Responsive Scrollable Menu

महिंद्रा Scorpio N Facelift ADAS और Digital डिस्प्ले के साथ लॉन्च, कीमत ₹13.69 लाख से

महिंद्रा ने भारत में नई Scorpio N (फेसलिफ्ट) लॉन्च की है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹13.69 लाख (एक्स-शोरूम) है और टॉप मॉडल की कीमत ₹25.50 लाख है। कंपनी ने SUV के दमदार लुक या इंजन लाइनअप में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन इस अपडेट में ज़्यादा टेक्नोलॉजी और आरामदायक फीचर्स दिए गए हैं। 2022 में लॉन्च होने के बाद से ही Scorpio N काफी सफल रही है—अब तक 3.8 लाख से ज़्यादा लोग इसे खरीद चुके हैं। अब, और भी ज़्यादा फीचर्स के साथ, महिंद्रा SUV मार्केट में अपनी जगह और मज़बूत करना चाहती है। इसमें Z2, Z4, Z6, Z8S, Z8T और Z8L वैरिएंट्स शामिल हैं। 
 

इसे भी पढ़ें: Auto Sector की नई उड़ान: Passenger Vehicles की Record Sales ने जुलाई में बनाया ऐतिहासिक माइलस्टोन


अगर आप टॉप-एंड Z8L मॉडल चुनते हैं, तो आपके पास 6 या 7-सीटर का ऑप्शन होगा। फेसलिफ्ट मॉडल डीलरशिप पर पहुँचने लगे हैं और खरीदारों को ये जल्द ही मिलने लगेंगे। बाहर से देखने पर यह गाड़ी ज़्यादातर वैसी ही लगती है—मज़बूत और मस्कुलर। लेकिन महिंद्रा ने ऊँचे ट्रिम्स में नए 18-इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील्स दिए हैं, जो इसके स्टाइल को और बेहतर बनाते हैं। निचले वैरिएंट्स में पुराने व्हील्स ही दिए गए हैं। एक बड़ा बदलाव है 540-डिग्री सराउंड व्यू सिस्टम, जिसके साथ ब्लाइंड व्यू मॉनिटर भी मिलता है। इनकी वजह से पार्किंग और ऑफ़-रोडिंग ज़्यादा सुरक्षित और कम तनावपूर्ण हो जाती है।

अंदर जाने पर बदलाव साफ़ नज़र आते हैं। नई 12.29-इंच की फ्लोटिंग HD टचस्क्रीन तुरंत आपका ध्यान खींचती है; यह 6 फिजिकल शॉर्टकट बटन के ऊपर लगी है, ताकि गाड़ी चलाते समय आपको मेन्यू में उलझना न पड़े। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी अब पूरी तरह से डिजिटल है—10.24-इंच का और एकदम साफ़, जिससे सब कुछ काफी प्रीमियम लगता है। महिंद्रा ने कुछ काम के नए फीचर्स भी जोड़े हैं, जैसे 65W USB टाइप-C फास्ट चार्जर, पैनोरमिक सनरूफ और "एडवेंचर स्टैटिस्टिक्स" डिस्प्ले, जो इंजन की जानकारी, G-फोर्स, ऊंचाई और ऑफ-रोड से जुड़ी हर तरह की डिटेल्स को ट्रैक करता है। डैशबोर्ड का ओवरऑल लेआउट तो जाना-पहचाना ही है, लेकिन डिस्प्ले में हुए इन अपग्रेड्स से केबिन का माहौल वाकई शानदार हो गया है।
 

इसे भी पढ़ें: Hyundai Motor India ने रचा इतिहास, July में 75,360 Units की Record Sales के साथ दर्ज की बंपर ग्रोथ


टॉप वेरिएंट्स में अभी भी शानदार फीचर्स मिल रहे हैं: लेवल 2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), दमदार 12-स्पीकर वाला सोनी ऑडियो सिस्टम, हवादार फ्रंट सीट्स, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, लेदर अपहोल्स्ट्री, पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और ऑटो-डिमिंग रियरव्यू मिरर। ADAS अभी भी सिर्फ़ Z8L वेरिएंट में ही मिलता है, इसलिए अगर आपको सबसे एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स चाहिए, तो आपको पता है कि कौन सा मॉडल देखना है। इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आपको अभी भी 2.0-लीटर mStallion टर्बो-पेट्रोल या 2.2-लीटर mHawk टर्बो-डीज़ल इंजन का ऑप्शन मिलता है। दोनों इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल या ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलता है।

