स बार सावन के तीसरे सोमवार पर बेहद ही शुभ संयोग बन रहा है। आज यानी 17 अगस्त को नाग पंचमी त्योहार मनाया जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष और पितृदोष है तो उससे मुक्ति पाने के लिए सावन का तीसरा सोमवार सबसे श्रेष्ठ माना जा रहा है।
नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष और पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करते हैं, तो आपको काल सर्प दोष और पितृदोष से राहत मिल जाएगी। आइए आपको बताते हैं नाग पंचमी और सावन के के तीसरे सोमवार पर कालसर्प दोष और पितृदोष से मुक्ति पाने के कुछ अचूक उपाय।
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार पर करें ये उपाय
- आज यानी 17 अगस्त को भगवान शिव और माता पार्वती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करें। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विवाह में आ रही है बाधाएं दूर हो जाती है और भगवान शिव जल्द ही प्रसन्न होते हैं।
- नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के मंदिर जाकर चांदी या तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित करें। इस उपाय के करने से कुंडली में काल सर्प दोष शांत हो जाता है। इसके साथ ही करियर में आ रही बाधा दूर हो जाती है।
- नाग पंचमी के दिन रुद्राभिषेक करें। भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन शिव का रुद्राभिषेक करके पितृ दोष शांत हो जाता है। इसके साथ ही घर-परिवार का क्लेश खत्म हो जाता है। इसके साथ ही जीवन में अचनाक होने वाली दुर्घटना से बचाता है।
- इस दिन जल में काले तिल डालकर भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से राहु-केतु और शनि के बुरे प्रभाव कम हो जाते हैं।
- नाग पंचमी और सावन के सोमवार पर महामृत्युंजय मंत्र का जप जरुर करें। पूजा के दौरान आप इस महामंत्र का कम से कम 108 बार जरुर करें। ऐसा करने से साधक का मानसकि तनाव कम होता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलता है।
- नाग पंचमी के दिन नाग देवता की मू्र्ति या फोटो पर कच्चा दूध और फूल चढ़ाएं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके साथ ही पैसों की तंगी दूर हो जाती है। यदि आपको बुरे सपने आते हैं, तो इस उपाय के करने से बुरे सपने नहीं आएंगे।
- सावन के तीसरे सोमवार को पीपल के पेड़ के पास घी का दीपक जलाएं। इस उपाय के करने से पितृदोष शांत होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल के पेड़ में पितरों का वास होता है। इस उपाय के करने से बच्चों को करियर में सफलता प्राप्त होगी। वैसे इन उपाय के करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
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जापान की अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान निजी खपत स्थिर रही और निर्यात वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी। कैबिनेट कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जापान के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2026 की दूसरी तिमाही में पहली तिमाही की तुलना में मौसमी रूप से समायोजित आधार पर 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
जनवरी-मार्च तिमाही में यह दर 2.1 प्रतिशत थी। अप्रैल-जून तिमाही में निजी खर्च जनवरी-मार्च की तुलना में 1.2 प्रतिशत घटा, जबकि निर्यात में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। समीक्षाधीन अवधि में निर्यात को जापानी वाहनों और सेमीकंडक्टर की वैश्विक मांग से समर्थन मिला।
जापान में टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन, होंडा मोटर कंपनी समेत कई प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनियां हैं। कृत्रिम मेधा (एआई) में बढ़ती रुचि के कारण कंप्यूटर चिप की वैश्विक मांग बढ़ी है, जिससे जापान के निर्यात को भी समर्थन मिला। सरकारी खपत में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
तिमाही आधार पर जीडीपी की वृद्धि दर विश्लेषकों के अनुमान से कम रही। ईरान में जारी युद्ध से जापान की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा लागत में तेज वृद्धि हुई है। संसाधनों की कमी वाले जापान के लिए यह खास तौर पर मुश्किल है, क्योंकि वह अपने लगभग पूरे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है।
फारस की खाड़ी से एशिया तक तेल के निर्यात के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध के कारण अवरुद्ध से कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है। जापान ने अपने तेल भंडार से कुछ हिस्सा भी निकाला है और वैकल्पिक मार्गों पर काम कर रहा है। ब्रेंट कच्चा तेल हाल में करीब 88 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो एक साल पहले के करीब 65 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक है।
हालांकि, यह इस साल की शुरुआत में दर्ज स्तर से कम है जब कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी।
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