Mojtaba Khamenei Video : इजराइली मीडिया के दावों के बीच ईरान ने जारी किया मोजतबा खामेनेई का नया वीडियो, स्वस्थ नजर आए सुप्रीम लीडर
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत और उनकी मौजूदगी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मध्य पूर्व के राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। इस बीच ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर न्यूज' ने एक वीडियो जारी करके इन सभी अटकलों पर पूर्णविराम लगाने का प्रयास किया है।
सामने आए ताजा वीडियो में मोजतबा खामेनेई बिल्कुल ठीक और सेहतमंद दिखाई दे रहे हैं। वे एक कमरे में गद्दे पर बैठे हुए हैं और उनके सामने मौजूद कुछ लोगों से बेहद शांत व सामान्य तरीके से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो के जारी होने के बावजूद इसकी सटीक तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Iran’s Mehr RELEASES VIDEO of Supreme Leader Mojtaba Khamenei for ‘FIRST TIME’ pic.twitter.com/v3Rp81VfLH
— RT (@RT_com) August 8, 2026
इजराइली मीडिया ने किया था गंभीर स्थिति और अस्पताल में भर्ती होने का दावा
ईरानी मीडिया द्वारा यह वीडियो जारी किए जाने से ठीक पहले इजराइली मीडिया की ओर से मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए गए थे। इजराइल के 'चैनल 14' और 'द यरूशलम पोस्ट' ने ईरानी प्रशासन के करीबी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि मोजतबा की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यरूशलम पोस्ट ने यहां तक दावा कर दिया था कि शीर्ष नेतृत्व में उनकी सेहत को लेकर काफी खौफ बना हुआ है। इसके अलावा विदेशी मीडिया और सऊदी अरब के समाचार आउटलेट 'अल-हदथ' ने दावा किया था कि खामेनेई इस समय ईरान में मौजूद ही नहीं हैं।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने माना था 'सीधा संपर्क साधना बेहद मुश्किल'
इजराइली और पश्चिमी मीडिया के इन दावों को बल इसलिए भी मिल रहा था क्योंकि खुद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हाल ही में एक सरकारी टीवी इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इस समय मोजतबा खामेनेई के साथ सीधा संपर्क साधना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। हालांकि, पेजेशकियान ने तुरंत यह भी स्पष्ट किया था कि मोजतबा का होना ही देश के लिए सबसे बड़ी ताकत और ढाल है। राष्ट्रपति के इस बयान के बाद उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कयासबाजी और तेज हो गई थी।
अफवाहों का खंडन करने की रणनीति या पुराना वीडियो?
ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा इस वीडियो को जारी करने के पीछे मुख्य उद्देश्य इजराइल और पश्चिमी देशों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को खारिज करना माना जा रहा है। वीडियो में मोजतबा खामेनेई को बिना किसी शारीरिक परेशानी के सामान्य मुद्रा में देखा जा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अपने सुप्रीम लीडर की स्थिति को लेकर दुनिया के सामने मजबूती पेश करना चाहता है। हालांकि, वीडियो की रिकॉर्डिंग की तारीख स्पष्ट न होने के कारण पश्चिमी विशेषज्ञ अभी भी इसके ताजा होने पर सवाल उठा रहे हैं।
Sheikh Hasina: दिल्ली से शेख हसीना का पहला लाइव संबोधन, बोलते-बोलते हुईं भावुक, बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर उठाए गंभीर सवाल
Sheikh Hasina live address: नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपना पहला लाइव संबोधन दिया है। भाषण की शुरुआत करते ही शेख हसीना भावुक होकर रो पड़ीं। बड़ी मुश्किल से खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि आज वह सिर्फ एक पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी के तौर पर बात कर रही हैं।
अपने परिवार के सदस्यों को याद करते हुए वह काफी भावुक हो गईं, जिनमें से अधिकतर लोगों की हत्या साल 1975 में ढाका में शेख मुजीब के साथ ही कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह कोई शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं था।
