दावा- अमेरिकी नौसैनिकों ने वॉरशिप से कूदने की कोशिश की:ईरान जंग के दौरान तनाव से जूझ रहे; इस वॉरशिप पर 5000 मरीन
अमेरिकी वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिक मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रहे हैं। नेवी टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर तैनात 6 अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। USS अब्राहम लिंकन करीब 9 महीने से समुद्र में है। ये वॉरशिप ईरान जंग के दौरान लगातार 250 से ज्यादा दिन तक बिना किसी पोर्ट पर रुके समुद्र में चल रहा है। इस पर करीब 5,000 अमेरिकी मरीन तैनात हैं। 3 महीने पहले लौटना था लेकिन मिशन बढ़ा जहाज 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से रवाना हुआ था। इसे पहले प्रशांत क्षेत्र में जाना था, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इसे पश्चिम एशिया भेज दिया गया। इस तैनाती को पहले मई में खत्म होना था, लेकिन इसे कई बार आगे बढ़ाया गया। लगातार बढ़ती तैनाती और लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर जहाज पर तैनात लोगों की मानसिक और शारीरिक हालत पर पड़ रहा है। वॉरशिप पर खाने में सिर्फ आधा कप चावल मिल रहा मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज पर रहने की खराब होती सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कैलिफोर्निया के सांसद माइक लेविन ने X पर लिखा कि जहाज पर तैनात नौसैनिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, रक्षा मंत्री बोले- जहाज में सब सही, फेक न्यूज फैलाई खराब हालात से जुड़ी रिपोर्टों को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वॉरशिप पर ऐसी कोई परेशानियां नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोग बस फेक न्यूज फैला रहे हैं। इसके जवाब में माइक लेविन ने रक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये सैनिक अपने देश की सेवा करने के लिए सेना में शामिल हुए हैं। देश को कम से कम उन्हें गर्म पानी, काम करने वाला टॉयलेट और अच्छा खाना तो देना ही चाहिए। लेविन ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ये बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दे पा रहे हैं और इसके बावजूद परिवारों के सामने खड़े होकर उन्हें झूठा कह रहे हैं। नौसैनिक ने पत्नी को मैजेस किया- अगली सुबह आंख न खुले इससे पहले सैन डिएगो में करीब 200 परिवारों ने एक टाउन हॉल में कार्यवाहक नौसेना सेक्रेटरी हंग काओ के सामने अपनी चिंताएं रखीं। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों ने बताया कि लंबे मिशन का उनके रिश्तेदारों पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक महिला ने हंग काओ को बताया कि उसके पति ने उसे मैसेज किया था कि वह उम्मीद करता है कि अगली सुबह उसकी आंख न खुले। एक अन्य परिवार के सदस्य ने नौसेना के नेतृत्व पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहले परिवारों को नौसेना के लीडरशिप पर भरोसा था, लेकिन अब वह भरोसा खत्म हो गया है। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की वफादार कैरोलिन लेविट ने नौकरी छोड़ी:पत्रकारों पर तंज के लिए मशहूर थीं, कहा- अच्छी मां बनना चाहती हूं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाने वाली व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
शोर शराबे, हंगामे और प्रदर्शन की भेंट चढ़ा संसद का मानसून सत्र, लोकसभा-राज्यसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित
देश के कई हिस्से भले ही अच्छे मानसून की आस लगाये बैठे हैं लेकिन संसद का मौसम कैसा बिगड़ा ये देश ने देख लिया, मतदाता ने जिस जिम्मेदारी के लिए सत्ता को चुना और जो जिम्मेदारी निभाने के लिए विपक्ष बना दोनों ही तरफ के सांसदों ने अपने व्यक्तिगत हितों को ऊपर रखते हुए देश की जनता को निराश किया और 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र आज 13 अगस्त को समाप्त हो गया, जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी थी लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में सिर्फ हंगामा और शोर शराबा होता रहा, विपक्ष ने सदन के अंदर से लेकर बाहर तक लगातार पूरे सत्र में हंगामा किया तो सत्र समाप्ति से ठीक पहले सत्ता पक्ष ने भी विरोध प्रदर्शन किया और लोकसभा एवं राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई।
संसद के मानसून सत्र पर देश की निगाहें थी , इस सत्र में एंटी पेपर लीक बिल, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का बिल, महिला संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक, FCRA बिल सहित अन्य कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी थी लेकिन इसमें से केवल एंटी पेपर लीक बिल चर्चा के बीच पास हो पाया शेष कुछ बिल बिना चर्चा के पास हुए और कुछ अटक गए, विपक्ष के सांसदों ने एक राय होकर केवल दो मुद्दे राम मंदिर दान चोरी और दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस बर्बरता को सबसे महत्वपूर्ण माना और सरकार से जवाब मांगा।