Continue reading on the app

ट्रम्प की वफादार कैरोलिन लेविट ने नौकरी छोड़ी:पत्रकारों पर तंज के लिए मशहूर थीं, कहा- अच्छी मां बनना चाहती हूं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाने वाली व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 28 साल की लेविट इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस छोड़ देंगी। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लेविट अब अपने परिवार और दो छोटे बच्चों को ज्यादा समय देना चाहती हैं। हालांकि, वह ट्रम्प की बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के लिए काम करती रहेंगी। लेविट 27 साल की उम्र में अमेरिका के इतिहास की सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं। मई में बेटी के जन्म के बाद वह कुछ समय के मातृत्व अवकाश पर गई थीं और कुछ दिन पहले काम पर लौटी थीं। उनका एक दो साल का बेटा भी है। डिलीवरी से ठीक पहले भी ड्यूटी निभाई अप्रैल 2026 में जब व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी पर पूरी दुनिया की नजर थी, तब कैरोलिन लेविट ने अपना मातृत्व अवकाश शुरू करने के बजाय खुद कैमरे के सामने आकर ट्रम्प प्रशासन की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। इसके बाद ही वह मातृत्व अवकाश पर गईं। मई 2026 में बेटी के जन्म के बाद करीब दो महीने छुट्टी पर रहीं, जुलाई में काम पर लौटीं और एक महीने बाद इस्तीफे का ऐलान कर दिया। प्रेस सचिव रहते हुए कई बार विवादों में रहीं लेविट करीब 20 महीने तक कैरोलिन लेविट व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे भरोसेमंद प्रवक्ता रहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भी ट्रम्प की नीतियों, फैसलों या विवादों पर मुश्किल सवाल पूछे जाते, तो उनका जवाब देने की जिम्मेदारी अक्सर लेविट ही संभालती थीं। उन्होंने कई बार ट्रम्प का आक्रामक तरीके से बचाव किया और मीडिया के सवालों का तीखे अंदाज में जवाब दिया। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों के साथ उनकी कई बार तीखी नोकझोंक हुई, जो सुर्खियों में रही। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सवाल पूछने वाले एक रिपोर्टर को ‘वामपंथी सोच वाला’ और ‘पत्रकार के नाम पर कलंक’ तक कह दिया था। इस बयान के बाद काफी विवाद हुआ। लेविट कई बार मेनस्ट्रीम मीडिया पर पक्षपात का आरोप भी लगाती थीं। उनका कहना था कि कुछ मीडिया संस्थान ट्रम्प सरकार के खिलाफ एजेंडा चलाते हैं। वहीं, उन पर आरोप लगता था कि वे पत्रकारों के सवालों से बचने के लिए उन पर व्यक्तिगत हमले करती हैं। प्रेस ब्रीफिंग में पहली बार यूट्यूबर्स को एंट्री दिलाई लेविट ने व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग का तरीका भी काफी बदला। उनके कार्यकाल में पहली बार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, पॉडकास्ट होस्ट, यूट्यूब क्रिएटर्स और ट्रम्प समर्थक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी प्रेस ब्रीफिंग में सवाल पूछने का मौका मिला। ट्रम्प सरकार का कहना था कि इससे ऐसे लोगों तक भी सरकार की बात पहुंचेगी, जो मेन स्ट्रीम मीडिया नहीं देखते। हालांकि, इस फैसले की काफी आलोचना भी हुई। पत्रकारों का कहना था कि सरकार अपनी आलोचना से डरती है और ट्रम्प समर्थकों को ज्यादा अहमियत दी जा रही है। ट्रम्प की बात नहीं मानी तो AP को प्रेस पूल से बाहर किया लेविट उस समय भी विवादों में आ गई थीं, जब व्हाइट हाउस ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) को प्रेस पूल से बाहर कर दिया। यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि एजेंसी ने ट्रम्प सरकार की इच्छा के बावजूद 'गल्फ ऑफ अमेरिका' नाम इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था और अपनी रिपोर्टों में पहले से चल रहे नाम 'गल्फ ऑफ मेक्सिको' का ही इस्तेमाल जारी रखा। अमेरिकी राष्ट्रपति हर जगह सैकड़ों पत्रकारों को साथ नहीं ले जा सकते। इसलिए कुछ चुनिंदा पत्रकारों और मीडिया संस्थानों का एक छोटा समूह बनाया जाता है। इसे प्रेस पूल कहा जाता है। यह टीम राष्ट्रपति के साथ यात्रा करती है और उनकी बैठकों, कार्यक्रमों और बयानों को सबसे पहले कवर करती है। इसके बाद यही जानकारी बाकी मीडिया संस्थानों के साथ भी साझा की जाती है। यानी प्रेस पूल की खबरें पूरे मीडिया तक पहुंचती हैं। ------------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- ईरान को पता था ट्रम्प तुर्किए में कहां रुके:फ्लोर तक की जानकारी थी, इसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने आखिरी वक्त पर प्लेन बदला तुर्किये में नाटो समिट के दौरान ईरानी एजेंटों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ठिकाने की जानकारी मिल गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: गॉल टेस्ट में इतिहास दोहराने से चूकी टीम इंडिया, नहीं कर पाई 19 साल पहले जैसा कारनामा

प्रसिद्ध कृष्णा ने 8 रन कम क्या बनाए, टीम इंडिया तो इतिहास रचने से ही चूक गई. गॉल टेस्ट में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां भारत की पहली पारी 462 रन पर सिमट गई. Mon, 17 Aug 2026 10:53:25 +0530

  Videos
See all

एयरपोर्ट पर कूल लुक में दिखीं Esha Deol | #eshadeol #bollywood #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-17T07:33:53+00:00

सलमान की सेल, दंगे का खेल? Kanpur Stampede | UP News | Anwarganj | UP Police | Alam Market #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-17T07:34:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers