Best Time To Eat Banana: केला खाने का सही समय कौन सा? सुबह, खाली पेट या रात, Gym Lovers ध्यान दें... कब खाएं केला?
Best Time To Eat Banana: केला खाने का सही समय क्या है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, खासकर सुबह, खाली पेट या रात में इसे खाने को लेकर कई धारणाएं हैं. जिम जाने वाले लोगों के लिए भी यह जानना महत्वपूर्ण है कि उनके वर्कआउट रूटीन के हिसाब से केला कब खाना सबसे फायदेमंद होगा. इस खबर में हम केले के सेवन के सही समय और उसके फायदों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
Plastic Money: प्लास्टिक के नोट की होगी एंट्री!,10 और 20 रुपये के 1-1 अरब नोटों का ट्रायल मंजूर
Plastic Money: भारत में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट का ट्रायल शुरू हो सकता। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों को सीमित स्तर पर चलाकर देखा जाएगा।
दोनों मूल्यवर्ग के 1-1 अरब नोट छापे और इस्तेमाल में लाए जाएंगे। इसका मकसद यह जांचना है कि भारत के अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में ये नोट कितने टिकाऊ साबित होते।
10-20 रुपये के पॉलिमर नोट का होगा ट्रायल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि RBI के केंद्रीय बोर्ड ने रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत यह प्रस्ताव सरकार को भेजा था। सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। हालांकि, फिलहाल इन नोटों को बाजार में उतारने की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है।
मौजूदा नोटों के साथ जारी होंगे पॉलिमर नोट
वित्त मंत्री के मुताबिक पॉलिमर नोटों की खरीद की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए अभी यह बताना संभव नहीं है कि ये नोट कब से चलन में आएंगे और इस पूरी प्रक्रिया पर कितना खर्च आएगा। ये नोट मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ ही जारी किए जाने का प्रस्ताव है।
इस पायलट प्रोजेक्ट के दौरान खास तौर पर यह देखा जाएगा कि पॉलिमर नोट भारतीय मौसम, गर्मी, नमी, धूल और रोजमर्रा के इस्तेमाल में कैसा प्रदर्शन करते हैं। इसके आधार पर आगे इन नोटों को बड़े स्तर पर जारी करने का फैसला लिया जा सकता है।
छोटे नोट जल्दी खराब होते हैं
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक कम मूल्य वाले नोट सबसे ज्यादा हाथ बदलते हैं। लगातार इस्तेमाल के कारण इन पर जल्दी टूट-फूट और गंदगी आ जाती है। पॉलिमर से बने नोट ऐसे मामलों में ज्यादा टिकाऊ माने जाते हैं।
पॉलिमर नोट नमी, पानी, गंदगी और फटने के प्रति कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत होते हैं। इनमें नकली नोटों पर रोक लगाने के लिए माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम और पारदर्शी विंडो जैसे सुरक्षा फीचर भी लगाए जा सकते हैं।
60 देशों में पॉलिमर नोट हो रहे इस्तेमाल
पॉलिमर करेंसी दुनिया के करीब 60 देशों में इस्तेमाल की जाती है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में भी इस तरह के नोट चलन में हैं। इनकी लंबी उम्र के कारण छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की छपाई और उन्हें बार-बार बदलने की जरूरत कम हो सकती है।
RBI गवर्नर ने 5 अगस्त को कहा था कि फिलहाल यह केवल पायलट प्रोजेक्ट है। भारतीय परिस्थितियों में इनके प्रदर्शन की जांच के बाद ही तय होगा कि इन्हें बड़े स्तर पर जारी किया जाए या इनमें कुछ बदलाव किए जाएं।
(प्रियंका कुमारी)
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