Responsive Scrollable Menu

शोर शराबे, हंगामे और प्रदर्शन की भेंट चढ़ा संसद का मानसून सत्र, लोकसभा-राज्यसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित

देश के कई हिस्से भले ही अच्छे मानसून की आस लगाये बैठे हैं लेकिन संसद का मौसम कैसा बिगड़ा ये देश ने देख लिया, मतदाता ने जिस जिम्मेदारी के लिए सत्ता को चुना और जो जिम्मेदारी निभाने के लिए विपक्ष बना दोनों ही तरफ के सांसदों ने अपने व्यक्तिगत हितों को ऊपर रखते हुए देश की जनता को निराश किया और 20 जुलाई से शुरू हुआ  संसद का मानसून सत्र आज 13 अगस्त को समाप्त हो गया, जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी थी लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में सिर्फ हंगामा और शोर शराबा होता रहा, विपक्ष ने सदन के अंदर से लेकर बाहर तक लगातार पूरे सत्र में हंगामा किया तो सत्र समाप्ति से ठीक पहले सत्ता पक्ष ने भी विरोध प्रदर्शन किया और लोकसभा एवं राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई।    

संसद के मानसून सत्र पर देश की निगाहें थी , इस सत्र में एंटी पेपर लीक बिल, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का बिल, महिला संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक, FCRA बिल सहित अन्य कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी थी लेकिन इसमें से केवल एंटी पेपर लीक बिल चर्चा के बीच पास हो पाया शेष कुछ बिल बिना चर्चा के पास हुए और कुछ अटक गए, विपक्ष के सांसदों ने एक राय होकर केवल दो मुद्दे राम मंदिर दान चोरी और दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस बर्बरता को सबसे महत्वपूर्ण माना और सरकार से जवाब मांगा।

20 जुलाई को जब सत्र शुरू हुआ और उसी दिन जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने संसद का घेराव किया और तभी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज , आंसू गैस के गोले, पैलेट गान का इस्तेमाल किया जिसमें कई छात्र घायल हो गए विपक्ष खासकर कांग्रेस इसे लेकर सरकार पर हमलावर हो गए राहुल गांधी ने इसके खिलाफ कैम्पेन चलाया, उनके साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित पूरे विपक्ष ने पुलिस बर्बरता के लिए गृह मंत्री अमित शाह को दोषी कहा और उनसे जवाब मांगा।

छात्र आंदोलन, पुलिस बर्बरता और राम मंदिर दान चोरी मुद्दा रहा प्रमुख 

इस घटना के अगले दिन जब संसद शुरू हुई तो विपक्ष ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, संसद के अन्दर और बाहर दोनों सदनों में विपक्ष ने कड़े तेवर दिखाए, राहुल गांधी ने सीधे शब्दों में कहा छात्रों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया, आरोप सुनकर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी से उस आदेश की कॉपी सदन में रखने की मांग की तो राहुल ने कहा मैंने ये कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्री के दायरे में आती है तो गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री ही देंगे, उधर समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव के नेतृत्व में राम मंदिर दान चोरी को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया इसके बाद सत्र के अंतिम दिन यानि आज तक विपक्ष के प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा।

कांग्रेस सत्तापक्ष पर हमलावर तो भाजपा ने राहुल के खिलाफ किया प्रदर्शन 

कांग्रेस ने अमित शाह के सदन में नहीं आने पर आपत्ति जताई उनसे सदन में आकर जवाब देने की मांग की साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाये उनसे माफ़ी मांगने की मांग की इस बीच झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसके बाद वहां के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से इस्तीफा नहीं मांगने पर सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी और विपक्ष को घेरा और दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, सत्र समाप्ति के अंतिम दौर में कई बार प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने भी आये लेकिन सदन में कोई चर्चा नहीं हुई, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति लगातार सांसदों से चर्चा का आग्रह करते रहे लेकिन सभी सांसदों ने आसंदी के अनुरोध को भी अपनी जिद के सामने दरकिनार कर दिया।

अमित शाह ने कहा वे जवाब देने तैयार, राहुल बोले हमें भाषण नहीं सुनना 

गृह मंत्री से लगातार जवाब मांग रहे राहुल गांधी और समूचे विपक्ष को जवाब देते हुए सत्र समाप्ति से ठीक पहले कल बुधवार 12 अगास्त को गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे जवाब देने के लिए तैयार हैं लेकिन विपक्ष सदन तो चलने दे , उन्होंने कहा वो रोज संसद आते हैं अपने चेंबर में रहते हैं लेकिन जब सत्र ही नहीं चलता विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित होती है तो कहाँ जवाब दें हालाँकि राहुल गांधी ने कहा हमें गृह मंत्री का भाषण सुनने में कोई रुचि नहीं है हमें जवाब चाहिए, जिसपर गृह मंत्री ने कहा इतने गंभीर मुद्दे पर ऐसे चर्चा नहीं होती संसद नियम से चलती है किसी की मनमर्जी से नहीं, वे स्पीकर को पत्र दें लेकिन विपक्ष ने कोई पत्र नहीं दिया और अमित शाह सदन में नहीं आये और फिर आज सत्र समाप्त हो गया।

