अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर ईरान ने रविवार को बहुत कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि अगर अमेरिका चाहे तो ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटे वहां के पूरे बड़े नेतृत्व को एक ही बार में खत्म कर सकता है। ईरान ने ट्रंप के इस दावे की कड़ी आलोचना की है।
अमेरिका के पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान
आर्मेनिया में मौजूद ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखा जवाब दिया। दूतावास ने कहा कि अमेरिका ने अभी 4 जुलाई को अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ मनाई है, लेकिन वह खामेनेई की मौत के बाद ईरान में उमड़े दुख के इस सैलाब को कभी नहीं समझ पाएगा। दूतावास के मुताबिक, अमेरिका ऐसा इसलिए नहीं समझ सकता क्योंकि उसके पास न तो कोई सभ्यता है, न इतिहास है और न ही सम्मान।
ईरान ने कहा, विचारों को नहीं मार सकते
ईरानी दूतावास ने अपने बयान में आगे कहा, "लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन उनके विचारों को नहीं। आपने अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की, लेकिन असल में आपने इत्र की एक शीशी को तोड़ दिया है, जिसकी खुशबू अब हर तरफ फैल गई है।" दूतावास ने यह बात खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी लाखों लोगों की भारी भीड़ की तरफ इशारा करते हुए कही।
ट्रंप ने आंसुओं को बताया था दिखावटी
ईरान की यह तीखी प्रतिक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के उस इंटरव्यू के बाद आई है जो उन्होंने समाचार वेबसाइट एक्सियोस को दिया था। उस इंटरव्यू में ट्रंप ने अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे हजारों-लाखों ईरानियों को देखकर हैरानी जताई थी। ट्रंप ने कहा था, "मुझे लगता था कि लोग खामेनेई से नफरत करते हैं। शायद ये दिखावटी आंसू हैं।"
बातचीत के लिए अमेरिका नहीं उठा रहा कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इंटरव्यू में यह भी दावा किया था कि अगर वाशिंगटन चाहे, तो वह ईरान के बचे हुए सभी बड़े अधिकारियों को एक ही बार में खत्म करने की ताकत रखता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अमेरिका ऐसा कदम उठाने से खुद को रोक रहा है क्योंकि वह तेहरान के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है। ट्रंप ने कहा था, "वे सब वहां मौजूद हैं। एक शॉट, और हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं। लेकिन हम ऐसा नहीं करने जा रहे हैं क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।"
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इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में नाबाद 76 रनों की पारी खेली। उन्होंने इसे अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक बताया है। बेथेल के मुताबिक, यह पारी इसलिए ज्यादा खास है क्योंकि इससे उनकी टीम को जीत मिली। शनिवार को खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने 191 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को 4 विकेट से हरा दिया, जिससे मेजबान टीम पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है।
शुरुआती झटके और बेथेल-ब्रूक की साझेदारी
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के लिए बेहद खराब रही थी, जब टीम ने महज 1 रन पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जैकब बेथेल ने बेहद शांत और संयमित अंदाज में पारी को संभाला। कप्तान हैरी ब्रूक ने भी महज 15 गेंदों में 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 39 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर शुरुआती दबाव को पूरी तरह से हटा दिया। बेथेल ने कहा कि ब्रूक ने उस नाजुक स्थिति को बहुत ही शानदार तरीके से संभाला।
एक ओवर में बदले मैच के जज्बात
बेथेल 16वें ओवर तक 36 गेंदों में 42 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने मैच का पासा पलट दिया। रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में उन्होंने तीन छक्के और एक चौका लगाते हुए कुल 29 रन बटोरे, जिसमें दो नो-बॉल भी शामिल थीं। इसके बाद उन्होंने हर्षित राणा के ओवर में भी छक्का जड़ा। उन्होंने अपनी आखिरी 10 गेंदों पर ताबड़तोड़ 34 रन बनाए। बेथेल का मानना है कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय हमेशा आक्रामक खेलने की जरूरत नहीं होती, बल्कि कुछ बड़े ओवर निकालकर मैच का रुख बदला जा सकता है।
पुरानी हार का बदला और बढ़ता आत्मविश्वास
22 साल के जैकब बेथेल के नाम क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक दर्ज हैं, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका एकमात्र शतक इसी साल टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ आया था, जहां इंग्लैंड को 7 रन से हार झेलनी पड़ी थी। बेथेल ने कहा कि भारत के खिलाफ पिछली हार की थोड़ी कसक दिल में थी, इसलिए इस जीत से उन्हें काफी खुशी मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि इस शानदार प्रदर्शन से आने वाले बाकी तीन मैचों के लिए उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है।
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