कांग्रेस के प्रस्ताव और जनता के भारी दबाव में हुई थी सावरकर की रिहाई, अदालत में पोते का बड़ा दावा
वी.डी. सावरकर पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर दायर आपराधिक मानहानि के मामले में पुणे की एक अदालत में सुनवाई के दौरान गरमाहरम बहस हुई, जिसमें सावरकर के पोते सात्यकि ने ये दावा किया है।
मोहन भागवत का बड़ा बयान, बोले – ‘विभाजन के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं थे’, पढ़ें यह खबर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आए लोगों को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को शरणार्थी कहना उचित नहीं है। उनके अनुसार ये लोग संघर्ष के योद्धा थे, जिन्होंने अपनी पीढ़ियों से जुड़ी संपत्ति, कारोबार और घर छोड़कर भारत को चुना। भागवत ने कहा कि उनका फैसला केवल रहने की जगह बदलने का नहीं, बल्कि अपने विश्वास और जीवन मूल्यों को बचाने का था।
दरअसल नागपुर में सिंधु एजुकेशन सोसाइटी के 75वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि भारत के विभाजन के समय देश को एक बनाए रखने की कोशिश सफल नहीं हो सकी, लेकिन जो लोग भारत आए उन्होंने अपने धर्म और पहचान के साथ समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन के लिए भारत को चुना, इसलिए उन्हें केवल शरणार्थी कहना उनके संघर्ष को छोटा करना होगा।
मोहन भागवत ने शिक्षा और संस्कारों को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत
वहीं अपने संबोधन में मोहन भागवत ने शिक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए। अगर पढ़ाई केवल रोजगार तक सीमित रह जाएगी तो समाज मजबूत नहीं बन पाएगा। उनके मुताबिक, अच्छी शिक्षा वही है जो इंसान को सही-गलत का फर्क समझाए और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दे।
मुश्किलों का सामना करना ही सफलता की असली पहचान: मोहन भागवत
दरअसल उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। किताबों से ज्ञान मिलता है, लेकिन व्यवहार और संस्कार शिक्षकों के आचरण से सीखने को मिलते हैं। भागवत ने यह भी कहा कि जीवन में मुश्किलें हर किसी के सामने आती हैं, लेकिन उनसे भागने के बजाय उनका सामना करना ही सफलता की असली पहचान है। जो लोग चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं और समाज के लिए उदाहरण बनते हैं।
RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों पर भी दिया बड़ा अपडेट
दरअसल मोहन भागवत ने संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक आयोजित करेगा। इस बैठक में संगठन के भविष्य के कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा होगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ के प्रचारकों के जीवन पर आधारित 100 वीडियो जारी किए जाएंगे। साथ ही ‘डॉ. हेडगेवार : आधुनिक युग के शालिवाहन’ विषय पर तैयार विशेष वीडियो का भी सार्वजनिक प्रसारण किया जाएगा। 5 जुलाई को नागपुर में ‘सनमार्ग माइंड वेलनेस सेंटर’ का उद्घाटन भी प्रस्तावित है, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है।
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