20 जुलाई को जब सत्र शुरू हुआ और उसी दिन जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने संसद का घेराव किया और तभी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज , आंसू गैस के गोले, पैलेट गान का इस्तेमाल किया जिसमें कई छात्र घायल हो गए विपक्ष खासकर कांग्रेस इसे लेकर सरकार पर हमलावर हो गए राहुल गांधी ने इसके खिलाफ कैम्पेन चलाया, उनके साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित पूरे विपक्ष ने पुलिस बर्बरता के लिए गृह मंत्री अमित शाह को दोषी कहा और उनसे जवाब मांगा।
छात्र आंदोलन, पुलिस बर्बरता और राम मंदिर दान चोरी मुद्दा रहा प्रमुख
इस घटना के अगले दिन जब संसद शुरू हुई तो विपक्ष ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, संसद के अन्दर और बाहर दोनों सदनों में विपक्ष ने कड़े तेवर दिखाए, राहुल गांधी ने सीधे शब्दों में कहा छात्रों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया, आरोप सुनकर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी से उस आदेश की कॉपी सदन में रखने की मांग की तो राहुल ने कहा मैंने ये कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्री के दायरे में आती है तो गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री ही देंगे, उधर समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव के नेतृत्व में राम मंदिर दान चोरी को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया इसके बाद सत्र के अंतिम दिन यानि आज तक विपक्ष के प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा।
कांग्रेस सत्तापक्ष पर हमलावर तो भाजपा ने राहुल के खिलाफ किया प्रदर्शन
कांग्रेस ने अमित शाह के सदन में नहीं आने पर आपत्ति जताई उनसे सदन में आकर जवाब देने की मांग की साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाये उनसे माफ़ी मांगने की मांग की इस बीच झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसके बाद वहां के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से इस्तीफा नहीं मांगने पर सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी और विपक्ष को घेरा और दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, सत्र समाप्ति के अंतिम दौर में कई बार प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने भी आये लेकिन सदन में कोई चर्चा नहीं हुई, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति लगातार सांसदों से चर्चा का आग्रह करते रहे लेकिन सभी सांसदों ने आसंदी के अनुरोध को भी अपनी जिद के सामने दरकिनार कर दिया।
अमित शाह ने कहा वे जवाब देने तैयार, राहुल बोले हमें भाषण नहीं सुनना
गृह मंत्री से लगातार जवाब मांग रहे राहुल गांधी और समूचे विपक्ष को जवाब देते हुए सत्र समाप्ति से ठीक पहले कल बुधवार 12 अगास्त को गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे जवाब देने के लिए तैयार हैं लेकिन विपक्ष सदन तो चलने दे , उन्होंने कहा वो रोज संसद आते हैं अपने चेंबर में रहते हैं लेकिन जब सत्र ही नहीं चलता विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित होती है तो कहाँ जवाब दें हालाँकि राहुल गांधी ने कहा हमें गृह मंत्री का भाषण सुनने में कोई रुचि नहीं है हमें जवाब चाहिए, जिसपर गृह मंत्री ने कहा इतने गंभीर मुद्दे पर ऐसे चर्चा नहीं होती संसद नियम से चलती है किसी की मनमर्जी से नहीं, वे स्पीकर को पत्र दें लेकिन विपक्ष ने कोई पत्र नहीं दिया और अमित शाह सदन में नहीं आये और फिर आज सत्र समाप्त हो गया।
मानसून सत्र में कुल 12 बिल पास, केवल एक पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र आज खत्म हो गया। हम इसे दो नज़रिए से देखते हैं। कामकाज के लिहाज़ से यह सत्र बहुत सफल रहा हमने कुल 12 बिल पास किए। हालाँकि, बहस और चर्चा के नज़रिए से यह उतना सफल नहीं रहा। लोकसभा में, कुल तय समय के मुकाबले हमारी प्रोडक्टिविटी सिर्फ़ 19% रही। राज्यसभा में प्रोडक्टिविटी 39% रही; जहाँ विपक्षी पार्टियों ने हंगामा किया और कभी-कभी वॉकआउट किया, वहीं NDA की ज़्यादातर पार्टियों और कुछ विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया, उन्होंने कहा सिर्फ़ एक बिल, जो परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के मुद्दे से जुड़ा था, उस पर लोकसभा में पूरी चर्चा हुई, इस सत्र के दौरान ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट’ पास किया गया। इस कानून पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा हुई।
सत्ता पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर
बहरहाल संसद का मानसून सत्र शोर शराबे, हंगामे और प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया और समाप्त हो गया , भाजपा इसके लिए विपक्ष के रवैये को दोष दे रही है और उसे जनविरोध ख रही है वहीं विपक्ष ने कहा सत् आमीन बैठे ये लोग लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं और संसद सदस्यों का मनोबल गिराना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि उनके सामने संसद कुछ भी नहीं है, कि वे ही सब कुछ हैं तो जनता उनका अहंकार तोड़ देगी
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