बेन स्टोक्स के शानदार क्रिकेट करियर पर एक नजर:टेस्ट में सर्वाधिक छक्के लगाकर रिटायर हुए स्टोक्स
इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने अपने संन्यास का ऐलान कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। 15 साल के अपने शानदार करियर में स्टोक्स ने तीनों फॉर्मेट्स को मिलाकर 279 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने अपना आखिरी वाइट-बॉल (वनडे/टी20) मैच भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप में खेला था। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, घातक गेंदबाजी और कभी हार न मानने वाले जज्बे से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका ही बदल दिया। गेंद और बल्ले, दोनों से उन्होंने ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर्स की लिस्ट में शुमार करते हैं। आइए, उनके बेमिसाल करियर के आंकड़ों और रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं... 1. 7000+ रन और 250+ विकेट टेस्ट के इतिहास में 7000 से ज्यादा रन और 250 से ज्यादा विकेट का ‘डबल’ पूरा करने वाले स्टोक्स दुनिया के केवल दूसरे क्रिकेटर हैं। उनके अलावा द. अफ्रीका के जैक कैलिस (13,289 रन, 292 विकेट) ने यह कारनामा किया है। 2. टेस्ट क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’ टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्टोक्स (138 छक्के) के नाम दर्ज है। वह टेस्ट में 100+ छक्के लगाने वाले दुनिया के तीन बल्लेबाजों में से एक हैं। इन 138 में से 39 छक्के उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाए हैं, जो टेस्ट में किसी भी एक टीम के खिलाफ लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। टेस्ट और वनडे दोनों में एक पारी में 10+ छक्के जड़ने वाले स्टोक्स दुनिया के केवल दो बल्लेबाजों में से एक हैं। दूसरे खिलाड़ी उनके कोच ब्रेंडन मैक्कुलम हैं। 3. बैजबॉल अंदाज - हमेशा नतीजे के लिए खेले, सबसे कम ड्रॉ प्रतिशत -स्टोक्स ने कप्तान के तौर पर 44 टेस्ट में इंग्लैंड को 24 में जीत दिलाई। माइक ब्रेयरली और माइकल वॉन के बाद वे इंग्लैंड के तीसरे कप्तान हैं, जिनका जीत का प्रतिशत 50+ है। - उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने प्रति ओवर 4.40 के रन रेट से रन बनाए। 25 से ज्यादा टेस्ट में कप्तानी करने वालों में यह इकलौता ऐसा रिकॉर्ड है। -स्टोक्स के कप्तान रहते सिर्फ 4.55% टेस्ट मैच ही ड्रॉ हुए। यह कम से कम 25 टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वालों में सबसे कम है। - 350+ के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने के इतिहास में 14 वाकये हुए हैं, जिनमें से दो मौकों पर स्टोक्स ने कप्तानी करते हुए जीत दिलाई। भारत के खिलाफ एजबेस्टन में 378 और हेडिंग्ले में 371 रन का चेज। 4. ऐतिहासिक पारियां - छठे नंबर पर दूसरा सबसे बड़ा स्कोर - 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नंबर 6 पर खेलते हुए स्टोक्स ने 258 रन बनाए थे। यह डॉन ब्रैडमैन (270) के बाद छठे या उससे निचले क्रम के बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस पारी में उन्होंने 163 गेंद में दोहरा शतक ठोका था, जो टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक है। - क्रिकेट के मक्का ‘लॉर्ड्स’ में सबसे तेज शतक (85 गेंद) लगाने का रिकॉर्ड भी स्टोक्स के नाम है, जो उन्होंने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। - 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 182 रनों की पारी इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज का वनडे में सर्वोच्च स्कोर है।