मानसून सत्र में कुल 12 बिल पास, केवल एक पर चर्चा    

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र आज खत्म हो गया। हम इसे दो नज़रिए से देखते हैं। कामकाज के लिहाज़ से यह सत्र बहुत सफल रहा हमने कुल 12 बिल पास किए। हालाँकि, बहस और चर्चा के नज़रिए से यह उतना सफल नहीं रहा। लोकसभा में, कुल तय समय के मुकाबले हमारी प्रोडक्टिविटी सिर्फ़ 19% रही। राज्यसभा में प्रोडक्टिविटी 39% रही; जहाँ विपक्षी पार्टियों ने हंगामा किया और कभी-कभी वॉकआउट किया, वहीं NDA की ज़्यादातर पार्टियों और कुछ विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया, उन्होंने कहा सिर्फ़ एक बिल, जो परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के मुद्दे से जुड़ा था, उस पर लोकसभा में पूरी चर्चा हुई, इस सत्र के दौरान ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट’ पास किया गया। इस कानून पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा हुई।

सत्ता पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर 

बहरहाल संसद का मानसून सत्र शोर शराबे, हंगामे और प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया और  समाप्त हो गया , भाजपा इसके लिए विपक्ष के रवैये को दोष दे रही है और उसे जनविरोध ख रही है वहीं विपक्ष  ने कहा सत् आमीन बैठे ये लोग लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं और संसद सदस्यों का मनोबल गिराना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि उनके सामने संसद कुछ भी नहीं है, कि वे ही सब कुछ हैं तो जनता उनका अहंकार तोड़ देगी

Continue reading on the app

साइबर लिटरेसी- मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फ्रॉड:मोटी कमाई के लालच में न आएं, एक्सपर्ट से समझें कि इस स्कैम से कैसे बचें