उन्होंने आगे कहा कि वह अपने देश से दूर हैं, लेकिन कभी भी अपने लोगों से अलग नहीं हुई हैं। उन्होंने और उनके परिवार ने बांग्लादेश के लिए लड़ाई लड़ी थी, और यह वह बांग्लादेश बिल्कुल नहीं है जिसके लिए 30 लाख लोगों ने अपनी जान कुर्बान की थी।
#WATCH | Delhi: A large media gathering at president of Awami League and former Prime Minister of Bangladesh Sheikh Hasina's press conference. pic.twitter.com/0j4SRZK2fu
— ANI (@ANI) August 5, 2026
'यह कोटा का मामला नहीं था, सरकार बदलने की थी सोची-समझी साजिश'
जुलाई 2024 की घटनाओं का जिक्र करते हुए शेख हसीना ने कहा कि आइए अब सही बात सामने रखी जाए। यह पूरी तरह से एक झूठा प्रोपेगैंडा था। असली छात्रों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें बहकाया गया, लेकिन ऐसा उन समूहों ने किया जिनका अपना स्वार्थ था।
#LISTEN | In a virtual interaction with the media in Delhi, former Bangladesh PM Sheikh Hasina says, "...I speak as someone who has spent her life with the people of Bangladesh and was forced away from my country, but I was never separated from my people..."
— ANI (@ANI) August 5, 2026
(Source:… pic.twitter.com/R3kL0mXKgB
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला कभी कोटा का था ही नहीं, बल्कि इसकी असली योजना लोगों को सरकार बदलने के लिए उकसाने की थी। मोहम्मद यूनुस के अपने शब्दों ने ही सच को उजागर कर दिया है। उन्होंने यह मान लिया है कि यह बहुत सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से किया गया ऑपरेशन था, जिसका मुख्य मकसद बैलेट बॉक्स से चुनी गई व्यवस्था से सत्ता को छीनना था।
#LISTEN | In a virtual interaction with the media in Delhi, while speaking on 2 years of 2024 violent protest in the country - former Bangladesh PM Sheikh Hasina says, "Muhammad Yunus himself said this was a meticulously designed movement, led by a mastermind. His own words… pic.twitter.com/b26cDRnExO
— ANI (@ANI) August 5, 2026
साजीब वाजेद जॉय का बड़ा आरोप: बांग्लादेश बन गया है 'दूसरा पाकिस्तान'
इस कार्यक्रम में शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने भी संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भी देश में हिंसा का दौर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2024 के विरोध-प्रदर्शनों के बाद भी हत्याओं का सिलसिला लगातार जारी रहा।
साजीब वाजेद जॉय ने संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा बताई गई मौतों की संख्या और सरकारी आंकड़ों के बीच के अंतर पर भी बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'इंडेम्निटी' उपाय के तहत प्रदर्शनकारियों को छूट दी गई। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से अपील की कि वे सत्ता से हटने के बाद हुई हिंसा की बारीकी से जांच करें।
जॉय ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश अब "एक और पाकिस्तान" बन चुका है, और यह पूरा घटनाक्रम भारत के लिए भी चिंता का बड़ा विषय होना चाहिए।
पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी के बयान और वापसी की उम्मीद
नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार को हिंसक रूप से हटाए हुए 2 साल पूरे हो चुके हैं और बीते दो साल देश के लिए बेहद संकट भरे रहे हैं। इस दौरान एक विशेष विचारधारा के लोगों पर यातनाएं बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि आज पूरे बांग्लादेश में लाखों आम नागरिक बढ़ती महंगाई से बुरी तरह पीड़ित हैं, युवाओं के लिए अवसरों में कमी आई है और धार्मिक अल्पसंख्यकों तथा अन्य समूहों के लिए पब्लिक स्पेस काफी कम हो गया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि देश इस स्थिति से बाहर निकले और इसी उम्मीद के साथ उनकी नेता (शेख हसीना) वापस लौटना चाहती हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी नेता किसी प्रकार का बदला नहीं चाहती हैं, बल्कि वे पुराने जख्मों को भरना और सिर्फ और सिर्फ इंसाफ चाहती हैं।
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