विदेश मंत्री एस. जयशंकर का 6 देशों का महत्वपूर्ण दौरा आज से शुरू: खाड़ी देशों से लेकर UNSC तक क्या है भारत का एजेंडा?
S Jaishankar 6 nation tour: विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज, 5 जुलाई से अपने 10 दिवसीय छह देशों के महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत कर रहे हैं। भारत की विदेश नीति के लिहाज से यह यात्रा अत्यंत निर्णायक मानी जा रही है, जिसमें नई दिल्ली पश्चिम एशिया में संबंधों को मजबूत करने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपनी जगह बनाने और यूरोपीय संघ के साथ व्यापारिक सहयोग को गहरा करने पर जोर देगी।
खाड़ी देशों का दौरा
यात्रा के पहले चरण (5 से 10 जुलाई) में डॉ. जयशंकर खाड़ी क्षेत्र के चार देशों- कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान-इजराइल संघर्ष और ईरानी परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है।
अभी युद्धविराम है, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। भारत के लिए यह क्षेत्र ऊर्जा सुरक्षा और लाखों प्रवासी भारतीयों के कारण बहुत महत्वपूर्ण है। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और आपसी हितों पर चर्चा करना और स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराना है।
EAM Dr S Jaishankar will undertake an official visit to Qatar, Bahrain, Kuwait and Oman from 5th to 10th July, followed by a visit to New York on 13 July to launch India’s official campaign for the UN Security Council tenure 2028-29, and to Brussels on 14-15 July 2026 to attend… pic.twitter.com/aDqo49MY8z
— ANI (@ANI) July 5, 2026
भारतीय प्रवासियों और ऊर्जा बाजार पर फोकस
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत किया है। यह क्षेत्र भारत के लिए कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा स्रोत है। इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अनिश्चितता के इस दौर में क्षेत्रीय भागीदारों के साथ निरंतर संवाद जरूरी है।
न्यूयॉर्क में UNSC अभियान की शुरुआत
खाड़ी देशों के बाद, एस. जयशंकर न्यूयॉर्क जाएंगे। वहां 13 जुलाई को वे आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की उम्मीदवारी के अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह कदम भारत की कूटनीतिक पहुंच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके जरिए नई दिल्ली वैश्विक शासन संस्थानों में सुधारों की वकालत करने के साथ-साथ अपनी उम्मीदवारी के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास करेगी।
यूरोप यात्रा
दौरे का अंतिम चरण ब्रुसेल्स में होगा, जहां 14 और 15 जुलाई को भारत-यूरोपीय संघ 'व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद' (TTC) की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान विदेश मंत्री यूरोपीय संघ और बेल्जियम के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा व्यापार, अत्याधुनिक तकनीक, कनेक्टिविटी और रणनीतिक मामलों में सहयोग का विस्तार करना है।
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