योगी सरकार इस योजना के तहत दे रही 11.80 लाख रुपए, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डेयरी सेक्टर में बड़ा अवसर लेकर आई है. राज्य सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 देसी गायों की आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने पर 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है. सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है. योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक लाभार्थी 21 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के तहत 10 उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित की जाएगी. एक यूनिट की कुल परियोजना लागत लगभग 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इसमें सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 11.80 लाख रुपये अनुदान के रूप में देगी. शेष राशि में 15 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं निवेश करना होगा, जबकि 35 प्रतिशत तक बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी.
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं को दिया जाएगा, जो डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं. हालांकि कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं.
आवेदक के पास कम से कम तीन वर्ष का गोपालन या भैंस पालन का अनुभव होना चाहिए.
अनुभव का प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से प्रमाणित होना जरूरी होगा.
लाभार्थी के पास डेयरी संचालन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध होनी चाहिए.
योजना का लाभ केवल स्वदेशी नस्ल की गायों पर मिलेगा.
किन नस्लों की गायें होंगी शामिल?
सरकार इस योजना के जरिए स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को भी बढ़ावा देना चाहती है. इसलिए केवल साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उच्च गुणवत्ता वाली भारतीय नस्ल की गायों को योजना में शामिल किया गया है. खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार बछड़ा देने वाली होनी चाहिए और उसका हालिया प्रसव 45 दिनों के भीतर हुआ होना चाहिए. साथ ही सभी गायों का बीमा और ईयर टैग अनिवार्य रहेगा.
केवल सब्सिडी ही नहीं, तकनीकी मदद भी
योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि पशुपालन विभाग की ओर से आधुनिक डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण, पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञ सलाह और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी संचालन का मार्गदर्शन भी दिया जाएगा. इससे डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी.
आवेदन की अंतिम तारीख और चयन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन 21 जुलाई तक किए जा सकते हैं. आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाएंगे. यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो पात्र लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा.
कौन नहीं उठा सकेगा लाभ?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले से कामधेनु योजना, मिनी या माइक्रो कामधेनु योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे. इसका उद्देश्य नए लाभार्थियों को प्राथमिकता देना है.
किसानों के लिए क्यों अहम है यह योजना?
विशेषज्ञों का मानना है कि खेती के साथ डेयरी व्यवसाय किसानों की नियमित आय का मजबूत स्रोत बन सकता है. सरकार की इस योजना से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा. कम निवेश में बड़े अनुदान और तकनीकी सहयोग के कारण यह योजना डेयरी व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है.
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