Min Aung Hlaing रूस रवाना, Vladimir Putin के साथ रणनीतिक संबंधों पर करेंगे चर्चा
म्यांमा की सैन्य सरकार के प्रमुख (सैन्य शासक) वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत करने रूस की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए हैं। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। सरकारी टीवी चैनल एमआरटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग सोमवार सुबह अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ राजधानी नेपीतॉ से रूस के लिए रवाना हुए।
वह राष्ट्रपति पुतिन और अन्य शीर्ष रूसी अधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे तथा द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों पर चर्चा करेंगे। रूस और चीन, म्यांमा के प्रमुख समर्थक और उसे हथियारों की आपूर्ति करने वाले बड़े देश हैं। म्यांमा की सेना द्वारा रूस निर्मित लड़ाकू विमानों का उपयोग उन क्षेत्रों में हमलों के लिए किया जाता है जो जातीय अल्पसंख्यक समूहों के नियंत्रण में हैं।
इनमें से कई समूह लोकतंत्र समर्थक विद्रोही बलों के साथ भी जुड़े हुए हैं। मिन आंग ह्लाइंग ने इससे पहले सितंबर में मास्को के वर्ल्ड एटॉमिक वीक फोरम से अलग राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। पुतिन ने कभी म्यांमा का दौरा नहीं किया है।
Indian Army Chief जनरल धीरज सेठ को नेपाल में मानद जनरल की उपाधि से किया गया सम्मानित
(फोटो के साथ) (शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, 17 अगस्त भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ को सोमवार को यहां राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने एक विशेष अलंकरण समारोह में नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान की। यह समारोह शीतल निवास में आयोजित किया गया। जनरल सेठ नेपाली सेना के जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए रविवार को नेपाल पहुंचे थे।
राष्ट्रपति पौडेल के सचिवालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव तथा नेपाली सेना और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मानद सैन्य पद प्रदान करने की यह परंपरा 1950 में शुरू हुई थी। इसके तहत भारत और नेपाल एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि प्रदान करते हैं।
जनरल सेठ ने सोमवार को नेपाली सेना के मुख्यालय में जनरल सिग्देल से भी मुलाकात की। दोनों सैन्य प्रमुखों ने आपसी हित के मुद्दों तथा द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। भारतीय दूतावास ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों, परस्पर विश्वास और लंबे समय से कायम सैन्य संबंधों पर आधारित विशिष्ट एवं समय की कसौटी पर खरी उतरी रक्षा साझेदारी की पुष्टि करती है।
दूतावास के अनुसार, जनरल सेठ ने भारतीय दूतावास में राजदूत श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। दोनों ने नयी दिल्ली और काठमांडू के बीच व्यापक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। जनरल सेठ ने सोमवार को नेपाली सेना को कुछ सैन्य और चिकित्सा उपकरण भी सौंपे।
नेपाली सेना की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने नेपाली सेना के मुख्यालय परिसर में पौधारोपण किया तथा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। नेपाली सेना ने कहा, ‘‘जनरल सेठ की यात्रा से नेपाल और भारत की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास तथा सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।
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