UP School Holiday: आज पीलीभीत-संभल समेत इन जिलों में स्कूलों की छुट्टी, डीएम का आदेश जारी
सावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के संभल, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, बिजनौर और एटा में जिला प्रशासन ने सोमवार, 17 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं।
यह आदेश सभी परिषदीय,राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यताप्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू रहेगा । बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस जारी रहेगीं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बिजनौर में सोमवार को सभी प्री-प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने बताया कि यह अवकाश माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, आईएससी, मदरसा शिक्षा परिषद और अन्य सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। जनपद के सभी संबंधित विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि स्कूल का संचालन न किया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन हो।
कांवड़ यात्रा और रूट डायवर्जन के कारण एटा में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। संभल में प्रशासन ने जिले के सभी बोर्ड (यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएससी) के स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है। सीतापुर जिला प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को आज (17 अगस्त 2026) बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर. के निर्देशानुसार यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है
सोमवार सभी परिषदीय स्कूल बंद, संचालन के समय में भी बदलाव
बरेली में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। इसके अलावा स्कूल के समय में भी संशोधन किया गया है। नए आदेश के तहत 30 सितंबर तक स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। सुबह 8 से 8:15 बजे तक प्रार्थना सभा और योगाभ्यास आयोजित होगा। वहीं, 1 अक्तूबर से 31 मार्च 2027 तक स्कूल सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे, जिसमें प्रार्थना सभा का समय सुबह 9 से 9:15 बजे तक रहेगा।
इंदौर में वन्यजीवों की दुनिया का नया अनुभव, CM मोहन यादव ने किया वर्चुअल जू का लोकार्पण
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में रविवार को एक ऐसी सुविधा शुरू हुई, जो शहर के जू को देखने का अनुभव पूरी तरह बदल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण किया। करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 14-D सिनेमा थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी अब लोगों को वन्यजीवों की दुनिया का अलग तरह का अनुभव देगी।
लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों और स्कूली बच्चों के साथ 14-D सिनेमा में बैठकर फिल्म का आनंद लिया। स्क्रीन पर जंगल और वन्यजीवों के दृश्य चलने के साथ तकनीकी इफेक्ट्स ने अनुभव को और खास बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर लगातार नए प्रयोग कर रहा है और यह सुविधा शहरवासियों, बच्चों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगी।
इंदौर में शुरू हुआ देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में तैयार किया गया वर्चुअल चिड़ियाघर सामान्य फिल्म देखने से बिल्कुल अलग अनुभव देने के लिए बनाया गया है। यहां दर्शक सिर्फ स्क्रीन पर जंगल और जानवरों को चलते हुए नहीं देखेंगे, बल्कि तकनीक की मदद से उन्हें जंगल के बीच होने जैसा अनुभव कराने की कोशिश की गई है।
वर्चुअल जंगल सफारी में जंगल का माहौल, वन्यजीवों की गतिविधियां और अलग-अलग प्राकृतिक दृश्य दिखाए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा बच्चों और उन लोगों को हो सकता है, जो वास्तविक जंगल सफारी पर नहीं जा पाते।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस सुविधा को देखने के बाद इसकी तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इंदौर जिस काम को करता है, उसे बेहतर तरीके से करने की कोशिश करता है। उनके मुताबिक, शहर लगातार नवाचार और विकास के क्षेत्र में नए आयाम बना रहा है।
14-D सिनेमा में सिर्फ फिल्म नहीं, महसूस होगा जंगल
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसका 14-D सिनेमा थिएटर है। सामान्य सिनेमा में दर्शक केवल तस्वीर और आवाज का अनुभव करते हैं, लेकिन 14-D थिएटर में अलग-अलग प्रभावों को दृश्य के साथ जोड़ा गया है।
जंगल में बारिश का दृश्य आता है तो पानी की बूंदों का एहसास कराया जा सकता है। हवा चलने वाले दृश्य में चेहरे पर हवा का झोंका महसूस हो सकता है। इसी तरह सीटों की हलचल, कंपन, कोहरा और दूसरे इफेक्ट्स फिल्म में दिखाई दे रहे दृश्यों के साथ बदलते हैं।
करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
इंदौर प्राणी संग्रहालय में 14-D सिनेमा थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी को करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट जू की सामान्य सुविधाओं से अलग एक नया अनुभव जोड़ता है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि वर्चुअल जंगल सफारी आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसका एक दूसरा फायदा यह भी है कि इससे नगर निगम को आमदनी प्राप्त हो सकती है।
स्कूली बच्चों के लिए खास हो सकता है वर्चुअल जंगल
प्राणी संग्रहालय में हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार पहुंचते हैं। ऐसे में वर्चुअल जंगल सफारी बच्चों के लिए पढ़ाई और मनोरंजन को जोड़ने का काम कर सकती है।
किताब में बच्चे जंगल, शेर, बाघ, हाथी या दूसरे वन्यजीवों के बारे में पढ़ते हैं। लेकिन स्क्रीन पर उन्हें जंगल का वातावरण दिखाई दे और उसी समय अलग-अलग इफेक्ट्स का अनुभव हो, तो जानकारी ज्यादा आसानी से याद रह सकती है।
मुख्यमंत्री ने खुद लिया 14-D सिनेमा का अनुभव
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों और स्कूली बच्चों के साथ 14-D सिनेमा थिएटर में बैठकर फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसे बेहद आनंददायक अनुभव बताया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल जंगल सफारी का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां मौजूद तकनीकी व्यवस्था को समझा और अधिकारियों से इसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी ली।
आज इंदौर में देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर, प्राणी संग्रहालय में ₹4.5 करोड़ की लागत से पीपीपी मॉडल पर निर्मित 14-डी सिनेमा थियेटर एवं वर्चुअल जंगल सफारी का लोकार्पण किया और अवलोकन कर इसकी तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी प्राप्त की।
वर्चुअल जंगल सफारी से पर्यटकों को यहीं पर जंगल… pic.twitter.com/XUMygAjyGn
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 16, 2026
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