Sawan Somvar Vrat Recipe: व्रत की थाली में बढ़ाएं स्वाद, बनाएं झटपट मखाना-आलू की सब्जी
Sawan Somvar Vrat Recipe: सावन सोमवार के व्रत में अगर आप कुछ स्वादिष्ट और पेट भरने वाला फलाहारी खाना चाहते हैं, तो मखाना-आलू की सब्जी ट्राई कर सकते हैं। मखाने और आलू से बनी यह सब्जी स्वाद में अच्छी लगती है और इसे कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है।
व्रत के दौरान सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ इसे बनाया जा सकता है। ऊपर से हरी धनिया डालकर गर्मागर्म परोसें।
मखाना-आलू की सब्जी के लिए सामग्री
- 2 कप मखाने
- 2 मध्यम आकार के आलू
- 2 बड़े चम्मच मूंगफली
- 1-2 हरी मिर्च
- 1/2 छोटा चम्मच जीरा
- सेंधा नमक स्वादानुसार
- 1-2 बड़े चम्मच घी
- 1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- हरी धनिया सजाने के लिए
ऐसे बनाएं मखाना-आलू की सब्जी
स्टेप 1: मखाने भूनें
सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा घी गर्म करें। इसमें मखाने डालकर धीमी आंच पर हल्का कुरकुरा होने तक भून लें। भुने हुए मखानों को अलग निकालकर रख दें।
स्टेप 2: आलू पकाएं
अब उसी कड़ाही में थोड़ा घी डालें। इसमें जीरा और कटी हुई हरी मिर्च डालें। फिर उबले और कटे हुए आलू डालकर कुछ मिनट भूनें।
स्टेप 3: मूंगफली डालें
अब इसमें भुनी हुई मूंगफली डालें और आलू के साथ अच्छी तरह मिलाएं। स्वाद के अनुसार सेंधा नमक और काली मिर्च डालें।
स्टेप 4: मखाने मिलाएं
आखिर में भुने हुए मखाने डालें और सभी चीजों को धीरे-धीरे मिलाएं। इसे 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं, ताकि मखाने मसालों का स्वाद अच्छी तरह सोख लें।
स्टेप 5: सजाकर करें सर्व
गैस बंद करें और ऊपर से बारीक कटी हरी धनिया डालें। तैयार मखाना-आलू की सब्जी को व्रत की थाली में गर्मागर्म परोसें।
व्रत में बनाते समय रखें ध्यान
अगर आप इसे सावन सोमवार के व्रत के लिए बना रहे हैं, तो सभी सामग्री अपनी व्रत परंपरा के अनुसार ही इस्तेमाल करें। सेंधा नमक का इस्तेमाल करें और उन मसालों से बचें जिन्हें आपकी व्रत परंपरा में खाने की अनुमति नहीं है।
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Malwa Style Bati: मालवी स्वाद से भरी बाटी लगेगी लाजवाब! इन टिप्स से करें तैयार, अंदर से सॉफ्ट बाहर से बनेगी कुरकुरी
Malwa Style Bati Recipe: मालवा का खान-पान अपने देसी स्वाद, भरपूर मसालों और मिट्टी से जुड़े पारंपरिक व्यंजनों के लिए खास पहचान रखता है। इसी स्वाद की झलक मालवी बाटी में भी देखने को मिलती है। ऊपर से सुनहरी और हल्की कुरकुरी, जबकि अंदर से नरम और स्वादिष्ट बाटी दाल, चटनी, सब्जी या भरपूर घी के साथ परोसी जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है। इसे घर पर बनाना आसान है, बस आटा गूंथने और सेंकने के तरीके में थोड़ी सावधानी जरूरी है।
अक्सर घर पर बाटी बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी यह आती है कि वह बाहर से तो अच्छी तरह सिक जाती है, लेकिन अंदर से काफी सख्त हो जाती है। कुछ आसान कुकिंग टिप्स अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। आटे में सही मात्रा में मोयन डालने से लेकर बाटी को सही तापमान पर सेंकने तक हर स्टेप इसका टेक्सचर तय करता है। आइए जानते हैं मालवी अंदाज की सॉफ्ट और कुरकुरी बाटी बनाने का आसान तरीका।
सही आटा है स्वादिष्ट बाटी का राज
बाटी के लिए गेहूं के आटे का इस्तेमाल करें। इसमें थोड़ा सूजी या बारीक रवा मिलाने से बाहरी हिस्सा अच्छा कुरकुरा बन सकता है। आटे में पर्याप्त मात्रा में घी का मोयन डालना बेहद जरूरी है। मोयन इतना होना चाहिए कि आटे को मुट्ठी में दबाने पर वह आसानी से बंध जाए। इसके बाद धीरे-धीरे पानी डालकर थोड़ा सख्त लेकिन चिकना आटा गूंथें।
आटे को दें थोड़ा आराम
आटा गूंथने के तुरंत बाद बाटी बनाने के बजाय इसे करीब 15-20 मिनट ढककर रख दें। इससे आटा सेट हो जाता है और बाटी का टेक्सचर बेहतर बनता है। इसके बाद आटे को बराबर हिस्सों में बांटकर गोल लोइयां तैयार करें। मालवी स्वाद के लिए चाहें तो इनमें हल्का मसाला, अजवाइन या थोड़ी सी कसूरी मेथी भी मिलाई जा सकती है।
लोइयों में हल्की दरारें जरूर बनाएं
बाटी की गोल लोई तैयार करने के बाद उसके ऊपर अंगूठे या उंगली से हल्का दबाव देकर छोटी दरारें या निशान बना सकते हैं। इससे गर्मी अंदर तक पहुंचने में मदद मिलती है और बाटी बाहर से बहुत ज्यादा सख्त होने से बच सकती है। लोई को बहुत ज्यादा दबाकर चपटा करने की जरूरत नहीं है। इसका आकार गोल और पर्याप्त मोटा रखें।
धीमी-मध्यम आंच पर करें तैयार
बाटी को बहुत तेज आंच पर सेंकने से बाहर का हिस्सा जल्दी कड़ा या ज्यादा भूरा हो सकता है, जबकि अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है। इसलिए इसे नियंत्रित धीमी-मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पकाएं। ओवन, तंदूर, गैस या एयर फ्रायर में बनाते समय उपकरण के अनुसार तापमान और समय थोड़ा अलग हो सकता है। बीच-बीच में बाटी को घुमाते रहें, ताकि चारों तरफ से एकसमान सिके।
आखिर में घी का लगाएं तड़का
बाटी अच्छी तरह सुनहरी और कुरकुरी हो जाए तो इसे हल्का दबाकर या फोड़कर ऊपर से गर्म घी डालें। घी अंदर तक पहुंचने से बाटी का स्वाद बढ़ जाता है और उसका अंदरूनी हिस्सा ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। इसे गर्मागर्म दाल, लहसुन की चटनी, हरी चटनी और प्याज के साथ परोसें।
इन गलतियों से बचें
आटे में बहुत कम मोयन डालना, जरूरत से ज्यादा पानी डालकर आटा बहुत नरम कर देना और तेज आंच पर बाटी सेंकना आम गलतियां हैं। इसके अलावा बाटी को एक ही तरफ छोड़ देने से भी वह असमान रूप से पक सकती है। सही मोयन, संतुलित आटा और धीमी-मध्यम आंच का इस्तेमाल करेंगे तो घर पर भी मालवी अंदाज की बाहर से कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट बाटी तैयार की जा सकती है।
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लेखक: (कीर्ति)
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