संन्यास से लौटीं सेरेना विंबलडन के पहले राउंड में हारीं:24 साल छोटी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने हराया, इगा स्वियातेक अगले राउंड में
रिटायरमेंट से वापसी कर रही सेरेना विलियम्स को विंबलडन के पहले ही राउंड में हार गई हैं। 44 साल की सेरेना को उनसे 24 साल छोटी ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने 6-3, 6-7, 6-3 से हराया। 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सेरेना अब लेडीज डबल्स कैटेगरी में अपनी बड़ी बहन वीनस विलियम्स के साथ चुनौती पेश करेंगी। सेरेना ने करीब चार साल (1,462 दिन) बाद इस चैंपियनशिप से वापसी की। उन्हें लेडीज सिंगल्स और डबल्स कैटेगरी में वाइल्ड कार्ड एंट्री दी गई। 2022 में मां बनने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल करियर से रिटायरमेंट ले लिया था। उम्र से 24 साल छोटी खिलाड़ी से हारी सेरेना सेरेना विलियम्स थोड़ी थकी और लय से बाहर नजर आईं। पहले सेट में ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने उनकी कमजोरियों का फायदा उठाया और यह सेट आसानी से 6-3 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में सेरेना ने शानदार वापसी की। दो बार ब्रेक पॉइंट पर पिछड़ने के बाद उन्होंने खेल को टाइ-ब्रेकर तक खींचा और दूसरा सेट 7-6 से जीत लिया। हालांकि, तीसरे सेट में शारीरिक थकान उन पर हावी हो गई और माया ने आखिरी सेट 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। सेरेना ने बयान में कहा- 'विंबलडन में वापस आना वास्तव में बहुत अच्छा था। मुझे यहां आने की उम्मीद नहीं थी। माहौल अद्भुत था और मैंने इस पल का पूरा आनंद लिया।' चोट से दिमित्रोव की शानदार वापसी, सीधे सेटों में जीते बुल्गारिया के 35 साल के खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव ऑस्ट्रेलिया के डेन स्वीनी को सीधे सेटों में 7-6, 6-3, 7-5 से हरा दिया। दिमित्रोव पिछले साल इसी कोर्ट पर यानिक सिनर के खिलाफ 2 सेट की बढ़त लेने के बाद पेक्टोरल इंजरी (सीने की मांसपेशी में चोट) के कारण मैच से हट गए थे। वे रोते हुए कोर्ट से बाहर गए थे। कोर्ट पर ही रो पड़ीं इगा स्वियातेक, तीन सेट के संघर्ष में जीतीं महिला सिंगल्स की मौजूदा चैंपियन पोलैंड की इगा स्वियातेक को भी अपने पहले दौर के मुकाबले में काफी पसीना बहाना पड़ा। तीसरी वरीयता प्राप्त स्वियातेक ने अमेरिका की टेलर टाउनसेंड को 6-1, 2-6, 6-3 से हराया। पहला सेट 6-1 से आसानी से जीतने के बाद दूसरा सेट हार गईं। तीसरे सेट के पहले गेम में उन्होंने तीन डबल फॉल्ट करने के बावजूद चार ब्रेक पॉइंट बचाए और अंततः दो घंटे से अधिक चले मैच को जीत लिया। जीत के बाद स्वियातेक इतनी भावुक हो गईं कि कोर्ट पर ही तौलिए से मुंह छिपाकर रोने लगीं। 38 साल में पहली बार पहले दौर में हारे 15 खिलाड़ी मेजबान ब्रिटेन के लिए टूर्नामेंट का दूसरा दिन बेहद निराशाजनक रहा। विंबलडन के इतिहास में 38 साल बाद ऐसा हुआ है। जब पहले ही दौर में ब्रिटेन के 15 खिलाड़ी हारकर बाहर हो गए हैं। इससे पहले 1988 में 16 ब्रिटिश खिलाड़ी पहले दौर में हारे थे। हालांकि, केटी स्वान, जैकब फर्नली, आर्थर फेरी और जान चोइंस्की ने अपने-अपने मैच जीतकर ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा है। केटी स्वान ने रोमानिया की इरिना-कैमेलिया बेगु को 6-4, 6-4 से हराया, जबकि फर्नली ने दो सेट पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मैच जीता।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 

















