'ये वैभव को खिलाने का सही वक्त है', सात समुंदर पार भी सूर्यवंशी के डेब्यू का इंतजार, जानिए किस दिग्गज ने दिया क्या बयान
Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त इंग्लैंड दौरे पर है, जहां दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज का पहला मैच वॉशआउट हो गया था और अब दूसरा मैच 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाने वाला है. इस सीरीज में सबको वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू का बेसब्री से इंतजार है. ऐसे में क्रिकेट के गलियारों में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की ही चर्चा चल रही है. तो आइए यहां आपको बताते हैं कि इंग्लैंड के क्रिकेटर्स वैभव के डेब्यू को लेकर क्या-क्या कह रहे हैं...
मोंटी पनेसर ने दिया बयान
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की बात कही है. उनका कहना है कि वैभव को खिलाने का ये सही वक्त है. मोंटी पनेसर ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा, "बिल्कुल खिलाना चाहिए. मुझे लगता है ये इस बाइलेटरल सीरीज में सूर्यवंशी को खिलाने का सही वक्त है. ये देखना चाहिए कि वो भारत के बाहर कैसा प्रदर्शन करता है. इंग्लैंड की कंडीशन वैभव को टेस्ट करेंगी. मुझे लगता है स्विंगिंग कंडीशन में उसको एडजस्ट करना होगा. IPL जैसी पिच यहां नहीं मिलेगी. सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड में बड़ा इम्तिहान होगा."
माइकल वॉन ने क्या कहा?
इस बात में कोई दोराय नहीं है कि हर कोई वैभव सूर्यवंशी को खेलते देखने के लिए उत्सुक है. पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर माइकल वॉन ने भी इस मुद्दे पर बात की. उनका कहना है कि वह भी वैभव को खेलते देखना चाहते हैं. साथ ही एलिस्टर कुक ने भी कहा कि वह गाड़ी चलाकर वहां जाएंगे और उम्मीद करते हैं कि वैभव उन्हें खेलते हुए नजर आएंगे.
'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में माइकल वॉन ने कहा, "हमें BCCI और सिलेक्टर से कहना चाहिए और पूछना चाहिए कि वह हमारा साथी बच्चा, आयरलैंड के खिलाफ क्यों नहीं खेला?" जवाब में कुक ने कहा कि "मैं कल वहां जा रहा हूं. अपनी गाड़ी खुद चलाकर जाऊंगा, उम्मीद है 15 वर्षीय बच्चा खेलेगा."
Durham ➔ Manchester ????#TeamIndia on the move for 2️⃣nd #ENGvIND T20I ???? pic.twitter.com/XDdIUrzycE
— BCCI (@BCCI) July 3, 2026
एयोन मोर्गन ने भी दिया बयान
???? Morgan on Vaibhav Suryavanshi????
— VEER SA (@veersaa007) July 2, 2026
-"I haven't seen a player like Vaibhav Suryavanshi in IPL history. The way he shattered Chris Gayle's record was unbelievable. He's going to achieve huge things in international cricket."#VaibhavSuryavanshi #EoinMorgan #INDvsENG #T20I…
यह वैभव सूर्यवंशी का IPL में दूसरा सीजन था और मैंने उम्र की परवाह किए बिना किसी भी बल्लेबाज को ऐसी जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए कभी नहीं देखा. लेकिन 15 साल की उम्र में ऐसा करना वाकई हैरान करने वाला है. उन्होंने इस साल के IPL में किसी भी दूसरे खिलाड़ी से ज़्यादा छक्के लगाए. उन्होंने क्रिस गेल का वह रिकॉर्ड तोड़ दिया जो 10 या 12 साल से कायम था. यह सचमुच अविश्वसनीय है. उन्होंने दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ 700 से अधिक रन बनाए. वे उन्हें गेंदबाजी करने का कोई तरीका ही नहीं ढूंढ पाए.
क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा डेब्यू का मौका?
The rain hit pause. The rivalry hits play tomorrow.????⚡
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 3, 2026
Watch #ENGvIND 2nd T20I, tomorrow 6 PM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV channels.#SonySportsNetwork #MamlaPersonalHai #ExtraaaInnings pic.twitter.com/Z8CRzKnjZa
इंग्लैंड दौरे पर खेला गया पहला टी-20 मैच भले ही बारिश में धुल गया हो, लेकिन भारत ने पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी की थी. ओपनिंग करने आए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा. जहां, अभिषेक ने तो तूफानी बल्लेबाजी की और और 24 गेंदों पर 59 रन की पारी खेली थी. मगर, संजू एक बार फिर बल्ले से रन बनाने में फेल हो गए.
