RRB Group D Exam Date 2026 Out: 3 अगस्त से शुरू होगी परीक्षा, जानिए कब आएगा एडमिट कार्ड
रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप-D भर्ती परीक्षा 2026 के CBT-1 चरण की तारीखों की घोषणा कर दी है। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे सकते हैं, क्योंकि CBT-1 परीक्षा अगस्त में आयोजित की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और एग्जाम सिटी स्लिप जारी करने का शेड्यूल भी स्पष्ट कर दिया गया है।
3 अगस्त से शुरू होगी RRB Group D परीक्षा
रेलवे भर्ती बोर्ड के अनुसार RRB Group-D CBT-1 परीक्षा का आयोजन 3 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित होगी।
कब जारी होगा एडमिट कार्ड?
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड परीक्षा तिथि से 4 दिन पहले जारी किए जाएंगे। वहीं एग्जाम सिटी स्लिप परीक्षा से 10 दिन पहले उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने परीक्षा शहर और केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
परीक्षा पैटर्न और मार्किंग सिस्टम
CBT-1 परीक्षा में सामान्य विज्ञान, गणित, रीजनिंग और सामान्य जागरूकता से कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा 100 अंकों की होगी और इसके लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा।
गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
22,195 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे में कुल 22,195 रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV, पॉइंट्समैन-बी, असिस्टेंट ट्रैक मशीन, असिस्टेंट (S&T), ऑपरेशन असिस्टेंट, असिस्टेंट लोको शेड और अन्य तकनीकी पद शामिल हैं।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें और परीक्षा से जुड़ी हर अपडेट समय पर प्राप्त करें।
आतंकवाद पर भारत का बड़ा एक्शन: JeM-LeT के 23 आतंकी 'डिजाइनटेड टेररिस्ट' घोषित, देखें पूरी लिस्ट
नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4 जुलाई 2026 को एक गजट अधिसूचना जारी कर 23 व्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत 'डिजाइनटेड टेररिस्ट' (आतंकवादी) घोषित किया है। ये सभी आतंकी पाकिस्तान स्थित हैं और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) व लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हैं।
आतंकियों पर क्या है आरोप?
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ये आतंकी जम्मू-कश्मीर में युवाओं को बरगलाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने, घुसपैठ कराने, हथियारों की ट्रेनिंग देने, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने और बड़े हमलों की साजिश रचने में संलिप्त रहे हैं। इन 23 आतंकियों में से 3 लश्कर संस्थापक हाफिज सईद के करीबी हैं। इसके अलावा, 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप और 2018 के सुंजवान मिलिट्री स्टेशन हमले में शामिल आतंकी भी इस सूची में शामिल किए गए हैं।
डिजाइनटेड टेररिस्ट घोषित होने के बाद क्या होगा?
UAPA कानून के तहत आतंकी घोषित होने का मतलब है कि अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की शक्ति मिल गई है। इससे:
- आतंकियों के वित्तीय स्रोतों पर रोक लगाई जाएगी।
- हथियार खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगेगा।
- उनकी सभी संपत्तियों को कुर्क (Seize) करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्ष 2019 में कानून में संशोधन के बाद अब केंद्र सरकार सीधे तौर पर किसी भी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर सकती है। इसके साथ ही अब भारत में घोषित आतंकवादियों की कुल संख्या 80 हो गई है।
सूची में शामिल प्रमुख नाम
गृह मंत्रालय ने आतंकियों के नाम की विस्तृत सूची जारी की है:
- जैश-ए-मोहम्मद (JeM): मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसद्दीक (डॉक्टर), मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वसीम नूर जट।
- लश्कर-ए-तैयबा (LeT): फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनाई, बिलाल अहमद मीर, आबिद क्यूम लोन, नजीर अहमद गुर्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्ला खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फिरोज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और मोहम्मद शहीद फैसल (अल कायदा/ISIS से भी जुड़ा)।
आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
भारत ने आतंकवाद के इकोसिस्टम को पूरी तरह नष्ट करने का संकल्प लिया है। इस वर्ष सरकार ने अपनी पहली व्यापक 'नेशनल काउंटर टेररिज्म पॉलिसी एंड स्ट्रेटेजी' भी पेश की है, जिसे 'प्रहार' (PRAHAAR) नाम दिया गया है। यह नई सुरक्षा नीति आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख को दर्शाती है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सीमा पार से ड्रोन के जरिए फैलाई जा रही गतिविधियों और ऑनलाइन भर्ती चैनलों पर नजर बनाए हुए हैं।

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