Sawan 2026 Lucky Rashiyan: सावन का दुर्लभ महासंयोग इन 4 राशियों को दिलाएगा धन, सफलता और तरक्की, बरसेगी महादेव की कृपा
Sawan 2026 Lucky Rashiyan: ज्योतिषियों के अनुसार, हिंदू धर्म में सावन का महीना बहुत ही शुभ माना जाता है, जिससे महादेव और माता पार्वती की पूजा बड़े विधि-विधान के साथ की जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार इस बार सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को खत्म होगा. कहते हैं कि जो भी साधक सावन के सभी सोमवारों का व्रत रखता है उसकी भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. यह महीना कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला है.
सावन में 53 साल बाद बनेगा ये महासंयोग
ज्योतिषिय नजरिए से इस बार सावन की शुरुआत कई शुभ योगों और संयोगों में होने जा रही है. जिसमें सबसे खास है आयुष्मान योग. इसके अलावा सावन के महीने में गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होने जा रहा है. साथ ही, शनि वक्री और गुरु भी अस्त होंगे. यह संयोग 53 साल बाद बनने जा रहा है. भगवान शिव की आराधना के इस पवित्र महीने में ग्रहों की खास स्थिति के कारण कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर देवों के देव महादेव की कृपा बरसने वाली है. इन राशियों के जातकों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में भाग्य का साथ मिलेगा. आइए जानते हैं कि इस साल सावन का महीना किन राशियों के लिए फलदायी रहने वाला है.
किन राशियों के लिए लाभकारी रहेगा सावन का महीना
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए सावन का महासंयोग बेहद शुभ और मंगलकारी रहने वाला है. भोलेनाथ की कृपा से आपका अटका हुआ काम पूरा होगा. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे आपके पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. व्यापारियों के लिए मुनाफे के नए रास्ते खुलेंगे और लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. निवेश से भी अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए सावन का महीना करियर और पारिवारिक जीवन में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जिन्हें भगवान शिव ने अपने मस्तक पर धारण किया हुआ है. इसलिए यह महीना आपके लिए भाग्य का पूरा साथ लेकर आएगा. पिछले कुछ समय से चल रहा मानसिक तनाव कम होगा. पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी. इसके अलावा आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो सावन के दौरान आपको बेहतरीन ऑफिर मिल सकते हैं.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए सावन का महासंयोग आत्मविश्वास और मान-सम्मान में वृद्धि लेकर आ रहा है. आर्थिक स्थिति से पहले से काफी मजबूत होगी. यदि कोई नया बिजनेस या प्रोजक्ट शुरू करने की सोच रहे हैं तो सफलता मिलने के प्रबल योग हैं. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढे़गा और शत्रु पक्ष परास्त होगा. कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सावन का महीना भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है. पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग बन रहे हैं. जो काम लंबे समय से रुका हुआ था वे अब तेजी से पूरी होंगे. जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और सेहत में पहले से बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.
भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए क्या करें?
शिवलिंग पर करें जलाभिषेक
अगर आप सावन के महीने में भगवान शिव की कृपा पाने चाहते हैं तो तांबे के लोटे में जल भरकर, उसमें थोड़ा गंगाजल और काला तिल मिलाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें.
108 बार महामृत्युजंय मंत्र का जाप करें
इसके अलावा रोजाना कम से कम 108 बार ऊं नम: शिवाय या महामृत्युजंय मंत्र का जाप करें.
भोलेनाथ को इन चीजों का भोग लगाएं
सावन के महीने में भोलेनाथ को बेलपत्र, पंचामृत और धतूरा अर्पित करने से जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है.
Jaipur ATS Action: जयपुर में ATS ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित महिला स्लीपर सेल बबीता उर्फ खदीजा को किया गिरफ्तार
Jaipur ATS Action: राजस्थान ATS ने जयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क की एक महिला स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार महिला का नाम बबीता बताया जा रहा है, जो मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है और जयपुर के वाटिका क्षेत्र में अपने रिटायर्ड पिता के साथ रह रही थी. अब तक की जांच में सामने आया है कि बबीता अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप अकाउंट चलाती थी. ATS के अनुसार, महिला का संपर्क जैश-ए-मोहम्मद समेत अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों से था. जांच एजेंसियों को एक आतंकी हैंडलर से उसके संपर्क के भी प्रमाण मिले हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का लंबे समय तक ब्रेनवॉश किया गया था, जिसके चलते उसमें कट्टरता भर दी गई थी.