फर्ज करिए, आपके पास खेत, खाली प्लॉट या मकान की बड़ी छत है। एक दिन अचानक कॉल या मैसेज आता है कि आप वहां मोबाइल टावर लगवाकर हर महीने 30-50 हजार रुपए किराया कमा सकते हैं। कई लोग बिना कोई जांच-पड़ताल किए इस आकर्षक ऑफर पर भरोसा कर लेते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर जालसाज ठगी को अंजाम दे रहे हैं। वे खुद को किसी टेलीकॉम कंपनी या सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर मोटे किराये, एडवांस पेमेंट और नौकरी का लालच देते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस, एनओसी या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर पैसे ऐंठते हैं। कई मामलों में आधार, पैन और जमीन के डॉक्यूमेंट्स लेकर पहचान और आइडेंटिटी से जुड़ी धोखाधड़ी भी करते हैं। हाल ही में प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज हम टावर लगाने के नाम पर होने वाले इस स्कैम के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फ्रॉड कैसे हो रहा है? जवाब- ठग पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं। फिर फर्जी दस्तावेज और बड़े किराये का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं। इसके बाद अलग-अलग बहानों से पैसे और जरूरी दस्तावेज मांगते हैं। पूरा स्कैम ग्राफिक में देखिए- सवाल- ठग लोगों को किस तरह अपने जाल में फंसाते हैं? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- जालसाज किन लोगों को ज्यादा निशाना बनाते हैं? जवाब- ठग आमतौर पर ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं, जिनके पास खेत, खाली प्लॉट या बड़ी छत होती है। वे ऐसे लोगों को भी टारगेट करते हैं, जिन्हें इस तरह के स्कैम की जानकारी कम होती है। इनमें शामिल हैं- सवाल- ठग टावर लगवाने के लिए कौन-से डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं और इन्हें शेयर करने के क्या रिस्क हैं? जवाब- ठग टावर लगवाने के नाम पर प्रॉपर्टी और आइडेंटिटी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं। बाद में ठगी और ब्लैकमेलिंग के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। ग्राफिक में पूरे डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट देखिए- सवाल- ठग किन बहानाें से पैसे मांगते हैं? जवाब- ठग पैसे ऐंठने के लिए अलग-अलग फीस और चार्ज का बहाना बनाते हैं, जैसेकि- याद रखें, कोई भी वैध टेलीकॉम कंपनी टावर लगाने के लिए मकान मालिक से इस तरह की फीस नहीं मांगती है। सवाल- अगर कोई मोबाइल टावर लगाने का ऑफर दे तो क्या करें? जवाब- बिना आवेदन के मोबाइल टावर लगाने का ऑफर आमतौर पर फर्जी होता है। अगर ऐसा ऑफर आए तो- सवाल- मोबाइल टावर के नाम पर होने वाले स्कैम से कैसे बचें? जवाब- मोबाइल टावर लगाने का कोई भी ऑफर मिलने पर पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। थोड़ी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। इसलिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ध्यान रखें- सवाल- क्या टेलीकॉम कंपनियां टावर लगाने के लिए सीधे लोगों से संपर्क करती हैं? जवाब- बड़ी टेलीकॉम कंपनियां या उनके अधिकृत इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर तय प्रक्रिया के तहत काम करते हैं। वे व्यक्तिगत रूप से लोगों से संपर्क नहीं करते हैं। अगर कोई कॉल, मैसेज या फर्जी कागजात के जरिए आकर्षक ऑफर का लालच देता है, तो वह फ्रॉड है। सवाल- क्या असली मोबाइल कंपनियां टावर लगाने के लिए पैसे मांगती हैं? जवाब- नहीं, वैध कंपनियां जमीन या छत उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग, एनओसी, सिक्योरिटी डिपॉजिट या इंस्टॉलेशन फीस नहीं मांगतीं। अगर कोई पहले पैसे जमा करने की बात कहे तो वह फ्रॉड है। सवाल- क्या सरकारी विभाग या DoT मोबाइल टावर लगाने के लिए कोई NOC जारी करता है? जवाब- मोबाइल टावर लगाने की प्रक्रिया में अलग-अलग स्थानीय निकायों और संबंधित नियमों के अनुसार अनुमति ली जाती है। लेकिन कोई सरकारी विभाग या DoT (डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन) फोन, वॉट्सएप या ईमेल के जरिए मोबाइल टावर लगाने के लिए NOC जारी करने के नाम पर पैसे नहीं मांगता। अगर कोई NOC या सरकारी मंजूरी के बदले फीस जमा करने को कहे, तो वह फ्रॉड है। सवाल- फर्जी एग्रीमेंट, लेटर या सरकारी डॉक्यूमेंट की पहचान कैसे करें? जवाब- ठग अक्सर ऐसे डॉक्यूमेंट तैयार करते हैं, जो पहली नजर में असली लगते हैं। इसलिए केवल लेटरहेड या मुहर देखकर भरोसा न करें। ग्राफिक में फर्जी दस्तावेज पहचानने के टिप्स देखिए- सवाल- अगर गलती से पैसे दे दिए हैं तो क्या करें? जवाब- सबसे पहले घबराएं नहीं। जितनी जल्दी कार्रवाई करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। ऐसी स्थिति में- सवाल- मोबाइल टावर फ्रॉड की शिकायत कहां और कैसे करें? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- मोबाइल टावर लगवाने की सही प्रक्रिया क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से पूरी प्रक्रिया समझिए- सवाल- मोबाइल टावर लगवाने पर लगभग कितना किराया मिलता है? जवाब- मोबाइल टावर का किराया किसी तय दर पर नहीं होता। यह शहर, इलाके, जमीन या छत के आकार, नेटवर्क की जरूरत और कंपनी की शर्तों पर निर्भर करता है। अलग-अलग क्षेत्रों में यह राशि अलग हो सकती है। ………………………… ये खबर भी पढ़ें… साइबर लिटरेसी- वॉट्सएप पर 'बॉस बनकर' कर रहे ठगी:स्कैमर ZIP फाइल भेजकर प्रोफेशनल्स को बनाते निशाना, जानें इस स्कैम से कैसे बचें फर्ज करिए, आप जॉब करते हैं। अचानक आपके बॉस के नाम से वॉट्सएप पर ZIP फाइल के साथ एक मैसेज आता है- "इसे तुरंत चेक करें।" ऐसे में संभव है कि आप इसे जरूरी ऑफिस फाइल समझकर बिना ज्यादा सोचे-समझे डाउनलोड कर लें। ये खबर भी पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

13 चौके-छक्के… RCB ने बिना मौका दिए किया था बाहर, अब उसी ने 45 गेंदों में 82 रन ठोक मचाया गदर

Swastik Chikara: उत्तर प्रदेश टी20 लीग 2026 में स्वास्तिक चिकारा के बल्ले से एक तूफानी पारी देखने को मिली. उन्होंने सीजन के 5वें मैच में गोरखपुर लायंस के खिलाफ चौकों-छक्कों की बरसात कर दी. Sun, 16 Aug 2026 23:07:06 +0530

  Videos
See all

Amroha Gajraula Murder Case: लाठी-डंडों से पीटकर हत्या, फिर जबरन कराए समझौते पर दस्तखत, 2 गिरफ्तार #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T22:00:21+00:00

The 2010 coalition talks Old Newscast: who would form the government? | BBC Newscast #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T21:33:35+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers