वाली 60 दिनों की अवधि में बातचीत करके किसी अंतिम समझौते पर पहुंचना था. हालांकि, हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है.
अमेरिकी सैनिकों को भुगतना पड़ा खामियाजा- सीनेटर रूबेन गैलेगो
इस बीच, रविवार को अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर रूबेन गैलेगो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन बिना किसी स्पष्ट योजना, बाहर निकलने की रणनीति या तय मिशन के ईरान युद्ध में शामिल हुआ, जिसका खामियाजा अमेरिकी सैनिकों को भुगतना पड़ा. इराक युद्ध के अनुभवी और मरीन कॉर्प्स में सेवा दे चुके गैलेगो ने रविवार को कहा कि इस संघर्ष ने पेंटागन की योजना और नेतृत्व में गंभीर कमियों को उजागर किया है.
सीनेटर ने एबीसी न्यूज से कहा, "इस प्रशासन ने इस युद्ध के लिए कोई योजना नहीं बनाई थी. उन्होंने यह योजना नहीं बनाई कि इस युद्ध से कैसे बाहर निकला जाए और न ही वे वास्तव में यह समझ पाए कि यह युद्ध कैसे बढ़ेगा." एरिजोना के सीनेटर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर थकान, गिरते मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं की खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे.
स्रोत- आईएएनएस
भुजंगासन : रीढ़, पाचन और फेफड़ों के लिए फायदेमंद कोबरा पोज
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। दिनभर दफ्तर में घंटों कंप्यूटर पर काम करने से हमारी रीढ़ की हड्डी कमजोर होना एक आम समस्या है। ऐसे में योग हमारे लिए संजीवनी का काम कर रहा है। भुजंगासन योग के उन चुनिंदा आसनों में से एक है जो रीढ़ की हड्डी को सही करने में कारगर है। यह पाचन सुधारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
भुजंगासन को अंग्रेजी में कोबरा पोज भी कहते हैं। दरअसल, इस आसन को करने के दौरान धड़ का पोज फन फैलाए हुए सांप की तरह होता है, और यही इसकी खास पहचान है। भुजंगासन कोई साधारण योगासन नहीं है; यह पैरों की उंगलियों से लेकर सिर तक शरीर के हर हिस्से पर असर डालता है।
यह आसन न सिर्फ शरीर को बल्कि मन को भी शांत और ऊर्जावान बनाता है। भुजंगासन कोई साधारण योगासन नहीं है, यह पैरों की उंगलियों से लेकर सिर तक शरीर के हर हिस्से पर असर डालता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, भुजंगासन (कोबरा पोज) पेट के बल लेटकर किया जाने वाला एक प्रमुख योगासन है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता, पाचन में सुधार करता, पीठ दर्द से राहत देता और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाकर श्वास संबंधी समस्याओं में फायदेमंद है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से किडनी पर जोर पड़ता है, जिससे किडनी में मौजूद विषाक्त पदार्थ निकलने लगते हैं और इसकी कार्यक्षमता में सुधार होता है। यह छाती, कंधों और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है, जिससे शरीर में खिंचाव आता है और ताकत बढ़ती है। इसे करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता है। इसके अलावा यह मानसिक तनाव और थकान को दूर करने में भी सहायक होता है। नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और शरीर में फुर्ती बनी रहती है।
भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं और पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें। अब अपने दोनों हाथों को धीरे-धीरे छाती के पास लाएं और हथेलियों को जमीन पर टिका दें। इसके बाद गहरी सांस लेते हुए अपनी नाभि के हिस्से को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर ले जाते हुए ऊपर छत या आसमान की तरफ देखें। इस स्थिति में आपकी पीठ धीरे-धीरे ऊपर की (एक्सटेंशन पोजीशन में) ओर मुड़ेगी। इस मुद्रा में कुछ देर तक बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। फिर धीरे-धीरे वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं और कुछ समय के लिए शरीर को ढीला छोड़ दें।
--आईएएनएस
एनएस/पीएम
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