Gen Z पर फिर बोलीं कंगना: कहा- 'जंतर-मंतर पर शबाना आजमी टाइप के लोग भी थे... मुझपर एजेंडा मत चलाओ'; VIDEO
Kangana Ranaut on Gen Z: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर जेन-जी को लेकर दिए अपने 'गटर जनरेशन' वाले बयान को लेकर सफाई दी है। कंगना ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर कर कहा कि उन्होंने पूरे Gen Z पीढ़ी को लेकर यह बयान नहीं दिया था। साथ ही उन्होंने उनके खिलाफ एजेंडा फैलाने वालों को लेकर भी ललकारा है।
'पूरी Gen Z को नहीं कहा था गटर जनरेशन'
कंगना ने अपनी सफाई में कहा कि उनके बयान को जिस तरह पेश किया जा रहा है, वह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह दावा करता है कि उन्होंने पूरे देश के युवाओं या पूरी Gen Z पीढ़ी को 'गटर छाप' कहा, तो वह उनका कोई ऐसा विशिष्ट बयान दिखाए, जिसमें उन्होंने पूरी पीढ़ी को शामिल किया हो।
जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों की संख्या और 'जेन ज़ी' (Gen Z) आबादी की तुलना करते हुए, कंगना ने कहा कि उनकी टिप्पणी देश के सभी युवाओं के लिए नहीं थी। उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर पर 10,000 लोग इकट्ठा हुए थे, जिनमें से आधे से ज़्यादा लोग शबाना आज़मी जैसे थे; आपने देखा होगा कि वहां हर उम्र के लोग घूम रहे थे।" उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन में अलग-अलग उम्र के लोग शामिल थे, इसलिए उन्होंने इसे 'जेन ज़ी प्रोटेस्ट' (Gen Z protest) कहे जाने पर सवाल उठाया।
Kangana replied back to congress mp on her insta story of genz accusation #KanganaRanaut pic.twitter.com/IkG91ovo1J
— Kangana Updates (@KR_Insta2) August 13, 2026
अभिनेत्री ने कहा कि देश में Gen Z की आबादी करोड़ों में है, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या उससे काफी कम थी। उनके मुताबिक, इसलिए कुछ हजार लोगों के प्रदर्शन को पूरी Gen Z का प्रतिनिधित्व बताना उचित नहीं है।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर कंगना का सवाल
कंगना ने अपने बयान में जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अलग-अलग उम्र के लोग मौजूद थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिन्हें उन्होंने 'शबाना आजमी टाइप' का बताया।
कंगना के मुताबिक, अगर प्रदर्शन में अलग-अलग आयु वर्ग के लोग शामिल थे तो उसे केवल Gen Z का प्रदर्शन कहना सही नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि वहां मौजूद लोगों में Gen Z की संख्या करीब 2,000 के आसपास रही होगी।
इसी को आधार बनाते हुए कंगना ने सवाल किया कि जब प्रदर्शन में अलग-अलग उम्र के लोग शामिल थे, तो इसे Gen Z का प्रदर्शन क्यों कहा जा रहा है।
कंगना ने दिया 'ओपन चैलेंज'
अपने स्पष्टीकरण के दौरान कंगना ने उन लोगों को खुली चुनौती दी, जो यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने पूरी Gen Z पीढ़ी का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि कोई उनके बयान का ऐसा खास हिस्सा दिखाए, जिसमें उन्होंने पूरी पीढ़ी को अपनी टिप्पणी में शामिल किया हो। कंगना ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बेवजह का एजेंडा चलाया जा रहा है।
आखिर क्या था कंगना का 'गटर जनरेशन' विवाद?
कंगना का यह विवाद उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन में शामिल कुछ युवा महिलाओं को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने अपने पोस्ट में ऐसे युवाओं को 'Generation Gutter' कहकर संबोधित किया था।
अपने पोस्ट में कंगना ने कुछ युवा महिलाओं की पढ़ाई, जीवनशैली और व्यक्तिगत चुनावों को लेकर भी आलोचनात्मक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने स्वतंत्र जीवन जीने की बात करते हुए कहा था कि आजादी के साथ जिम्मेदारी और जवाबदेही भी जरूरी है।
इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कंगना की आलोचना हुई। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणी पूरी Gen Z पीढ़ी के लिए थी। इसके बाद कंगना लगातार यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही हैं कि उनका निशाना पूरी पीढ़ी नहीं, बल्कि एक खास प्रदर्शन में शामिल लोगों का समूह था।
क्या भारत WTC के फाइनल में पहुंच सकता है:100% गारंटी के लिए सभी 9 मैच जीतने होंगे; श्रीलंका से हारे तो राह कठिन
टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन में अपने आधे मैच खेल चुकी है। टीम 48.15% पॉइंट्स के साथ 5वें स्थान पर है। भारत को 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। भारत के फाइनल में पहुंचने के क्या समीकरण हैं और श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का टीम की उम्मीदों पर क्या असर होगा आगे पढ़िए… भारत फाइनल में कैसे पहुंच सकता है? फाइनल में पहुंचने के लिए टॉप-2 में रहना जरूरी हैा। भारत अगर अपने बाकी 9 मैच जीत लेता है तो उसके 74.07 परसेंट पॉइंट्स होंगे और टॉप-2 फिनिश पक्का हो जाएगा। एक भी मैच हारने पर भारत के 68.52 परसेंट पॉइंट्स होंगे। इस स्थिति में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा। 2 मैच हारने की स्थिति में भारत का फाइनल में पहुंचना लगभग असंभव हो जाएगा। श्रीलंका से हारे तो पाकिस्तान से भी पिछड़ सकते हैं श्रीलंका दौरे के 5 पॉसिबल रिजल्ट हैं। 2-0 से सीरीज जीतने पर टीम इंडिया के 57.58% अंक हो जाएंगे। इसी दौरान अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश को एक भी मैच हरा देती है, तो भारत चौथे स्थान पर आ जाएगा। वहीं, 0-2 से हारने की स्थिति पर भारतीय टीम के 36.36 परसेंट पॉइंट्स हो जाएंगे और वह श्रीलंका से भी नीचे हो जाएगी। यहां से फाइनल की राह बेहद मुश्किल हो जाएंगी। इस स्थिति में भारत पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान से भी पीछे हो सकता है। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तान को इंग्लैंड पर 3–0 से जीत दर्ज करनी होगी। अभी 9 मुकाबले बाकी; 3 सीरीज खेलनी हैं मौजूदा साइकल में भारतीय टीम को 9 मैच खेलने हैं। इनमें 2 मैच श्रीलंका, 2 मैच न्यूजीलैंड और 5 मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम सीरीज में खेलने हैं। श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया को नवंबर महीने में न्यूजीलैंड दौरे पर जाना है। उसके बाद 5 मैचों की होम सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है। साउथ अफ्रीका से क्लीन स्वीप ने नुकसान पहुंचाया शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे से अपने अभियान का आगाज किया। टीम ने वहां 5 मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। इंग्लैंड से लौटने के बाद वेस्टइंडीज को होम कंडीशंस में वेस्टइंडीज को 2-0 से हरा दिया। यहां तक सब ठीक था। लेकिन, पिछले साल उसे वर्ल्ड चैंपियन साउथ अफ्रीका ने 2 मैचों की सीरीज में 2-0 से हराते हुए क्लीन स्वीप किया। यहीं भारतीय टीम पॉइंट्स टेबल में पिछड़ गई।
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