एजेंसियों के मुताबिक, बबीता जिसका नाम खदीजा बताया जा रहा है वह पाकिस्तान और मिडिल ईस्ट तक जाने के लिए भी तैयार थी. यह तथ्य भी सामने आए हैं कि महिला का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई थी. ATS अब महिला के संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की गहन जांच कर रही है. जानिए पूरा मामला क्या है.
सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठनों के संपर्क में आई बबीता
बताया जा रहा है कि बबीता उर्फ खदीजा सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के संपर्क में आयी थी. फिलहाल, बबीता की आज 7 दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है. सात दिन पहले बबीता को जयपुर के वाटिका स्थित उसके पिता के घर से गिरफ्तार किया गया था.
ऑनलाइन कलमा पढ़ बदला नाम
राजस्थान ATS की गिरफ्त में आई महिला स्लीपर सेल बबीता यानी कि खदीजा को लेकर जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. शुरुआती खुलासों में पता चला है कि बबीता ने ऑनलाइन कलमा पढ़ने के बाद अपना नाम बदलकर 'खदीजा' रख लिया था. बबीता प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में थी और उसे कट्टरपंथी बनाने की प्रक्रिया चल रही थी.
जैश-ए-मोहम्मद कर रहा महिलाओं को टारगेट
बता दें कि साल 2025 से जैश-ए-मोहम्मद 'जमात-उल-मुमिनात' नाम से एक महिला विंग संचालित कर रहा है, जिसके जरिए वह महिलाओं और युवतियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रभावित कर उनती भर्ती करने की कोशिश करवा रहा है. संभावना है कि बबीता भी इस नेटवर्क की अहम कड़ी बन चुकी थी. जांच के दौरान बबीता के मोबाइल फोन से "दुनिया धोखेबाज" नाम का एक संदिग्ध फेसबुक अकाउंट मिला. इस अकाउंट की प्रोफाइल फोटो में हथियारों के साथ तस्वीरें लगी हुई थी.
बबीता के फेसबुक अकाउंट का जैश-ए-मोहम्मद से संबंध
बबीता के फेसबुक अकाउंट में करीब 300 से ज्यादा फ्रेंड जुड़े हुए है, जिनमें अधिकांश पाकिस्तान और अन्य विदेशी देशों के नागरिक भी उसके दोस्त हैं. शुरुआती जांच में एक ऐसा फेसबुक अकाउंट भी मिला है, जिस पर जैश-ए-मोहम्मद का झंडा लगा हुआ था. मौलवी ने बबीता को बताया था कि अबू-उबैदाह नाम का व्यक्ति उससे शादी करना चाहता है. इसके लिए उसे नमाज, और कुरान पढ़ने तथा धार्मिक तौर-तरीकों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे. बबीता के मोबाइल में जैश-ए-मोहम्मद कमांडर के नेटवर्क से जुड़े नंबर मिले हैं.
पाकिस्तान जा सकती थी बबीता!
पुलिस द्वारा बताया गया है कि पिछले कुछ महीनों से बबीता को प्रभावित कर उसका धर्म परिवर्तन कराने और उसके माध्यम से भारत में गतिविधियां संचालित करने की योजना बनाई जा रही थी. यदि समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती तो उसे पाकिस्तान भेजे जाने की साजिश को भी अंजाम दिया जा सकता था. फिलहाल, ATS और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और संभावित स्लीपर सेल मॉड्यूल की गहन जांच में जुटी हुई हैं.
सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी की बबीता बनी स्लीपर सेल
बबीता धाकड़ उर्फ 'खदीजा' राजस्थान की ही मूल निवासी है और लंबे समय से देश विरोधी नेटवर्क के लिए काम कर रही थी. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी राजस्थान में आतंकवाद के बदलते स्वरूप और महिलाओं को निशाना बनाने की पाकिस्तानी साजिश का एक बड़ा प्रमाण है. आरोपी महिला सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए सीधे सीमा पार बैठे आकाओं के निर्देश ले रही थी. सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. बबीता के पिता लालाराम धाकड़ गंगापुर सिटी की कर्मचारी कॉलोनी में रहते थे. वे सालों पहले यहां से मकान बेचकर जयपुर शिफ्ट हो गए थे. जानकारों ने बताया कि बबीता का ससुराल हिंडोन में था,जहां काफी समय से पति से अनबन के चलते तलाक की कार्यवाही चल रही है. बबीता अपने पिता के साथ लंबे समय से जयपुर में ही रह रही है. उसके पिता खादी विभाग में कार्यरत थे और मां का निधन हो चुका है. इस दौरान ही कुछ समय पहले वह इंटरनेट पर कुछ ऐसे संदिग्ध ग्रुप्स और प्रोफाइल्स के संपर्क में आई, जो युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम करते हैं.
जांच में सामने आई ये बातें
डिजिटल ब्रेनवॉश- पाकिस्तानी हैंडलर्स ने बबीता को भारत विरोधी सामग्री और प्रोपेगैंडा वीडियो दिखाकर उसका पूरी तरह से मानसिक ब्रेनवॉश किया.
ऑनलाइन कलमा- पूरी तरह प्रभावित होने के बाद बबीता ने इंटरनेट के माध्यम से ही ऑनलाइन कलमा पढ़ा और अपना नाम बदलकर 'खदीजा' रख लिया.
पाकिस्तानी संपर्क- धर्म परिवर्तन के बाद वह पूरी तरह से जैश-ए-मोहम्मद के स्लीपर सेल मॉड्यूल (Sleeper Cell Module) के रूप में सक्रिय हो गई और देश के भीतर की संवेदनशील जानकारियां जुटाने लगी.
सेना कैंप हमले और विमान अपहरण से जुड़े थे मोबाइल नंबर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एटीएस ने बबीता के पास से मिले स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों की जब तकनीकी फॉरेंसिक जांच शुरू की, तो देश के बड़े आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड से उसके तार जुड़े मिले. बबीता के मोबाइल कॉन्टैक्ट्स और चैट हिस्ट्री में भारत के सबसे वांटेड आतंकियों के करीबी नेटवर्क के नंबर सक्रिय पाए गए हैं.
मुख्य रूप से इन दो बड़े आतंकी नेटवर्कों से बबीता का संबंध
कारी जरार नेटवर्क- बबीता के मोबाइल से जैश कमांडर कारी जरार के नेटवर्क के नंबर मिले हैं. कारी जरार 2016 में जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में हुए भारतीय सेना के कैंप पर आत्मघाती हमले का मुख्य आरोपी है.
युसूफ अजहर नेटवर्क- इसके अलावा उसके फोन से कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के साले युसूफ अजहर उर्फ गोरी के नेटवर्क के नंबर भी मिले हैं. युसूफ अजहर 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान IC-814 के अपहरण की साजिश में सीधे तौर पर शामिल था.
भारत से पाकिस्तान भागने की थी तैयारी!
जैश ने भारत में सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए अपनी एक विशेष महिला विंग शुरू की है, जिसे 'जमात-उल-मुमिनात' नाम दिया गया है. इस विंग का मुख्य काम भारत के भीतर रहने वाली महिलाओं और युवतियों को ऑनलाइन माध्यमों से ढूंढना और उन्हें कट्टरपंथी बनाना, फिर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करना है. बबीता इसी विंग की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी थी. वह लगातार भारत विरोधी साजिशों को अंजाम दे रही थी और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आने से पहले ही भारत की सीमा लांघकर पाकिस्तान भागने की फिराक में थी.
राजस्थान में स्थानीय मददगारों की तलाश तेज
फिलहाल, मिलिट्री इंटेलिजेंस और राजस्थान ATS की संयुक्त टीमें बबीता उर्फ खदीजा को एक अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर रखकर लगातार कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं. सुरक्षा अधिकारियों का पूरा फोकस अब इस बात पर है कि बबीता ने जयपुर ग्रामीण और सवाई माधोपुर या सेना के अन्य ठिकानों के आसपास रहकर अब तक कितनी संवेदनशील, रणनीतिक और गोपनीय सूचनाएं सीमा पार भेजी हैं.
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