उन्होंने 7 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 1 रन बनाकर अपना विकेट गंवाकर पवेलियन लौट गए. संजू सैमसन की ओर से पिछले काफी वक्त से लगातार निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अब टीम इंडिया वैभव को प्लेइंग-11 में संजू सैमसन की जगह मौका देगी या फिर 15 साल के खिलाड़ी को अपनी बारी का अभी और इंतजार करना होगा.
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GenZs को झटका! स्कूलों के बाहर अब नहीं मिलेगी Sting; जानें क्यों?
Maharashtra Govt: महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों और स्कूली छात्रों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने का ऐलान किया है. इस बात की जानकारी खाद्य मामलों के मंत्री नरहरी झिरवाल ने खुद विधानसभा में दी है. उन्होंने बताया कि इस फैसले को जमीन पर उतारने के लिए बहुत जल्द एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी. सरकार का मकसद साफ है कि बच्चों को ऐसी चीजों से दूर रखा जाए जो उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. नियमों का पालन कराने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं और निगरानी भी बढ़ा दी गई है.
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
आजकल के स्कूली बच्चों और युवाओं में एनर्जी ड्रिंक पीने का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है. आकर्षक विज्ञापनों और सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर बच्चे इसे बड़े चाव से पीते हैं. सरकार का मानना है कि इस तरह के ड्रिंक्स का लगातार सेवन करने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है. इसी गंभीर खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने समय रहते कदम उठाया है. स्कूलों के पास इसकी बिक्री रुकने से बच्चे आसानी से इसे खरीद नहीं पाएंगे.
देश की बड़ी कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा
यह मामला सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है. देश की सबसे बड़ी खाद्य नियामक संस्था एफएसएसएआई भी अब एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कंपनियों को लेकर सख्त मूड में नजर आ रही है. हाल ही में एक जुलाई को एफएसएसएआई ने देश की छह बड़ी एनर्जी ड्रिंक कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इन कंपनियों में रेड बुल, पेप्सिको की एड्रेनालाईन रश, रिलायंस की कैम्पा एनर्जी गोल्ड बूस्ट, स्टिंग, हेल एनर्जी और कोका कोला के समर्थन वाली मॉन्स्टर एनर्जी शामिल हैं. इन सभी बड़े ब्रांड्स पर आरोप है कि ये अपने विज्ञापनों में भ्रामक दावे करते हैं और ग्राहकों को गुमराह करते हैं.
भ्रामक विज्ञापनों और दावों पर उठी उंगली
खाद्य नियामक संस्था का कहना है कि भारत के नियमों के मुताबिक अभी तक "एनर्जी ड्रिंक" नाम की कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी तय ही नहीं की गई है. इसके बावजूद ये कंपनियां धड़ल्ले से अपने प्रोडक्ट्स को इसी नाम से बेच रही हैं. इसके अलावा कंपनियां अपने विज्ञापनों में कहती हैं कि यह ड्रिंक शरीर और दिमाग को तुरंत ताकत देता है, फोकस बढ़ाता है, कमजोरी को जड़ से दूर करता है और एनर्जी लेवल को कई गुना बढ़ा देता है. नियामक के मुताबिक विज्ञान के नजरिए से इस तरह के बड़े और जादुई दावे कानून के नियमों के बिल्कुल खिलाफ हैं.
थकान दूर नहीं होती बल्कि सिर्फ दब जाती है
हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर भी लंबे समय से इन एनर्जी ड्रिंक्स को लेकर अपनी चिंता जताते आ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इन ड्रिंक्स के अंदर बहुत भारी मात्रा में कैफीन और चीनी मिली होती है. यह कॉम्बिनेशन हमारे शरीर को कोई असली या प्राकृतिक ऊर्जा नहीं देता है. यह ड्रिंक पीने के बाद शरीर की थकान कुछ समय के लिए सिर्फ दब जाती है और इंसान को लगता है कि वह एकदम फ्रेश हो गया है. जब इस ड्रिंक का असर खत्म होता है, तो शरीर पहले से भी ज्यादा थका हुआ महसूस करने लगता है.
बच्चों की सेहत के लिए बड़ा खतरा
अगर बच्चे या युवा लगातार और बहुत ज्यादा मात्रा में इन एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो उनके शरीर में कैफीन की मात्रा बहुत बढ़ जाती है. इसकी वजह से उन्हें दिल की धड़कन तेज होना, रात में नींद न आना, स्वभाव में चिड़चिड़ापन होना, पेट की खराबी और बेचैनी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. लंबे समय में यह आदत उनके दिल और दिमाग दोनों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. यही वजह है कि सरकार ने बच्चों को इस खतरे से बचाने के लिए स्कूलों के आसपास इसकी बिक्री पर ताला लगाने का मन बना लिया है.
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